{"_id":"5e81e0ac8ebc3e72f126c28c","slug":"ganges-of-your-bones-due-to-corona-rewari-news-rtk548865747","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की वजह से अपनों की अस्थियां गंगा में विसर्जित नहीं कर पा रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की वजह से अपनों की अस्थियां गंगा में विसर्जित नहीं कर पा रहे लोग
विज्ञापन
कोरोना की वजकोरोना संक्रमण ने आम आदमी से लेकर उनकी आस्था तक पर भी प्रहार किया है। लॉकडाउन की वजह से कुछ ऐसे परिवारों के पूर्वजों की अस्थियां गंगा में विसर्जित नहीं हो पा रही हैं। जिनके यहां कुछ समय पहले किसी अपने का स्वर्गवास हो गया था। उत्तराखंड प्रशासन ने बाहरी लोगों की अपने राज्य में प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में बाहरी राज्यों के लोगों को उत्तराखंड की सीमा से लौटना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं जिन लोगों ने अपने जिले से कर्फ्यू पास बनवाए हुए हैं उन्हें भी लौटना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को श्मशान घाट में ही पूर्वजों की अस्थियां रखनी पड़ रही हैं। वहीं इस वजह से लोगों को अपने रीति-रिवाज भी पूरे करने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
यूं तो रेवाड़ी जिले में ऐसे कई परिवार हैं। लेकिन एक व्यक्ति ने बताया परिवार में कुछ दिन पूर्व एक बुजुर्गों का देहांत हो गया था। मृतक के पारिवारिक सदस्य प्रशासन से अनुमति और पास बनवाकर अस्थियों को विसर्जित करने के लिए हरिद्वार गए गए थे, लेकिन उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इतना ही नहीं जिन लोगों ने अपने जिले से कर्फ्यू पास बनवाए हुए हैं उन्हें भी लौटना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को श्मशान घाट में ही पूर्वजों की अस्थियां रखनी पड़ रही हैं। वहीं इस वजह से लोगों को अपने रीति-रिवाज भी पूरे करने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
यूं तो रेवाड़ी जिले में ऐसे कई परिवार हैं। लेकिन एक व्यक्ति ने बताया परिवार में कुछ दिन पूर्व एक बुजुर्गों का देहांत हो गया था। मृतक के पारिवारिक सदस्य प्रशासन से अनुमति और पास बनवाकर अस्थियों को विसर्जित करने के लिए हरिद्वार गए गए थे, लेकिन उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं।
विज्ञापन