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नोकझोंक पर भी नहीं बनी बात, पुलिस पहुंची तो पांच को देना पड़ा दोगुना टोल
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कैश लेन पर लगी वाहनों की लंबी लाइन।
- फोटो : Rewari
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रविवार की रात से ही रेवाड़ी-रोहतक गंगायचा टोल प्लाजा पर फास्ट टैग व्यवस्था शुरू हो गई। पहले दिन तमाम प्रयासों के बावजूद वाहन संचालकों व टोल कर्मियों में नोकझोंक होती रही। क्योंकि कैश देने वाले वाहन चालक फास्ट टैग वाली लेन में घुस गए थे, लेकिन जुर्माना के तौर पर दोगुना टोल मांगा गया तो लड़ाई पर उतारू हो गए। पहले से ही तैनात पुलिस कर्मियों के पहुंचने पर ऐसे चालकों को डबल टोल देना पड़ा। पहले दिन पांच चालकों से नियम तोड़ने पर दो गुना टोल वसूला गया। वहीं रविवार को 6 हजार में से महज 2220 वाहन चालक ही फास्ट टैग लेन से गुजरे, ऐसे में कैश लेन में लंबी लाइन लगी रही। जिससे लोगों को परेशानी हुई। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से रात 12 बजे से ही एक एसआई, एक एएसआई सहित 12 पुलिस कर्मियों की टीम तैनात कर दी गई थी। आम दिनों में इस टोल प्लाजा से हर रोज करीब 9 हजार वाहन गुजरते हैं।
फास्ट टैग बवाने के लिए प्लाजा पर लगी रही लाइन
हाईवे अथॉरिटी की ओर से नई व्यवस्था को एक दिसंबर से शुरू किया जाना था, लेकिन टैग अधिक से अधिक लोग बनवा सकें, तारीख बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई थी। बावजूद इसके लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। टोल अधिकारियों के अनुसार करीब 30 फीसदी वाहन चालकों ने ही टैग बनवाया है। लेकिन जैसे ही रविवार को लोगों को परेशानी बढ़ी, टोल प्लॉजा पर टैग लगवाने वालों की भीड़ लग गई। प्लाजा पर दो बूथ बनाकर स्टीकर लगाए जा रहे हैं। रविवार को लोगों ने लाइन में लगकर स्टीकर लगवाए।
फास्ट टैग लेन में स्टीकर वाले जाएं, लगाई पुलिस
व्यवस्था को सुुचारु बनाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है। रविवार को गंगायचा टोल प्लाजा के दोनों ओर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए। प्लाजा सिक्योरिटी की ओर से पुलिस के साथ मिलकर बूथ से पहले ही बैरियर लगाकर टैग है या नहीं इसको सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं, इसके बाद वाहन चालकों उनकी लेन के हिसाब से आगे भेजा जा रहा है। हालांकि बावजूद इसके बिना टैग वाले कुछ वाहन चालक टैग लेन में घुस गए। इसके चलते उन्हें जुर्माना भी भरना पड़ा।
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रोडवेज बसों ने फास्ट टैग लेन को किया बाधित
निजी वाहन तो दूर अभी तक सरकारी वाहन चालकों ने भी फास्ट टैग नहीं लगवाए हैं। रविवार को दोपहर करीब दो बजे रोहतक की तरफ से आई रोडवेज बस फास्ट टैग वाली लाइन में घुस गई, लेकिन जांच में पता चला कि उनका टैग ब्लैक लिस्ट हो चुका है। करीब 10 मिनट तक बस फास्ट टैग लाइन में ही खड़ी रही। एक रोडवेज बस नहीं कई बसों में ऐसा पाया गया। ऐसे में जरूरी है कि सरकारी वाहनों को सर्वप्रथम अपने वाहनों पर फास्ट टैग लगवाना जरूरी है ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्लाजा पर ही ऑनलाइन में भी ले सकते हैं टैग
फास्ट टैग को चार जगह से खरीद सकते हैं। एनएचएआई द्वारा बनाए गए बिक्री केंद्रों से, बैंक से, ऑनलाइन शॉपिंग साइट से या फिर ऑनलाइन पेमेंट वॉलेट एप से टैग खरीदा जा सकता है। टोल प्लाजा पर बने बिक्री केंद्र से भी फास्ट टैग खरीद सकते हैं। एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, पेटीएम, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक या अन्य बैंक से भी ख्रीदा जा सकता है। इसके लिए बैंक में खाता होना जरूरी नहीं है।
24 घंटे में वापस लौटने पर पर मिलता है फायदा
फास्ट टैग से 24 घंटे में उन्हीं टोल से वापस आने पर आधी टोल राशि ही कटेगी जबकि टोल से जाते समय एक तरफ की पूरी राशि काटेगी। इस प्रकार एक टोल से 24 घंटे में लौटने पर वाहन चालक को महज डेढ़ गुना राशि ही देनी होगी। इस सुविधा के बाद चालक को टोल पर्ची संभालकर रखने की जरूरत से मुक्ति मिलेगी।
जल्दी वालों के लिए टैग बनवाना जरूरी
10 में से महज दो लेन कैश वाहन चालकों के लिए बनाई गई है। क्योंकि अभी तक बहुत कम संख्या में फास्ट टैग बनवाए गए हैं, ऐसे में बिना फास्ट टैग वाले वाहन चालकों को लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि जल्दी जाना है तो वाहन पर फास्ट टैग लगवाना जरूरी है।
छुट्टी का दिन होने के चलते कम थे वाहन
टोल प्लाजा अधिकारी सुनील ने बताया कि रविवार को छुट्टी का दिन था, इसलिए वाहनों की संख्या भी कम थी। दो शिफ्टों में 6 हजार वाहन प्लाजा से गुजरे हैं। इनमें से 2220 वाहनों पर ही टैग लगा हुआ था। पांच को डबल टोल भी देना पड़ा है। सोमवार को वाहनों की संख्या ज्यादा रहेगी।
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फास्ट टैग बवाने के लिए प्लाजा पर लगी रही लाइन
हाईवे अथॉरिटी की ओर से नई व्यवस्था को एक दिसंबर से शुरू किया जाना था, लेकिन टैग अधिक से अधिक लोग बनवा सकें, तारीख बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई थी। बावजूद इसके लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। टोल अधिकारियों के अनुसार करीब 30 फीसदी वाहन चालकों ने ही टैग बनवाया है। लेकिन जैसे ही रविवार को लोगों को परेशानी बढ़ी, टोल प्लॉजा पर टैग लगवाने वालों की भीड़ लग गई। प्लाजा पर दो बूथ बनाकर स्टीकर लगाए जा रहे हैं। रविवार को लोगों ने लाइन में लगकर स्टीकर लगवाए।
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फास्ट टैग लेन में स्टीकर वाले जाएं, लगाई पुलिस
व्यवस्था को सुुचारु बनाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है। रविवार को गंगायचा टोल प्लाजा के दोनों ओर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए। प्लाजा सिक्योरिटी की ओर से पुलिस के साथ मिलकर बूथ से पहले ही बैरियर लगाकर टैग है या नहीं इसको सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं, इसके बाद वाहन चालकों उनकी लेन के हिसाब से आगे भेजा जा रहा है। हालांकि बावजूद इसके बिना टैग वाले कुछ वाहन चालक टैग लेन में घुस गए। इसके चलते उन्हें जुर्माना भी भरना पड़ा।
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रोडवेज बसों ने फास्ट टैग लेन को किया बाधित
निजी वाहन तो दूर अभी तक सरकारी वाहन चालकों ने भी फास्ट टैग नहीं लगवाए हैं। रविवार को दोपहर करीब दो बजे रोहतक की तरफ से आई रोडवेज बस फास्ट टैग वाली लाइन में घुस गई, लेकिन जांच में पता चला कि उनका टैग ब्लैक लिस्ट हो चुका है। करीब 10 मिनट तक बस फास्ट टैग लाइन में ही खड़ी रही। एक रोडवेज बस नहीं कई बसों में ऐसा पाया गया। ऐसे में जरूरी है कि सरकारी वाहनों को सर्वप्रथम अपने वाहनों पर फास्ट टैग लगवाना जरूरी है ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्लाजा पर ही ऑनलाइन में भी ले सकते हैं टैग
फास्ट टैग को चार जगह से खरीद सकते हैं। एनएचएआई द्वारा बनाए गए बिक्री केंद्रों से, बैंक से, ऑनलाइन शॉपिंग साइट से या फिर ऑनलाइन पेमेंट वॉलेट एप से टैग खरीदा जा सकता है। टोल प्लाजा पर बने बिक्री केंद्र से भी फास्ट टैग खरीद सकते हैं। एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, पेटीएम, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक या अन्य बैंक से भी ख्रीदा जा सकता है। इसके लिए बैंक में खाता होना जरूरी नहीं है।
24 घंटे में वापस लौटने पर पर मिलता है फायदा
फास्ट टैग से 24 घंटे में उन्हीं टोल से वापस आने पर आधी टोल राशि ही कटेगी जबकि टोल से जाते समय एक तरफ की पूरी राशि काटेगी। इस प्रकार एक टोल से 24 घंटे में लौटने पर वाहन चालक को महज डेढ़ गुना राशि ही देनी होगी। इस सुविधा के बाद चालक को टोल पर्ची संभालकर रखने की जरूरत से मुक्ति मिलेगी।
जल्दी वालों के लिए टैग बनवाना जरूरी
10 में से महज दो लेन कैश वाहन चालकों के लिए बनाई गई है। क्योंकि अभी तक बहुत कम संख्या में फास्ट टैग बनवाए गए हैं, ऐसे में बिना फास्ट टैग वाले वाहन चालकों को लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि जल्दी जाना है तो वाहन पर फास्ट टैग लगवाना जरूरी है।
छुट्टी का दिन होने के चलते कम थे वाहन
टोल प्लाजा अधिकारी सुनील ने बताया कि रविवार को छुट्टी का दिन था, इसलिए वाहनों की संख्या भी कम थी। दो शिफ्टों में 6 हजार वाहन प्लाजा से गुजरे हैं। इनमें से 2220 वाहनों पर ही टैग लगा हुआ था। पांच को डबल टोल भी देना पड़ा है। सोमवार को वाहनों की संख्या ज्यादा रहेगी।