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Rewari News: बाबू बालमुकुंद गुप्त पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित
Tue, 20 Aug 2024 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Aug 2024 02:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। गांव गुड़ियानी में जन्मे साहित्यकार बाबू बालमुकुंद गुप्त की पुण्यतिथि पर 18 सितंबर को जिला मुख्यालय पर बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद की ओर से बाबू बालमुकुंद गुप्त स्मृति समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें हिंदी और हरियाणवी रचनाकारों को उनके साहित्यिक योगदान के लिए बाबू बालमुकुंद गुप्त पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा।
इसके के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। दोनों वर्गों में न्यूनतम चार कृतियां देने वाले रचनाकार उक्त पुरस्कारों हेतु परिषद के रेवाड़ी मॉडल टाउन स्थित कार्यालय में लिखित आवेदन प्रकाशित कृतियां सहित हिंदी दिवस (14 सितंबर) तक भेज सकते हैं। परिषद के अध्यक्ष ऋषि सिंहल ने बताया कि गुप्त के भूले-बिसरे व्यक्तित्व एवं कृतित्व को चिरस्थायी एवं प्रेरणापुंज बनाने के उद्देश्य से गत 25 वर्षों से उक्त का स्मृति समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें गुप्त के प्रपौत्र बिमल गुप्त के सौजन्य से उक्त पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। विचार गोष्ठी व पुस्तक लोकार्पण के माध्यम से उन्हें याद किया जाता है। हर पुरस्कार में 5100 रुपये नकद, एक शॉल तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
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कोसली। गांव गुड़ियानी में जन्मे साहित्यकार बाबू बालमुकुंद गुप्त की पुण्यतिथि पर 18 सितंबर को जिला मुख्यालय पर बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद की ओर से बाबू बालमुकुंद गुप्त स्मृति समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें हिंदी और हरियाणवी रचनाकारों को उनके साहित्यिक योगदान के लिए बाबू बालमुकुंद गुप्त पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा।
इसके के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। दोनों वर्गों में न्यूनतम चार कृतियां देने वाले रचनाकार उक्त पुरस्कारों हेतु परिषद के रेवाड़ी मॉडल टाउन स्थित कार्यालय में लिखित आवेदन प्रकाशित कृतियां सहित हिंदी दिवस (14 सितंबर) तक भेज सकते हैं। परिषद के अध्यक्ष ऋषि सिंहल ने बताया कि गुप्त के भूले-बिसरे व्यक्तित्व एवं कृतित्व को चिरस्थायी एवं प्रेरणापुंज बनाने के उद्देश्य से गत 25 वर्षों से उक्त का स्मृति समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें गुप्त के प्रपौत्र बिमल गुप्त के सौजन्य से उक्त पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। विचार गोष्ठी व पुस्तक लोकार्पण के माध्यम से उन्हें याद किया जाता है। हर पुरस्कार में 5100 रुपये नकद, एक शॉल तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
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