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सामान्य वर्ग के पुरुष के सिर सजेगा धारूहेड़ा पंचायत समिति के अध्यक्ष पद का ताज
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धारूहेड़ा स्थित उपतहसील कार्यालय।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। धारूहेड़ा पंचायत समिति के गठन के बाद पहली बार मतदाता अपना अलग चेयरमैन चुनेंगे। पंचायत समिति में कुल ग्राम पंचायत 66, वार्ड 24 और जनसंख्या 108554 है। अब चेयरमैन पद भी सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। धारूहेड़ा खंड का गठन बावल व रेवाड़ी खंड के गांवों को हटाकर किया गया है। पहले इन लोगों को अपने कार्य के लिए रेवाड़ी या बावल खंड में जाना पड़ता था। इससे उनको काफी परेशानी होने के साथ उनको जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पाती थी। अब 9 नवंबर को पंचायत समिति के चुनाव होने है, जिसमें मतदाता वोट डालकर अपनी नई पंचायत समिति को चुनेंगे।
पंचायत समिति रेवाड़ी की चेयरपर्सन मसानी गांव से थी, अब नए खंड का गठन होने से मसानी गांव धारूहेड़ा खंड में चला गया है। रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में 30 गांव जाने से यहां के करीब 12 वार्ड रेवाड़ी पंचायत समिति से चले गए हैं। वहीं बावल खंड के 22 गांव भी इस पंचायत समिति में गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि धारूहेड़ा खंड का गठन होने से हमें काफी फायदा मिलेगा। हमारे गांवों के साथ राजस्थान का भी क्षेत्र लगता है, जिससे दोनों राज्यों के लोगों का आना जाना रहता है। कई गांव ऐसे है कि जिनकी आबादी भी 7 हजार से 10 हजार तक की है। घनी आबादी वाले गांवों में अधिकतर विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। गांवों में पेयजल आपूर्ति, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, परिवहन अन्य जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पाती हैं। अब हमारा पंचायत समिति का चेयरमैन होने से विकास कार्य के लिए भी ग्रांट भी अधिक मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि जो उम्मीदवार ईमानदारी से बिना भेदभाव और सबको साथ लेकर चलने वाले को ही वोट देंगे।
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पहले हमारा गांव रेवाड़ी पंचायत समिति में आता था, अब नए धारूहेड़ा ब्लॉक का गठन होने के बाद उसमें चला गया है। हमारे वार्ड में चेयरमैन पद सामान्य पुरुष के लिए है, जो विकास कार्य व युवाओं के मुद्दों को समझेगा उसी को वोट देंगे।
महाबीर मसानी।
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पहली बार धारुहेड़ा पंचायत समिति के चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में हमारे वार्ड की सभी जरूरी सुविधाएं पूरी होगी और समस्या खत्म होने की उम्मीद है। पहले हमारे गांवों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। -अधिवक्ता दयाकिशन खोला
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गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति व जल निकासी की समस्या है। पहले हमारा गांव रेवाड़ी पंचायत समिति में आता था, लेकिन अब धारूहेड़ा पंचायत समिति में है। धारुहेड़ा के नजदीक होने का भी हमें फायदा मिलेगा, जो उम्मीदवार बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाएगा उसी को मतदान करेंगे। -राजेश कुमार
कोट
समिति में सभी वार्डों में बराबर विकास कार्य करवाए गए हैं। सभी को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्या का भी समाधान करवाया गया है। सभी पंचायत समिति में रेवाड़ी पंचायत समिति सबसे आगे रही है। अब गांव को धारूहेड़ा ब्लॉक में शामिल कर दिया गया है।
-उर्मिला यादव, निवर्तमान चेयरपर्सन, पंचायत समिति, रेवाड़ी।
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पंचायत समिति रेवाड़ी की चेयरपर्सन मसानी गांव से थी, अब नए खंड का गठन होने से मसानी गांव धारूहेड़ा खंड में चला गया है। रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में 30 गांव जाने से यहां के करीब 12 वार्ड रेवाड़ी पंचायत समिति से चले गए हैं। वहीं बावल खंड के 22 गांव भी इस पंचायत समिति में गए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि धारूहेड़ा खंड का गठन होने से हमें काफी फायदा मिलेगा। हमारे गांवों के साथ राजस्थान का भी क्षेत्र लगता है, जिससे दोनों राज्यों के लोगों का आना जाना रहता है। कई गांव ऐसे है कि जिनकी आबादी भी 7 हजार से 10 हजार तक की है। घनी आबादी वाले गांवों में अधिकतर विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। गांवों में पेयजल आपूर्ति, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, परिवहन अन्य जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पाती हैं। अब हमारा पंचायत समिति का चेयरमैन होने से विकास कार्य के लिए भी ग्रांट भी अधिक मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि जो उम्मीदवार ईमानदारी से बिना भेदभाव और सबको साथ लेकर चलने वाले को ही वोट देंगे।
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पहले हमारा गांव रेवाड़ी पंचायत समिति में आता था, अब नए धारूहेड़ा ब्लॉक का गठन होने के बाद उसमें चला गया है। हमारे वार्ड में चेयरमैन पद सामान्य पुरुष के लिए है, जो विकास कार्य व युवाओं के मुद्दों को समझेगा उसी को वोट देंगे।
महाबीर मसानी।
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पहली बार धारुहेड़ा पंचायत समिति के चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में हमारे वार्ड की सभी जरूरी सुविधाएं पूरी होगी और समस्या खत्म होने की उम्मीद है। पहले हमारे गांवों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। -अधिवक्ता दयाकिशन खोला
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गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति व जल निकासी की समस्या है। पहले हमारा गांव रेवाड़ी पंचायत समिति में आता था, लेकिन अब धारूहेड़ा पंचायत समिति में है। धारुहेड़ा के नजदीक होने का भी हमें फायदा मिलेगा, जो उम्मीदवार बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाएगा उसी को मतदान करेंगे। -राजेश कुमार
कोट
समिति में सभी वार्डों में बराबर विकास कार्य करवाए गए हैं। सभी को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्या का भी समाधान करवाया गया है। सभी पंचायत समिति में रेवाड़ी पंचायत समिति सबसे आगे रही है। अब गांव को धारूहेड़ा ब्लॉक में शामिल कर दिया गया है।
-उर्मिला यादव, निवर्तमान चेयरपर्सन, पंचायत समिति, रेवाड़ी।