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Rewari News: ब्लड बैंक में एसडीपी मशीन लगाने के लिए फिर भेजी डिमांड

Tue, 16 Sep 2025 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 16 Sep 2025 11:38 PM IST
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Demand sent again to install SDP machine in blood bank
फोटो : 29नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड बैंक कक्ष। संवाद
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स मशीन (एसडीपी) लगाने को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने मुख्यालय को दोबारा से डिमांड भेजी है। यह मशीन शरीर से ब्लड के जरिये एक घंटे में प्लेटलेट्स निकालती है। शेष रक्त दूसरी तरफ से वापस शरीर में चला जाता है। प्लेटलेट्स देने वाला व्यक्ति 72 घंटे बाद दोबारा देने के लिए तैयार हो जाता है। इस तरह चढ़ाने से प्लेटलेट्स काउंट तेजी से बढ़ता है।
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इस मशीन से सिंगल डोनर प्लेटलेट्स विधि से एक बार में एक रक्तदाता के ब्लड से प्लेटलेट्स निकाल सकते हैं। इस विधि से प्राप्त होने वाली प्लेटलेट्स को सिंगल डोनर प्लेटलेट्स कहा जाता है।
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एक यूनिट एसडीपी मरीज को चढ़ाने पर उसमें प्लेटलेट्स काउंट की मात्रा 50-60 हजार तक बढ़ जाती है। वहीं, ब्लड निकालने के बाद रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) विधि में सेपरेटर यूनिट में प्लेटलेट्स निकाला जाता है।
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इसमें कम से कम छह घंटे लगते हैं। एक बार रक्तदान करने के बाद तीन माह बाद दे सकता है। एक यूनिट आरडीपी चढ़ाने पर सिर्फ पाच हजार प्लेटलेट्स काउंट बढ़ते हैं। इस वजह से कई यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाने पड़ते हैं। इसलिए रिएक्शन का डर रहता है।

ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. संदीप यादव ने बताया कि सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) में रक्त ट्रांसफ्यूजन से होने वाली बीमारियों का खतरा नहीं रहता है। इसकी वजह कम यूनिट प्लेटलेट्स का चढ़ाया जाना है। इसमें मरीज में प्लेटलेट्स का सरवाइवल बेहतर रहता है। डेंगू जैसी बीमारी में भी प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती है।

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वर्जन
पिछले साल मुख्यालय को ब्लड बैंक में एसडीपी मशीन लगाने के लिए डिमांड भेजी गई थी जो लंबित पड़ी है। अगर यह मशीन होती तो डेंगू से प्रभावित लोगों में प्लेटलेट्स सेल को जल्दी रिकवर करने में मदद मिलती। -डॉ. संदीप यादव, इंचार्ज, ब्लड बैंक, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।
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