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Rewari News: डालसा सचिव अमित वर्मा ने वृद्धाश्रम का किया निरीक्षण
Sat, 24 May 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 May 2025 12:09 AM IST
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फोटो : 12वृद्ध आश्रम का औचक निरीक्षण करते अमित वर्मा। स्रोत : डीपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा ने शुक्रवार को वृद्ध आश्रम का निरीक्षण किया और वहां की सुविधाओं बारे जानकारी ली।
इस दौरान वृद्ध आश्रम में 13 वृद्ध मौजूद थे, जिनमें 3 महिलाएं तथा 10 पुरुष शामिल है। डालसा सचिव अमित वर्मा ने वृद्धों को मिलने वाले भोजन व अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की। उन्होंने वृद्ध महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। सफाई पर भी ध्यान देने को कहा।
अमित वर्मा ने बताया कि वृद्ध व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से तो कमजोर होता ही है तथा उसकी सबसे बड़ी पीड़ा उसका अकेलापन होता है। इसलिए वृद्धजनों को समाज से अलग थलग न करें, बल्कि उनको समाज का हिस्सा माने तथा उनको अहसास दिलाएं कि हम सब उनके साथ है, वो अकेले नहीं हैं।
उन्होंने सभी उपस्थित स्टाफ मेंबर को उचित दिशा निर्देश दिए ताकि वे बुजुर्गों का अच्छे से ख्याल रखें। इससे वृद्धजनों का अकेलापन भी दूर होगा तथा उनमें एक नई चेतना का संचार होगा। यदि किसी कारणवश वृद्धाश्रम में बुजुर्ग रहने को मजबूर हैं तो उनकी वहां पर संभाल के लिए भी हम सभी को आगे आना चाहिए।
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रेवाड़ी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा ने शुक्रवार को वृद्ध आश्रम का निरीक्षण किया और वहां की सुविधाओं बारे जानकारी ली।
इस दौरान वृद्ध आश्रम में 13 वृद्ध मौजूद थे, जिनमें 3 महिलाएं तथा 10 पुरुष शामिल है। डालसा सचिव अमित वर्मा ने वृद्धों को मिलने वाले भोजन व अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की। उन्होंने वृद्ध महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। सफाई पर भी ध्यान देने को कहा।
अमित वर्मा ने बताया कि वृद्ध व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से तो कमजोर होता ही है तथा उसकी सबसे बड़ी पीड़ा उसका अकेलापन होता है। इसलिए वृद्धजनों को समाज से अलग थलग न करें, बल्कि उनको समाज का हिस्सा माने तथा उनको अहसास दिलाएं कि हम सब उनके साथ है, वो अकेले नहीं हैं।
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उन्होंने सभी उपस्थित स्टाफ मेंबर को उचित दिशा निर्देश दिए ताकि वे बुजुर्गों का अच्छे से ख्याल रखें। इससे वृद्धजनों का अकेलापन भी दूर होगा तथा उनमें एक नई चेतना का संचार होगा। यदि किसी कारणवश वृद्धाश्रम में बुजुर्ग रहने को मजबूर हैं तो उनकी वहां पर संभाल के लिए भी हम सभी को आगे आना चाहिए।
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