{"_id":"7158c0fbfc175555ac5b642fc3f0df9a","slug":"three-accused-arrestes-allegation-of-sandal-smuggling-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंदन तस्करी के तीन आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चंदन तस्करी के तीन आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Mon, 04 Jan 2016 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीआईए ने धारूहेड़ा में चंदन तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तीनों को फरीदाबाद की पर्यावरण कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से तीनों को दस दिन के रिमांड पर भेजा गया है।
आरोपियों में मानेसर निवासी अशोक कुमार, दिल्ली के अजमेरी गेट निवासी मनीष गोला व मिजोरम के जिला अलजावल निवासी हेनरी लालरेम शामिल हैं। इनको जिला सचिवालय के बाहर से गिरफ्तार किया है। गोदाम मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को नोटिस भेजकर बुलाया था। यहां आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
मुख्य आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस का कहना है कि इस मामले में मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इसमें प्रीतमपुरा दिल्ली निवासी सुचित सिंहल, दार्जिलिंग निवासी तेनजिंन हुडिया और दिल्ली निवासी सतीश शर्मा शामिल है। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश देना शुरू कर दिया है। सुचित सिंहल की दिल्ली एक होटल में भी हिस्सेदारी है।
विज्ञापन
गोदाम मालिक ने 17 हजार रुपये मासिक पर दिया था गोदाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में गोदाम मालिक ने बताया कि अशोक कुमार ने उससे एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए थे। उसने कहा था कि उसके कुछ साथियों की हरियाणा हैंडीक्राफ्ट के सामने से कंपनी है। जिसमें सांगवान आदि लकड़ी से फर्नीचर सामान बनाया जाता है। लकड़ी रखने के लिए उन्हें गोदाम की जरूरत है। इस पर 17 हजार रुपये मासिक किराया तय कर उन्हें गोदाम दे दिया, इसके बाद उसने गोदाम नहीं देखा। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किया गया मनीष मुख्य आरोपियों का लेन-देन का काम संभालता है।
यह है मामला
पुलिस को गुप्त सूचना मिली धारूहेड़ा के रामजस नगर में एक गोदाम में चंदन की लकड़ी का धंधा होता है। इस पर सक्रिय हुई सीआईए पुलिस ने उक्त गोदाम की घेराबंदी की और 27 दिसंबर की सुबह गोदाम पर छापेमारी की। गोदाम से पुलिस ने करोड़ों रुपये की कीमत की करीब 46 टन लाल चंदन की लकड़ी बरामद की। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद गोदाम मालिक तक पुलिस पहुंची और उससे पूछताछ की। जिसमें उसने उक्त आरोपियों के नाम बताए और पुलिस उन तक पहुंच सकी।
वर्जन
तीन लोगों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। अब उनसे पूरे मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि लकड़ी कहां से लाते थे और आगे सप्लाई कहां हो रही है। तीन अन्य मुख्य आरोपियों को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
सत्येंद्र सिंह, प्रभारी, सीआईए, रेवाड़ी
-----------
विज्ञापन
आरोपियों में मानेसर निवासी अशोक कुमार, दिल्ली के अजमेरी गेट निवासी मनीष गोला व मिजोरम के जिला अलजावल निवासी हेनरी लालरेम शामिल हैं। इनको जिला सचिवालय के बाहर से गिरफ्तार किया है। गोदाम मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को नोटिस भेजकर बुलाया था। यहां आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
मुख्य आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस का कहना है कि इस मामले में मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इसमें प्रीतमपुरा दिल्ली निवासी सुचित सिंहल, दार्जिलिंग निवासी तेनजिंन हुडिया और दिल्ली निवासी सतीश शर्मा शामिल है। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश देना शुरू कर दिया है। सुचित सिंहल की दिल्ली एक होटल में भी हिस्सेदारी है।
विज्ञापन
गोदाम मालिक ने 17 हजार रुपये मासिक पर दिया था गोदाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में गोदाम मालिक ने बताया कि अशोक कुमार ने उससे एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए थे। उसने कहा था कि उसके कुछ साथियों की हरियाणा हैंडीक्राफ्ट के सामने से कंपनी है। जिसमें सांगवान आदि लकड़ी से फर्नीचर सामान बनाया जाता है। लकड़ी रखने के लिए उन्हें गोदाम की जरूरत है। इस पर 17 हजार रुपये मासिक किराया तय कर उन्हें गोदाम दे दिया, इसके बाद उसने गोदाम नहीं देखा। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किया गया मनीष मुख्य आरोपियों का लेन-देन का काम संभालता है।
यह है मामला
पुलिस को गुप्त सूचना मिली धारूहेड़ा के रामजस नगर में एक गोदाम में चंदन की लकड़ी का धंधा होता है। इस पर सक्रिय हुई सीआईए पुलिस ने उक्त गोदाम की घेराबंदी की और 27 दिसंबर की सुबह गोदाम पर छापेमारी की। गोदाम से पुलिस ने करोड़ों रुपये की कीमत की करीब 46 टन लाल चंदन की लकड़ी बरामद की। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद गोदाम मालिक तक पुलिस पहुंची और उससे पूछताछ की। जिसमें उसने उक्त आरोपियों के नाम बताए और पुलिस उन तक पहुंच सकी।
वर्जन
तीन लोगों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। अब उनसे पूरे मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि लकड़ी कहां से लाते थे और आगे सप्लाई कहां हो रही है। तीन अन्य मुख्य आरोपियों को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
सत्येंद्र सिंह, प्रभारी, सीआईए, रेवाड़ी
-----------