Rewari: उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने किया मामले की निपटारा, एलआईसी को लगाया 25 हजार रुपये का जुर्माना
रेवाड़ी के गांव रणसिंह माजरी निवासी कपूरी देवी के पति शिव चरण ने एक एलआईसी पॉलिसी ली हुई थी, जिसमें अपने जीवन का बीमा पॉलिसी धारक ने कराया हुआ था। यह बीमा राशि 20 साल तक मनी बैक प्रॉफिट तथा निश्चित बेनिफिट दिया जाने के लिए ली गई थी। दुर्भाग्यवश 30 अगस्त 2019 को चरण सिंह जब रेलवे फाटक के पास क्रॉस कर रहे थे तो ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई।
विस्तार
रेवाड़ी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक मामले का निपटारा करते हुए एलआईसी पॉलिसी धारक को पूरी बीमा राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। एलआईसी की तरफ से रेल दुर्घटना में नियमों की अनदेखी कर रेल ट्रैक पार करने पर पॉलिसी का पैसा ना देते हुए पॉलिसी धारक का क्लेम रद्द कर दिया था। आयोग ने अपने महत्वपूर्ण निर्णय में टिप्पणी की है कि एलआईसी का का बचाव कहीं भी यह नहीं है कि आत्महत्या की गई है, और ना ही किसी प्रकार के कोई सबूत आत्महत्या के मौजूदा शिकायत में पेश किए गए थे। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और गवाहों के बयानों से यह स्पष्ट हो गया था कि रेलवे ट्रैक पार करते समय ही हादसा हुआ है।
2019 में रेलवे ट्रैक पार करते समय पॉलिसी धारक की हुई थी मृत्यु
जिले के गांव रणसिंह माजरी निवासी कपूरी देवी के पति शिव चरण ने एक एलआईसी पॉलिसी ली हुई थी, जिसमें अपने जीवन का बीमा पॉलिसी धारक ने कराया हुआ था। यह बीमा राशि 20 साल तक मनी बैक प्रॉफिट तथा निश्चित बेनिफिट दिया जाने के लिए ली गई थी। दुर्भाग्यवश 30 अगस्त 2019 को चरण सिंह जब रेलवे फाटक के पास क्रॉस कर रहे थे तो ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई।
कानूनी वारिस होने के कारण सभी बेनिफिट दिए जाएं
उनकी मृत्यु के पश्चात एलआईसी की बीमा राशि लेने के लिए उनकी पत्नी कपूरी देवी ने कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेज पूरा कर मांग की कि उन्हें एलआईसी पॉलिसी का कानूनी वारिस होने के कारण सभी बेनिफिट दिए जाएं, लेकिन एलआईसी कार्यालय ने उनकी बीमा राशि यह कहते हुए रद्द कर दी कि रेलगाड़ी में दुर्घटना के कारण नियमों की अनदेखी की गई है लिहाजा उन्हें क्लेम राशि नहीं दी जा सकती केवल प्रीमियम राशि जो भरी गई थी वही राशि वापस दी गई।
बीमा की राशि बीमित व्यक्ति को ब्याज सहित वापस करनी होगी
इसके बाद कपूरी देवी ने अपने अधिवक्ता अश्विनी तिवारी की मार्फत एक याचिका जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष दायर की और बीमा की पूरी राशि को दिए जाने के लिए मांग की। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता निवारण आयोग के चेयरमैन संजय खंडूजा एवं सदस्य ऋषि दत्त कौशिक ने अपने निर्णय में स्पष्ट रूप से लिखा कि एलआईसी द्वारा बीमा की राशि बीमित व्यक्ति को ब्याज सहित वापस करनी होगी।
निर्णय में 11 हजार वाद खर्च अलग से दिए जाने के आदेश
इसके साथ ही 25 हजार रुपये मानसिक परेशानी के लिए मुआवजा भी दिए जाने के आदेश दिए हैं। अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि रेलवे से दुर्घटना होने में कहीं भी यह साबित नहीं हो पाया कि बीमित व्यक्ति ने आत्महत्या की थी बल्कि यह सीधा दुर्घटना का केस बनता है और पुलिस जांच में भी यही पाया गया था। आयोग ने अपने निर्णय में 11 हजार वाद खर्च अलग से दिए जाने के आदेश दिए हैं।
ट्रेन से चपेट में आने महिला की मौत
रेवाड़ी नारनौल रेलमार्ग पर सहारनवास गांव के समीप करीब 45 वर्षीय एक अज्ञात महिला की ट्रेन की टक्कर लगने से मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए है।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार
जीआरपी एसआई दयाराम ने बताया कि रविवार प्रातः रेवाड़ी खोरी स्टेशन के बीच सहारनवास गांव के समीप एक महिला के रेलवे लाईन पार करते समय अचानक नामालूम ट्रेन की चपेट में आ गई, जिसे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों से पूछताछ में महिला की पहचान नहीं हो पाई। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक महिला के हाथ की कलाई पर हिन्दी में प्रेम और अंग्रेजी में सुनीता सुरमे से गुदा हुआ है। महिला ने पीला छापेदार सूट सलवार पहना हुआ है। शव को शिनाख्त लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है।
पूर्व सीआरएफ जवान के आत्महत्या मामले में पत्नी, साले व ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
नारनौैल रेलवे लाइन पर खोरी के समीप रविवार रात को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के पूर्व जवान द्वारा ट्रेन के आगे आत्महत्या करने के मामले में मृतक के पिता की शिकायत पर जीआरपी ने पत्नी, साले व ससुर के खिलाफ आत्महत्या के मजबूर करने व जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
23 मई को पूर्व सैनिक ने की थी आत्महत्या
जानकारी के अनुसार 23 मई को नारनौल रेलवे लाइन पर खोरी के समीप ट्रैक पर जीआरपी थाना पुलिस ने एक युवक का शव बरामद किया था। मृतक की जेब में एक पर्ची मिली थी। पर्ची पर एक मोबाइल नंबर और कुसुम व अमित को सजा जरूर दी जाए लिखा हुआ था। मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद शव की शिनाख्त गांव ठोठवाल निवसी 40 वर्षीय कपिल के रूप में हुई थी। उस समय पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करने के बाद पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनाें को सौंप दिया था। कुछ समय बाद परिजनों को कपिल के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया। सुसाइड नोट में कपिल ने अपनी पत्नी व साले को मौत का जिम्मेदार बताया था।
मृतक के पिता की शिकायत दर्ज किया मुकदमा
रविवार को मृतक के पिता चंदगीराम ने जीआरपी को दी शिकायत में बताया कि कपिल की शादी अप्रैल 2007 में जिला महेंद्रगढ़ के गांव मोडी निवासी कुसुम के साथ हुई थी। शादी के कुछ बाद ही दोनों के बीच विवाद रहने लगा। कपिल सीआरपीएफ में कार्यरत था और छुट्टी आने के बाद भी कुसुम ससुराल नहीं आती थी। कुसुम कपिल के डेबिट कार्ड से सारे रुपये खाते से निकाल लेती थी, जिस कारण कपिल परेशान रहता था और सीआरपीएफ की नौकरी छोड़ दी थी। नौ वर्ष पहले ससुराल से जाने के बाद कुसुम कनीना में रहने लगी थी। करीब नौ वर्ष बाद कुसुम के पिता विनोद कुमार ने फोन कर बताया कि कुसुम अपनी ससुराल में कपिल के साथ रहना चाहती है। अगले दिन ही वह लोग कुसुम को वापस ले आए। वापस आने के बाद कुसुम ने जमीन व रुपयों की मांग करते हुए झगड़ा करने लगी। बिना बताए वह घर से बाहर रहने लगी।
ठेकेदार के कारिंदे ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
रेवाड़ी के गुर्जर ढाणी में एक शराब ठेके पर सेल्समैन की रविवार की रात संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसका शव ठेके के अंदर फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार
यूपी के जिला हरदोई का रहने वाला करीब 20 वर्षीय नीरजपाल शराब ठेके पर सेल्समैन का काम करता था। रविवार तड़के एक व्यक्ति ठेके पर शराब लेने के लिए पहुंचा तो सेल्समैन का शव फंदे से लटक रहा था। उसने पुलिस व आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर मृतक के परिजनों को इसकी सूचना दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस ने फांसी लगाने के कारणों की जांच शुरू कर दी।