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रेवाड़ी की छोरी ने बाक्सिंग में कांस्य पदक जीता
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Thu, 26 Nov 2015 01:09 AM IST
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शहर की बेटी निधि ने बाक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल कर रेवाड़ी का नाम रोशन किया है। निधि ने ये पदक कुरुक्षेत्र में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बाक्सिंग चैंपियनशिप में हासिल किया।
उसने 2012 में भी हरियाणा स्टेट बाक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लिया था। इसके बाद से वह अब तक कई मेडल जीत चुकी है। रेवाड़ी हाउसिंग बोर्ड की रहने वाली निधि अलवर जिले के किशनगढ़बास में बीए फाइनल कर रही है।
उसने राजस्थान यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए इस चैंपियनशिप में न केवल अपनी यूनिवर्सिटी का नाम किया बल्कि रेवाड़ी का भी नाम रोशन किया है। निधि ने अपने स्तर पर ही तैयारी करती है और शिक्षक पिता प्रेमचंद वशिष्ठ उसकी पूरी मदद कर रहे हैं। निधि ने 2012 में भी हरियाणा स्टेट बॉक्सिंग में भाग लिया था।
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पहले ऑल इंडिया स्तर पर गोल्ड फिर ओलंपिक है लक्ष्य
निधि का कहना है कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में महिला बॉक्सिंग की टीम ही नहीं बनी थी। पहली यूनिवर्सिटी में इंटर कॉलेज के हुए खेलों में बॉक्सिंग शामिल की गई।
जिसमें उसने गोल्ड मेडल जीता और इसके बाद ऑल इंडिया स्तर की प्रतियोगिता में पहुंची। उसका कहना है कि आगे जाने के लिए पहले ऑल इंडिया स्तर पर गोल्ड मेडल जीतना जरूरी है, इसलिए पहले नजर गोल्ड मेडल पर ही है। इस सीढ़ी को पार करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना है। लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है।
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उसने 2012 में भी हरियाणा स्टेट बाक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लिया था। इसके बाद से वह अब तक कई मेडल जीत चुकी है। रेवाड़ी हाउसिंग बोर्ड की रहने वाली निधि अलवर जिले के किशनगढ़बास में बीए फाइनल कर रही है।
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उसने राजस्थान यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए इस चैंपियनशिप में न केवल अपनी यूनिवर्सिटी का नाम किया बल्कि रेवाड़ी का भी नाम रोशन किया है। निधि ने अपने स्तर पर ही तैयारी करती है और शिक्षक पिता प्रेमचंद वशिष्ठ उसकी पूरी मदद कर रहे हैं। निधि ने 2012 में भी हरियाणा स्टेट बॉक्सिंग में भाग लिया था।
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पहले ऑल इंडिया स्तर पर गोल्ड फिर ओलंपिक है लक्ष्य
निधि का कहना है कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में महिला बॉक्सिंग की टीम ही नहीं बनी थी। पहली यूनिवर्सिटी में इंटर कॉलेज के हुए खेलों में बॉक्सिंग शामिल की गई।
जिसमें उसने गोल्ड मेडल जीता और इसके बाद ऑल इंडिया स्तर की प्रतियोगिता में पहुंची। उसका कहना है कि आगे जाने के लिए पहले ऑल इंडिया स्तर पर गोल्ड मेडल जीतना जरूरी है, इसलिए पहले नजर गोल्ड मेडल पर ही है। इस सीढ़ी को पार करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना है। लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है।