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लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरफ्तार
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:15 AM IST
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लोगों को गुमराह कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान झुंझनू जिला के गांव नूनिया खेडा निवासी तेजपाल नूनिया व महेश कुमार के रूप में हुई है। मंगलवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर चार दिन के रिमांड पर लिया है। हाल में आरोपी अन्य धोखाधड़ी के मामले में झुंझनू जेल में बंद थे।
जांचकर्ता एसआई देवेंद्र ने बताया कि 25 मई 2015 को भाड़ावास निवासी रमेश चंद और आधा दर्जन लोगों ने प्रिया परिवार चिट फंड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर तेजपाल और कंपनी कर्मचारियों पर गुमराह कर धोखाधड़ी से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता रमेश चंद ने बताया कि आरोपियों ने 2006-2007 में रेवाड़ी शहर और ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह सेमिनार कर बड़े सपने दिखा कर लोगों को गुमराह कर उनसे भारी राशि एकत्रित की थी। इसके बदले में बॉंड जारी किए थे। इसके अलावा कंपनी ने जमा की गई राशि के बदले चार साल में कई गुणा लाभ, कंप्यूटर शिक्षा, जीवन सुरक्षा बीमा सहित अन्य सेवाएं देने के वादे किए थे।
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जब लोग अपना लाभ लेने के लिए कंपनी कार्यालय में गए तो उनके साथ गाली गलौच की गई और जान से मारने की धमकी मिलने लगी। पुलिस ने रमेश चंद सहित अन्य लोगों की शिकायत पर कंपनी व उसके अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। गिरफ्तार आरोपियों पर राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के तहत मामले दर्ज हैं।
ये दिखाए गए सपने
जांच अधिकारी देवेंद्र ने बताया कि कंपनी द्वारा शहर में लगाए गए सेमिनार के माध्यम से लोगों को बताया गया था कि चार साल के लिए उनके द्वारा जमा की गई राशि के बदले उन्हें अच्छी खासी रकम मिलेगी। कंपनी ने लोगों को बताया कि उनके द्वारा जमा की गई 6800 रुपये की राशी के बदले चार साल बाद उन्हें 20000 रुपये मिलेंगे। इस प्रकार 7800 रुपये के बदले 25000 रुपये ,11700 रुपये के बदले 35000 रुपये, 11800 रुपये के बदले 51000 रुपये तथा 13800 रुपये के बदले 60000 रुपये देने का वायदा किया था।
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जांचकर्ता एसआई देवेंद्र ने बताया कि 25 मई 2015 को भाड़ावास निवासी रमेश चंद और आधा दर्जन लोगों ने प्रिया परिवार चिट फंड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर तेजपाल और कंपनी कर्मचारियों पर गुमराह कर धोखाधड़ी से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
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पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता रमेश चंद ने बताया कि आरोपियों ने 2006-2007 में रेवाड़ी शहर और ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह सेमिनार कर बड़े सपने दिखा कर लोगों को गुमराह कर उनसे भारी राशि एकत्रित की थी। इसके बदले में बॉंड जारी किए थे। इसके अलावा कंपनी ने जमा की गई राशि के बदले चार साल में कई गुणा लाभ, कंप्यूटर शिक्षा, जीवन सुरक्षा बीमा सहित अन्य सेवाएं देने के वादे किए थे।
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जब लोग अपना लाभ लेने के लिए कंपनी कार्यालय में गए तो उनके साथ गाली गलौच की गई और जान से मारने की धमकी मिलने लगी। पुलिस ने रमेश चंद सहित अन्य लोगों की शिकायत पर कंपनी व उसके अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। गिरफ्तार आरोपियों पर राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के तहत मामले दर्ज हैं।
ये दिखाए गए सपने
जांच अधिकारी देवेंद्र ने बताया कि कंपनी द्वारा शहर में लगाए गए सेमिनार के माध्यम से लोगों को बताया गया था कि चार साल के लिए उनके द्वारा जमा की गई राशि के बदले उन्हें अच्छी खासी रकम मिलेगी। कंपनी ने लोगों को बताया कि उनके द्वारा जमा की गई 6800 रुपये की राशी के बदले चार साल बाद उन्हें 20000 रुपये मिलेंगे। इस प्रकार 7800 रुपये के बदले 25000 रुपये ,11700 रुपये के बदले 35000 रुपये, 11800 रुपये के बदले 51000 रुपये तथा 13800 रुपये के बदले 60000 रुपये देने का वायदा किया था।