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Cyber Crime: बैंक खातों में होती रही लाखों की ट्रांजेक्शन, जिनके खाते उन्हें पता तक नहीं, हुआ यह बड़ा खुलासा

Wed, 03 Aug 2022 10:13 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 03 Aug 2022 10:13 PM IST
सार

रेवाड़ी में ठगों के इशारे पर बैंक में खाते खुलवा कागजात बेचने के मामले का खुलासा हुआ है। आरोपी अभी तक 14 लोगों के खाते खुलवा कर साइबर ठगों को कागजात बेच चुका था। लाखों की ट्रांजेक्शन पर बैंक को हुआ संदेह तो आरोपी पकड़ में आया।

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Accused arrested for selling  bank kits of peoples accounts to cyber thugs in Rewari
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के रेवाड़ी में धारूहेड़ा के रहने वाले चार युवकों के अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवा उनके कागजात (किट) साइबर ठगों को बेचने के आरोपी को धारूहेड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार के जिला गोपालगंज के गांव मुझा का रहने वाला सुमित है। आरोपी करीब 10 साल से धारूहेड़ा की चांद कॉलोनी में किराये पर रहता था।

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डीएसपी सुभाष चंद ने बताया कि धारूहेड़ा के वार्ड नंबर सात निवासी हिमांशु गौर ने शिकायत दी थी कि सुमित नाम के एक युवक ने उनका खाता कोटेक बैंक में खुलवाया था। इसके अतिरिक्त उनके दोस्त मातादीन कॉलोनी निवासी सचिन सिंह का भी कोटेक बैंक, शिव नगर निवासी आशीष का एचडीएफसी व शिव नगर निवासी विवेक का इंडसइंड बैंक में खाता खुलवाया था। सुमित ने किसी को भी खाते के कागजात (किट) नहीं दिए थे।
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रोजाना हो रही थी लाखों की ट्रांजेक्शन
डीएसपी ने बताया कि हिमांशु के खाते में प्रतिदिन 15 से 20 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन हो रही थी। संदेह होने पर बैंक मैनेजर ने हिमांशु को बुलाकर लाखों रुपये की ट्रांजेक्शन के बारे में बताया था जबकि हिमांशु को ट्रांजेक्शन की कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने हिमांशु की शिकायत पर सुमित के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने मंगलवार की शाम बिहार के रहने वाले सुमित को गिरफ्तार कर लिया।


एक किट पर मिलते थे पांच हजार रुपये 
डीएसपी सुभाष चंद ने बताया कि पूछताछ में पता लगा कि सुमित अभी तक करीब 14 और लोगों के बैंक खाते खुलवा उनके कागजात (किट) साइबर ठगों को बेच चुका है। एक किट पर सुमित को पांच हजार रुपये मिले थे और खाता खुलवाने वाले को अलग से तीन हजार रुपये देता था। आरोपी सभी बैंक खातों में अपने ही मोबाइल नंबर दर्ज कराता था जिस कारण ट्रांजेक्शन की जानकारी खाता धारक की बजाय उसके पास ही जाती थी।

मुख्य आरोपी की तलाश
डीएसपी ने बताया कि सुमित ने ये खाते राजस्थान के दौसा के रहने वाले गजेंद्र के कहने पर खुलवाए थे। खाते खुलवाने के बाद उनके कागजात भी वह गजेंद्र को भेज देता था। पुलिस मुख्य आरोपी गजेंद्र की भी तलाश कर रही है। गजेंद्र की गिरफ्तारी के बाद आगे की कड़ियां जुड़ पाएंगी। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपी सुमित को अदालत से रिमांड पर लिया है।

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