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सरपंच ने लगाया धोखाधड़ी कर प्लाट नाम कराने का आरोप
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रेवाड़ी। गांव पचगांव की सरपंच ने धोखाधड़ी कर पंचायत के प्लाटों को दूसरे के नाम कराने का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई है। सरपंच की ओर से 35 लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में पचगांव की सरपंच मंजू देवी ने कहा है कि पहले गांव जड़थल व पचगांव की एक ही पंचायत थी। वर्ष 1991 में सरपंच ने भूमिहीन कारगार योजना के तहत पंचगांव की पंचायती जमीन में से जड़थल के 35 लोगों को 100 -100 गज के प्लाट रजिस्ट्री करवा दी थी। वर्ष 1992 में पचगांव व जड़थल की अलग-अलग पंचायतें हो गई। पंचायतें अलग होने के बाद जड़थल के ग्रामीणों को पचगांव की जमीन में प्लॉट अलॉट करने के बारे में पता लगा। अलग पंचायत बनने के बाद पचगांव की पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव जड़थल के ग्रामीणों को जो प्लाट अलॉट किए गए है, उनको वापस ग्राम पंचायत को दिए जाए। उसके बाद वर्ष 2008 व 2013 में भी पंचायत ने प्रस्ताव पारित किए तथा प्लाट धारकों से वापस ग्राम पंचायत पचगांव के नाम प्लाट की रजिस्ट्री करवाने की बात कहीं गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। सरपंच का आरोप है कि एक पंच ने इन्हीं प्लाटों में से छह प्लाट अपने परिवार के सदस्यों के नाम भी करवा दिए।
पुलिस को दी शिकायत में पचगांव की सरपंच मंजू देवी ने कहा है कि पहले गांव जड़थल व पचगांव की एक ही पंचायत थी। वर्ष 1991 में सरपंच ने भूमिहीन कारगार योजना के तहत पंचगांव की पंचायती जमीन में से जड़थल के 35 लोगों को 100 -100 गज के प्लाट रजिस्ट्री करवा दी थी। वर्ष 1992 में पचगांव व जड़थल की अलग-अलग पंचायतें हो गई। पंचायतें अलग होने के बाद जड़थल के ग्रामीणों को पचगांव की जमीन में प्लॉट अलॉट करने के बारे में पता लगा। अलग पंचायत बनने के बाद पचगांव की पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव जड़थल के ग्रामीणों को जो प्लाट अलॉट किए गए है, उनको वापस ग्राम पंचायत को दिए जाए। उसके बाद वर्ष 2008 व 2013 में भी पंचायत ने प्रस्ताव पारित किए तथा प्लाट धारकों से वापस ग्राम पंचायत पचगांव के नाम प्लाट की रजिस्ट्री करवाने की बात कहीं गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। सरपंच का आरोप है कि एक पंच ने इन्हीं प्लाटों में से छह प्लाट अपने परिवार के सदस्यों के नाम भी करवा दिए।
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