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100 करोड़ की चंदन की लकड़ी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Sun, 27 Dec 2015 12:29 AM IST
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रामजस कॉलोनी में पुलिस की टीम ने छापामार कर एक गोदाम से भारी मात्रा में चंदन की लकड़ियां बरामद की है। करीब 100 वर्ग गज के इस गोदाम में बरामद लकड़ियों की कीमत प्राथमिक तौर पर 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
हालांकि अभी पैमाइश चल रही है। वास्तविक कीमत पूरी पैमाइश के बाद ही पता चल पाएगी। फिलहाल पुलिस के अलावा वन विभाग के अधिकारी और तहसीलदार मौके पर डटे हुए हैं।
सीआईए पुलिस को सूचना मिली थी कि रामजस कॉलोनी में चंदन की लकड़ियां तस्करी के लिए लाई गई है। सक्रिय हुई पुलिस ने जब आसपास छानबीन की तो पता चला कि वहां एक गोदाम में लकड़ियां भरी हुई है। शनिवार सुबह करीब चार बजे डीएसपी वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में सीआईए टीम ने छापा मारा।
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गोदाम के ताला लगा हुआ था, जिसे तोड़कर अंदर देखा गया तो पुलिस अधिकारी भी इतनी मात्रा में चंदन की लकड़ी देख हैरत में पड़ गए। पुलिस ने गोदाम को अपने कब्जे में लिया और सुबह तहसीलदार मनमोहन सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर उनकी देखरेख में ही जांच शुरू की गई।
पूरी तरह मामले की पुष्टि करने के लिए लकड़ी की पहचान को वन विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे जिला वन अधिकारी आईआर आनंद ने लकड़ी देखने के बाद बताया कि लकड़ी लाल चंदन की ही है। पूरी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने माल को कब्जे में ले लिया। लकड़ियों को ट्रकों में भरकर धारूहेड़ा थाने ले जाया गया। देर शाम तक भी गोदाम से लकड़ियां थाने ले जाने का कार्य चलता रहा। सूत्रों का कहना है कि गोदाम में लकड़ियों पिछले दो माह से लाई जा रही थी।
एक टन की कीमत है 20 लाख
एफएसओ आईआर आनंद ने बताया कि दोपहर को जाकर उन्होंनेे लकड़ियों की पहचान की। लकड़ी लाल चंदन की है। यहां चंदन दक्षिणी भारत में ही होता है। एक टन लकड़ी की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। उनका कहना है कि अभी पैमाइश चल रही है। ऐसे में लकड़ियों की वास्तविक कीमत का पता नहीं चल पाया है। पुलिस कार्रवाई कर रही है।
गोदाम मालिक से करेंगे पूछताछ
सीआईए प्रभारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि मुखबिर से चंदन तस्करी की सूचना मिला थी। इसके बाद छापा मारा गया उन्होंने बताया कि यह गोदाम नजफगढ़ के किसी व्यक्ति का बताया जा रहा है। जोकि पिछले कई सालों से धारूहेड़ा में रह रहा है। अभी वह नहीं मिला है। उससे पूछताछ की जाएगी। लकड़ियों की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये के करीब हैै। अभी पैमाइश की जा रही है। अभी मामला दर्ज नहीं किया गया है। पूरी पैमाइश के बाद कार्रवाई करेंगे।
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हालांकि अभी पैमाइश चल रही है। वास्तविक कीमत पूरी पैमाइश के बाद ही पता चल पाएगी। फिलहाल पुलिस के अलावा वन विभाग के अधिकारी और तहसीलदार मौके पर डटे हुए हैं।
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सीआईए पुलिस को सूचना मिली थी कि रामजस कॉलोनी में चंदन की लकड़ियां तस्करी के लिए लाई गई है। सक्रिय हुई पुलिस ने जब आसपास छानबीन की तो पता चला कि वहां एक गोदाम में लकड़ियां भरी हुई है। शनिवार सुबह करीब चार बजे डीएसपी वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में सीआईए टीम ने छापा मारा।
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गोदाम के ताला लगा हुआ था, जिसे तोड़कर अंदर देखा गया तो पुलिस अधिकारी भी इतनी मात्रा में चंदन की लकड़ी देख हैरत में पड़ गए। पुलिस ने गोदाम को अपने कब्जे में लिया और सुबह तहसीलदार मनमोहन सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर उनकी देखरेख में ही जांच शुरू की गई।
पूरी तरह मामले की पुष्टि करने के लिए लकड़ी की पहचान को वन विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे जिला वन अधिकारी आईआर आनंद ने लकड़ी देखने के बाद बताया कि लकड़ी लाल चंदन की ही है। पूरी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने माल को कब्जे में ले लिया। लकड़ियों को ट्रकों में भरकर धारूहेड़ा थाने ले जाया गया। देर शाम तक भी गोदाम से लकड़ियां थाने ले जाने का कार्य चलता रहा। सूत्रों का कहना है कि गोदाम में लकड़ियों पिछले दो माह से लाई जा रही थी।
एक टन की कीमत है 20 लाख
एफएसओ आईआर आनंद ने बताया कि दोपहर को जाकर उन्होंनेे लकड़ियों की पहचान की। लकड़ी लाल चंदन की है। यहां चंदन दक्षिणी भारत में ही होता है। एक टन लकड़ी की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। उनका कहना है कि अभी पैमाइश चल रही है। ऐसे में लकड़ियों की वास्तविक कीमत का पता नहीं चल पाया है। पुलिस कार्रवाई कर रही है।
गोदाम मालिक से करेंगे पूछताछ
सीआईए प्रभारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि मुखबिर से चंदन तस्करी की सूचना मिला थी। इसके बाद छापा मारा गया उन्होंने बताया कि यह गोदाम नजफगढ़ के किसी व्यक्ति का बताया जा रहा है। जोकि पिछले कई सालों से धारूहेड़ा में रह रहा है। अभी वह नहीं मिला है। उससे पूछताछ की जाएगी। लकड़ियों की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये के करीब हैै। अभी पैमाइश की जा रही है। अभी मामला दर्ज नहीं किया गया है। पूरी पैमाइश के बाद कार्रवाई करेंगे।