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Rewari News: सुबह शीतलहर ने सताया, दोपहर में धूप ने दिलाई राहत
Tue, 02 Jan 2024 10:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Jan 2024 10:11 PM IST
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रेवाड़ी। मंगलवार सुबह की शुरुआत हल्के कोहरे के साथ हुई। दिन में धूप निकलने से ठंड से काफी हद तक राहत मिली। सोमवार को पूरे दिन धूप नहीं निकली थी। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दूसरी तरफ लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड व शीतलहर से बचाव को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। डीसी राहुल हुड्डा ने आम नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन दिनों जिले में शीतलहर व कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नागरिक थोड़ी सी सावधानी बरतकर शीत और ठंड से बचाव कर सकते हैं, इसलिए सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन की ओर से जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए रैन बसेरा भी रेवाड़ी, धारूहेड़ा व बावल शहरी इकाइयों के माध्यम से संचालित हैं।
ठंड से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
शीतलहर से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें। फ्लू, नाक बहना, भरी नाक या नाक बंद जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं। इस तरह के लक्षणों से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें तथा स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श लें। जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचें। उन्होंने बताया कि ठंड व शीत लहर से बचाव के लिए जरूरतमंद व्यक्ति नगर परिषद व नगर पालिका क्षेत्र में बनाए गए रैन बसेरों में आश्रय ले सकते हैं।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए विटामिन सी लें
डीसी ने कहा कि तंग कपड़े खून के बहाव को रोकते हैं। इनको पहनने से बचें। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर को गर्म रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को ढंक कर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने पहनें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का इस्तेमाल करें। सिर पर टोपी या मफलर पहने। पौष्टिक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीयें। इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। बुजुर्ग, नवजात तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
बंद कमरे में न जलाएं कोयले की अंगीठी
जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का इस्तेमाल करें। लेकिन इसके प्रयोग के दौरान हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयले की अंगीठी जलाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है। शराब का सेवन न करें। यह शरीर की गर्माहट को कम करती है। यह खून की नसों को पतला कर देती है। इससे हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है।
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दूसरी तरफ लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड व शीतलहर से बचाव को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। डीसी राहुल हुड्डा ने आम नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन दिनों जिले में शीतलहर व कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नागरिक थोड़ी सी सावधानी बरतकर शीत और ठंड से बचाव कर सकते हैं, इसलिए सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन की ओर से जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए रैन बसेरा भी रेवाड़ी, धारूहेड़ा व बावल शहरी इकाइयों के माध्यम से संचालित हैं।
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ठंड से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
शीतलहर से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें। फ्लू, नाक बहना, भरी नाक या नाक बंद जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं। इस तरह के लक्षणों से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें तथा स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श लें। जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचें। उन्होंने बताया कि ठंड व शीत लहर से बचाव के लिए जरूरतमंद व्यक्ति नगर परिषद व नगर पालिका क्षेत्र में बनाए गए रैन बसेरों में आश्रय ले सकते हैं।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए विटामिन सी लें
डीसी ने कहा कि तंग कपड़े खून के बहाव को रोकते हैं। इनको पहनने से बचें। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर को गर्म रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को ढंक कर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने पहनें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का इस्तेमाल करें। सिर पर टोपी या मफलर पहने। पौष्टिक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीयें। इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। बुजुर्ग, नवजात तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
बंद कमरे में न जलाएं कोयले की अंगीठी
जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का इस्तेमाल करें। लेकिन इसके प्रयोग के दौरान हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयले की अंगीठी जलाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है। शराब का सेवन न करें। यह शरीर की गर्माहट को कम करती है। यह खून की नसों को पतला कर देती है। इससे हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है।