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ब्लैक फंगस के दो नए संदिग्ध मरीजों के साथ आंकड़ा 18 पहुंचा

Wed, 26 May 2021 12:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 26 May 2021 12:04 AM IST
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black fungus, 18 suspecious patient found
रेवाड़ी। कोरोना के बाद अब मरीजों पर ब्लैक फंगस की मार पड़ रही है। मंगलवार को जिले में दो ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज पाए गए, जिन्हें इलाज के लिए झज्जर रेफर कर दिया गया है। अब इस बीमारी के संदिग्ध मरीजों का कुल आंकड़ा 18 पर पहुंच गया है।
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स्वास्थ्य के साथ मरीजों के लिए उपचार के लिए मोटी राशि सबसे बड़ी परेशान करने वाली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपचार के लिए गुरुग्राम के बुडेढा स्थित मेडिकल कॉलेज व झज्जर निर्धारित किया गया है। मरीजों के अनुसार बुडेढ़ा में अस्पताल संचालक भर्ती करने से पहले डेढ़ लाख रुपये जमा कराने के लिए कहते हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए उपचार कराना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि कोरोना व ब्लैक फंगस का उपचार सरकार व निजी अस्पतालों में निशुल्क कराए।
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ब्लैक फंगस के लक्षण
डॉक्टरों ने ब्लैक फंगस की मरीज बढ़ने के पीछे अधिक शुगर होने तथा स्टेरॉयड के अधिक उपयोग को बड़ी वजह बताया है। यह समस्या युवाओं में भी हो रही है। मधुमेह से पीड़ित कोविड या पोस्ट कोविड मरीजों को आंख की पलक में सूजन, कम दिखना आदि लक्षण हो तो यह ब्लैक फंगस के लक्षण हो सकते हैं। आइसीएमआर के अनुसार कोरोना मरीज ब्लैक फंगस के लक्षणों पर नजर रखें, इसकी अनदेखी न करें। ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर स्टेरॉयड की मात्रा कम करने या फिर बंद करने का सुझाव दिया गया है।
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डायबिटीज मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत
चिकित्सकों के अनुसार कोरोना से ठीक हुए डायबिटीज मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले देखे जा रहे हैं। हालांकि यह बीमारी संक्रमण से फैलने वाली नहीं है, लेकिन उपचार नहीं करने पर जानलेवा बन जाती है। कोरोना के चलते पहले से ही शरीर में रोग रोधक क्षमता कम रहती है, ऐसे में ब्लैक फंगस से और ज्यादा खतरा बढ़ जाता है।
उपचार ज्यादा महंगा
चिकित्सकों के अनुसार ब्लैक फंगस के उपचार में महंगी दवाओं का प्रयोग होता है। एक दिन में 8 से 10 हजार का एक इंजेक्शन व इतनी ही राशि की दवाएं मरीज को दी जाती हैं। गंभीर हालात में और ज्यादा महंगे इंजेक्शन दिए जाते हैं, कई बार सर्जरी की भी जरूरत पड़ती है। वहीं दूसरी ओर इस बीमारी में काम आने वाली दवाओं की किल्लत भी सामने आ रही है, इसके चलते तीमारदारों को महंगी कीमतों में दवाओं को खरीदना पड़ रहा है।

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वर्जन
सरकार की हिदायतों के अनुसार मरीजों को चिह्नित कर अस्पतालों में भेजा जा रहा है। रेवाड़ी में अब तक कुल 18 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
- डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन रेवाड़ी
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