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मंडी में हजारों क्विंटल बाजरा भीगा

Sat, 05 Oct 2019 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 05 Oct 2019 12:45 AM IST
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agriculture - फोटो : Rewari
जिले में एक अक्टूबर से शुरू हुई बाजरे की खरीद का उठान नहीं होने से खरीदा गया बाजरा वीरवार शाम के समय आई बरसात में भीग गया। जिले की तीन मंडियों में बीते तीन दिनों में कोसली मंडी में 15900 क्विंटल, रेवाड़ी मंडी में 12000 क्विंटल व बावल मंडी में 5051 क्विंटल खरीद हो चुकी है। किसानों का कहना है कि वीरवार को बावल मंडी में उनकी फसल की खरीद नहीं हो पाई, ऐसे में उनका बाजार भीग गया। इसके लिए पूरी तरह से सरकारी खरीद एजेंसी जिम्मेदार है। किसानों को रोस्टर जारी कर खरीद के लिए बुला लिया जाता है, लेकिन बारदाने क कमी से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सुरक्षित गोदामों तक बाजरे पहुंचाना बना चुनौती
वीरवार को आई बरसात के कारण मंडियों में किसानों की फसल भी भीगी और सरकारी खरीद किया गया बाजरा भी बारिश की चपेट में आया। लगातार बदल रहे मौसम के तेवर देखकर सरकारी खरीद एजेंसी की मुश्किलें भी बढ़ गई है, क्योंकि सरकारी तौर पर खरीद हो चुका बाजरा सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती है।
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बावल मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम
बावल की मंडी में अब जरूरत के हिसाब से आधा ही बारदाना पहुंचा है। मंडी में बाजरा बिक्री के लिए आने वाले किसान 36 घंटे बाद भी अपनी पैदावार बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। बारदाने के अभाव में खरीद प्रक्रिया धीमी चल रही है। मंडी में एक से तीन अक्टूबर तक केवल 5049 हजार बैग बाजरा खरीदा गया है। खरीद किए गए अधिकतर बैगों का उठान नहीं होने के कारण खुले में पड़ा था जो बरसात में भीग गया।
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अपनी पैदावार बिक्री के लिए आए धारण निवासी जोगेन्द्र सिंह ने बताया कि बारदाने के अभाव में 36 घंटे बाद भी बाजरा नहीं खरीदा जा रहा है। खरीद के लिए जब बारदाना ही नहीं है तो रोस्टर जारी कर किसानों को क्यों परेशान किया जा रहा है। कर्मचारी एवं अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दे रहे हैं। राजपाल सिंह ने बताया कि बावल मंडी में न खरीददार हैं न बारदाना। किराए के ट्रेक्टर में अपनी पैदावार भरकर लाया था। लेकिन बारदाने के अभाव में खरीद नहीं हो रही है जिसके चलते आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन खरीद नहीं हो रही है।
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