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Rewari News: तीन माह की राहत के बाद आज से एक दिन छोड़कर मिलेगा पानी
Mon, 25 Nov 2024 02:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 25 Nov 2024 02:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सोनीपत के खूबड़ू हेड से रविवार को जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया गया। इसके चलते सोमवार से एक दिन छोड़ कर पानी की आपूर्ति की जाएगी। इससे पहले तीन माह तक लगातार जलापूर्ति होने से शहरवासियों को राहत मिली थी।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार रविवार से जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ना बंद करने के कारण सोमवार से पेयजल की राशनिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शहर के एक हिस्से में एक दिन तो शेष हिस्से में दूसरे दिन जलापूर्ति की जाएगी। नहर में जब तक पानी नहीं आएगा, तब तक पानी की राशनिंग जारी रहेगी।
शहर में पेयजल की आपूर्ति नहरी पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शेड्यूल 16-24 का है। यानी 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिनों तक बंद रहता है। मानसून सीजन से पहले शहर में हर माह पानी की राशनिंग की जा रही थी। शहरवासियों को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा था। मानसून के दौरान नहर में पानी आना बंद नहीं हुआ था और तीन माह तक लगातार नहर में पानी आया। इससे पेयजल आपूर्ति में दिक्कत नहीं आई। अब बारिश कम हो रही है और नहर में पानी आना बंद हो गया है।
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हर महीने रहती है पानी की समस्या :
शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी को स्टोर किया जाता है। यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका में एक वाटर टैंक और बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई गांव जमीन देने को तैयार नहीं हो रहा है।
आबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम
शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
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वर्जन
जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी आना बंद हो गया है। पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए सोमवार से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी। नहरी पानी का शेड्यूल अभी नहीं आया है। आने के बाद बता दिया जाएगा। - हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। सोनीपत के खूबड़ू हेड से रविवार को जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया गया। इसके चलते सोमवार से एक दिन छोड़ कर पानी की आपूर्ति की जाएगी। इससे पहले तीन माह तक लगातार जलापूर्ति होने से शहरवासियों को राहत मिली थी।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार रविवार से जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ना बंद करने के कारण सोमवार से पेयजल की राशनिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शहर के एक हिस्से में एक दिन तो शेष हिस्से में दूसरे दिन जलापूर्ति की जाएगी। नहर में जब तक पानी नहीं आएगा, तब तक पानी की राशनिंग जारी रहेगी।
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शहर में पेयजल की आपूर्ति नहरी पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शेड्यूल 16-24 का है। यानी 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिनों तक बंद रहता है। मानसून सीजन से पहले शहर में हर माह पानी की राशनिंग की जा रही थी। शहरवासियों को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा था। मानसून के दौरान नहर में पानी आना बंद नहीं हुआ था और तीन माह तक लगातार नहर में पानी आया। इससे पेयजल आपूर्ति में दिक्कत नहीं आई। अब बारिश कम हो रही है और नहर में पानी आना बंद हो गया है।
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हर महीने रहती है पानी की समस्या :
शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी को स्टोर किया जाता है। यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका में एक वाटर टैंक और बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई गांव जमीन देने को तैयार नहीं हो रहा है।
आबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम
शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
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वर्जन
जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी आना बंद हो गया है। पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए सोमवार से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी। नहरी पानी का शेड्यूल अभी नहीं आया है। आने के बाद बता दिया जाएगा। - हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी।