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Rewari News: चौतरफा विरोध पर जागा प्रशासन, नालों की होगी सफाई
Thu, 18 Jul 2024 04:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 18 Jul 2024 04:56 AM IST
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रेवाड़ी। भाड़ावास गेट पर नाले में जमी गंदगी। संवाद
रेवाड़ी। शहर के व्यापारियों के लगातार बढ़ते विरोध के बाद नालों की सफाई को लेकर प्रशासन अब जाग गया है। नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले नालों की सफाई को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। मुख्य सर्कुलर रोड, दिल्ली रोड, अग्रसेन चौक से भाड़ावास गेट और पंजाबी पोटरी नाले की सफाई कराई जाएगी। इसके लिए करीब 36.79 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन सभी क्षेत्रों में नाले खस्ताहाल हैं। कई जगह पर नाले भी टूट चुके हैं। ऐसे में सफाई करते वक्त कर्मचारियों के लिए भी काफी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। बता दें कि पिछले सप्ताह शहर के 27 बाजारों के प्रधानों ने डीसी और एडीसी से नगर परिषद की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए नालों की सफाई की मांग की थी। ताकि हर साल की तरह जलभराव से दुकानदारी चौपट न हो।
शिकायत पर नगर परिषद के ईओ टीम के साथ फील्ड में शहर के नालों का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके अगले दिन एडीसी और नगरायुक्त अनुपमा अंजलि भी विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करने के लिए गईं, अब टेंडर लगाया गया है। वहीं राजेश, सुनील, विनोद आदि ने बताया कि हर साल नालों की सफाई समय पर नहीं होती है। इस वजह से मानसून के दिनों में जलभराव से शहरवासियों को जूझना पड़ता है। जब नालों की सफाई होती है तो गाद भी समय पर नहीं उठाया जाता है। इससे आसपास गंदगी फैल जाती है। कुल मिलाकर समस्या बनी रहती है यह केवल प्रशासन की उदासीनता है। नालों से बदबू भी उठती है। घर में रहना मुश्किल हो जाता है। बीमारी का भी खतरा बना रहता है।
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इंसेट
बाजार के नए नालों की नहीं हुई कनेक्टिविटी
वार्ड नंबर 13 के पार्षद चंदन यादव और पार्षद लोकेश ने बताया कि बाजार में नए नाले बनाए गए थे, जो आधे अधूरे छोड़ दिए गए। नालों की कनेक्टिविटी कहां पर है वह आज तक बाजार के व्यापारियों को पता ही नहीं चल सकता है। सिर्फ खानापूरी की जाती है। जब नए नाले ही ठीक से नहीं बने होंगे तो पुराने नालों की स्थिति कैसी होगी। पिछले एक साल से शहर के नालों की सफाई नहीं हुई है।
जलभराव की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी : एडीसी
अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में जलभराव की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। एडीसी अनुपमा अंजलि ने रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल शहरी क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में नगर परिषद, सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जलनिकासी के लिए प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन क्षेत्रों में रहती है जलभराव की समस्या
शहर के नागरिक अस्पताल, नई आबादी, राजीव नगर, माॅडल टाउन, अनाज मंडी, बस स्टैंड, पुरानी सब्जी मंडी, कटला बाजार, रेलवे स्टेशन, ऑटो मार्केट, नाईवाली चौक, सती कॉलोनी, कृष्णा नगर, शक्तिनगर पुराना व नया हाउसिंग बोर्ड सहित शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
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नालों की सफाई को लेकर नगर परिषद गंभीर है। नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत जितने भी नाले आते हैं, उसकी सफाई परिषद प्राथमिकता से कराएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।- पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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इन सभी क्षेत्रों में नाले खस्ताहाल हैं। कई जगह पर नाले भी टूट चुके हैं। ऐसे में सफाई करते वक्त कर्मचारियों के लिए भी काफी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। बता दें कि पिछले सप्ताह शहर के 27 बाजारों के प्रधानों ने डीसी और एडीसी से नगर परिषद की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए नालों की सफाई की मांग की थी। ताकि हर साल की तरह जलभराव से दुकानदारी चौपट न हो।
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शिकायत पर नगर परिषद के ईओ टीम के साथ फील्ड में शहर के नालों का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके अगले दिन एडीसी और नगरायुक्त अनुपमा अंजलि भी विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करने के लिए गईं, अब टेंडर लगाया गया है। वहीं राजेश, सुनील, विनोद आदि ने बताया कि हर साल नालों की सफाई समय पर नहीं होती है। इस वजह से मानसून के दिनों में जलभराव से शहरवासियों को जूझना पड़ता है। जब नालों की सफाई होती है तो गाद भी समय पर नहीं उठाया जाता है। इससे आसपास गंदगी फैल जाती है। कुल मिलाकर समस्या बनी रहती है यह केवल प्रशासन की उदासीनता है। नालों से बदबू भी उठती है। घर में रहना मुश्किल हो जाता है। बीमारी का भी खतरा बना रहता है।
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बाजार के नए नालों की नहीं हुई कनेक्टिविटी
वार्ड नंबर 13 के पार्षद चंदन यादव और पार्षद लोकेश ने बताया कि बाजार में नए नाले बनाए गए थे, जो आधे अधूरे छोड़ दिए गए। नालों की कनेक्टिविटी कहां पर है वह आज तक बाजार के व्यापारियों को पता ही नहीं चल सकता है। सिर्फ खानापूरी की जाती है। जब नए नाले ही ठीक से नहीं बने होंगे तो पुराने नालों की स्थिति कैसी होगी। पिछले एक साल से शहर के नालों की सफाई नहीं हुई है।
जलभराव की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी : एडीसी
अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में जलभराव की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। एडीसी अनुपमा अंजलि ने रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल शहरी क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में नगर परिषद, सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जलनिकासी के लिए प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन क्षेत्रों में रहती है जलभराव की समस्या
शहर के नागरिक अस्पताल, नई आबादी, राजीव नगर, माॅडल टाउन, अनाज मंडी, बस स्टैंड, पुरानी सब्जी मंडी, कटला बाजार, रेलवे स्टेशन, ऑटो मार्केट, नाईवाली चौक, सती कॉलोनी, कृष्णा नगर, शक्तिनगर पुराना व नया हाउसिंग बोर्ड सहित शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
नालों की सफाई को लेकर नगर परिषद गंभीर है। नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत जितने भी नाले आते हैं, उसकी सफाई परिषद प्राथमिकता से कराएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।- पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।

रेवाड़ी। भाड़ावास गेट पर नाले में जमी गंदगी। संवाद

रेवाड़ी। भाड़ावास गेट पर नाले में जमी गंदगी। संवाद