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हाल ए बाजार: सड़कों पर सजी दुकानें, पैदल चलना भी मुश्किल
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रेवाड़ी। शहर के बाजारों को अभी पूरी जाम से मुक्ति नहीं मिल पाई है। नगर परिषद जब अभियान चलाती है तो बाजार से जाम हट जाता है लेकिन अधिकारियों के नजर फेरते ही हालात फिर वहीं हो जाते हैं। अब लंबे समय से अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण हालात फिर से बद से बदतर हो गए हैं।
अतिक्रमणकारियों में नगर परिषद का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। हालात यह है कि कि बारा हजारी से लेकर मोती चौक तक की सड़क पर रेहड़ीवालों ने कब्जा जमाया हुआ है। यहां पर दुकानदार भी पीछे नहीं है। उन्होंने भी सड़कों पर कब्जा करते हुए आधी दुकान को सड़क पर सजा दिया है। अतिक्रमण की वजह से शहर के बाजार व अन्य सड़कें पूरी तरह से बदहाल है। नगर परिषद की ओर से करीब लगभग यहां पर लगभग तीन माह पूर्व अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया था, लेकिन अब स्थिति फिर वहीं हो गई है। अब नगर परिषद भी दोबारा से अभियान चलाने की बजाय अतिक्रमण पर मौन साधे हुआ है। अतिक्रमणकारियों को ऐसी छूट मिली है कि हालात पहले से भी जैसे ही हो गया है।
दस मिनट का सफर तय होता आधे घंटे
शहर के बाजारों में जाम की वजह से दस मिनट का सफर तय करने में ही आधा घंटे से भी अधिक का समय लग जाता है। अतिक्रमण के साथ बीचोंबीच लगी रेहड़ियों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। वैवाहिक सीजन के दौरान तो इस जाम से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
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शहर में अतिक्रमण इतना अधिक हो चुका हैं कि किसी भी सड़क पर जाएं सिर्फ अतिक्रमण ही अतिक्रमण दिखाई देता है। बाजारों में रेहड़ी के बाद व्यापारी अपना सामान बाहर रखकर अतिक्रमण कर रहे हैं और नप अधिकारी मौन है।
-पवन जोशी
नगर परिषद अधिकारियों द्वारा इस समस्या को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बाजारों में इतने बदतर हालात है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए।
-विकास
शहर में जाम की समस्या आम बात हो गई है। आए दिन लोगों का आपस में झगड़ा होता है। कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
अतुल शर्मा
नगर परिषद की लापरवाही के कारण शहर में जाम की स्थिति बनी हुई है। आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब एक घंटा लग जाता है। अतिक्रमण की वजह से नगर परिषद द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं करना है जिसकी वजह से अभियान के बाद फिर वहीं हालात हो जाते हैं।
-नरेश यादव
अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करके ही शहर को जाम से मुक्त बनाया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन को भी ढुलमुल रवैया छोड़कर सख्त रवैया अपनाना होगा तभी शहर के हालात सुधर सकते हैं।
-अनिल कुमार
अतिक्रमण को लेकर पूरी तरह से गंभीर हैं। शहर में समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जल्द ही कार्ययोजना बनाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
-मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी नप।
अतिक्रमणकारियों में नगर परिषद का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। हालात यह है कि कि बारा हजारी से लेकर मोती चौक तक की सड़क पर रेहड़ीवालों ने कब्जा जमाया हुआ है। यहां पर दुकानदार भी पीछे नहीं है। उन्होंने भी सड़कों पर कब्जा करते हुए आधी दुकान को सड़क पर सजा दिया है। अतिक्रमण की वजह से शहर के बाजार व अन्य सड़कें पूरी तरह से बदहाल है। नगर परिषद की ओर से करीब लगभग यहां पर लगभग तीन माह पूर्व अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया था, लेकिन अब स्थिति फिर वहीं हो गई है। अब नगर परिषद भी दोबारा से अभियान चलाने की बजाय अतिक्रमण पर मौन साधे हुआ है। अतिक्रमणकारियों को ऐसी छूट मिली है कि हालात पहले से भी जैसे ही हो गया है।
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दस मिनट का सफर तय होता आधे घंटे
शहर के बाजारों में जाम की वजह से दस मिनट का सफर तय करने में ही आधा घंटे से भी अधिक का समय लग जाता है। अतिक्रमण के साथ बीचोंबीच लगी रेहड़ियों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। वैवाहिक सीजन के दौरान तो इस जाम से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
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शहर में अतिक्रमण इतना अधिक हो चुका हैं कि किसी भी सड़क पर जाएं सिर्फ अतिक्रमण ही अतिक्रमण दिखाई देता है। बाजारों में रेहड़ी के बाद व्यापारी अपना सामान बाहर रखकर अतिक्रमण कर रहे हैं और नप अधिकारी मौन है।
-पवन जोशी
नगर परिषद अधिकारियों द्वारा इस समस्या को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बाजारों में इतने बदतर हालात है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए।
-विकास
शहर में जाम की समस्या आम बात हो गई है। आए दिन लोगों का आपस में झगड़ा होता है। कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
अतुल शर्मा
नगर परिषद की लापरवाही के कारण शहर में जाम की स्थिति बनी हुई है। आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब एक घंटा लग जाता है। अतिक्रमण की वजह से नगर परिषद द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं करना है जिसकी वजह से अभियान के बाद फिर वहीं हालात हो जाते हैं।
-नरेश यादव
अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करके ही शहर को जाम से मुक्त बनाया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन को भी ढुलमुल रवैया छोड़कर सख्त रवैया अपनाना होगा तभी शहर के हालात सुधर सकते हैं।
-अनिल कुमार
अतिक्रमण को लेकर पूरी तरह से गंभीर हैं। शहर में समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जल्द ही कार्ययोजना बनाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
-मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी नप।