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शहीद को दस माह के बेटे ने दी मुखाग्नि तो बिलख पड़े लोग
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जांबाज का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। गांव राजगढ़ में मंगलवार को जब दस माह के बेटे ने मुखाग्नि दी तो हर कोई रो पड़ा। सेना और पुलिस के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। राजगढ़ और आसपास के गांवों में निजी स्कूल संचालकों ने छुट्टी कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। राजगढ़ से पहले क्षेत्र के गांवों के लोगों ने हजारों की संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। साबन चौक से शहीद के गांव राजगढ़ तक निकाली गई अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा।
गांव राजगढ़ निवासी एवं राष्ट्रीय राइफल पुलवामा में तैनात जांबाज सैनिक हरि सिंह आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव में लाया गया। शहीद के दर्शनों के लिए अंतिम यात्रा में भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को शहीद का पार्थिव शरीर करीब 10 बजे दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित साबन चौक पर पहुंचा। हजारों की संख्या में लोग वहां मौजूद थे। ढोल, नगाड़ों और डीजे के साथ शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। करीब 11 बजे शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। दिन में 11.56 बजे शहीद के 10 माह के बेटे लक्ष्य ने मुखाग्नि दी। इस दृश्य को लेकर हजारों की संख्या में मौजूद लोग बिलख पड़े। ग्रामीणों के ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, हरि सिंह तेरा नाम रहेगा’ और ‘पाकिस्तान तेरा नाम मिटा देंगे’ के नारे लगाए जा रहे थे। सेना की 83 आर्मर्ड रेजीमेंट हिसार और हरियाणा पुलिस के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। हरी सिंह का जन्म 15 अगस्त 1993 को हुआ था। वर्ष-2011 में सेना में भर्ती हुए। वर्तमान में पुलवामा में 55 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। शहीद हरी सिंह के पिता अगडी सिंह भी आर्मी में थे। शहीद हरी सिंह के परिवार में माता पिस्ता देवी, पत्नी राधा बाई और 10 माह का बेटा लक्ष्य है। हरी सिंह तीन बहनों के इकलौते भाई थे। हरी सिंह ने सर्च ऑपरेशन के दौरान वीरता से लड़कर अपने प्राणों की आहुति दी।
शहीद की मां हुई बेहोश तो पत्नी बोली- बेटे को भी सेना में भेजूंगी
शहीद हरि सिंह का पार्थिव शरीर जब घर लाया गया तो मां पिस्ता देवी बेहोश हो गईं। आसपास बैठीं महिलाएं उनको होश में लाती, लेकिन होश में आते ही मां जोर-जोर भोलू बेटा कहकर दहाड़े मारने लगती। शहीद की पत्नी राधाबाई भी पति के शव पर दहाड़े मारकर रो रहीं थीं। कभी ननद तो कभी सास से लिपटकर रो रहीं थीं। महिलाएं शहीद की पत्नी और परिवार की अन्य महिलाओं को संभाल रहीं थीं। शहीद की बहनें भी भाई के अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचीं थीं। शहीद की पत्नी राधाबाई ने कहा कि वह अपने पति के सपने को पूरा करने के लिए बेटे लक्ष्य को भी देश की सेवा करने सेना में भेजेगी।
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जगह-जगह ग्रामीणों ने बरसाए फूल
साबन चौक से गांव राजगढ़ तक जगह-जगह लोगों की भीड़ जमा थी। शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव साबन, आसरा का माजरा, भैरामपुर भडंगी, धारण, धारण की ढ़ाणी, नरसिंहपुर गढ़ी, बालावास जाट, टांकड़ी, मोहनपुर, खंडोडा व बीघाना के गांव के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। शहीद के पैतृक गांव राजगढ़ और आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों में निजी स्कूल संचालकों ने मंगलवार को छुट्टी कर दी। सभी विद्यार्थी शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
पचास लाख व आश्रित को नौकरी मिलेगी
जम्मू कश्मीर में हुआ आतंकी हमला बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे लेकर पूरे देश की जनता में भारी रोष है। जनता में सिर्फ एक ही आवाज है कि बदला चाहिए। सरकार भी इस मामले पर बेहद गंभीर है। पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से सेना को आदेश दिए जा चुके हैं। जहां तक बड़ी कार्रवाई का सवाल है तो उस पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। शहीद हरि सिंह की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता है। अब पाकिस्तान को सबक सिखाने का समय आ गया है। प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार शहीद के परिवार को पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक आश्रित को नौकरी देने का प्रावधान है। - राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री
सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है। शहीद के परिजनों को 50 लाख देने का सरकार ने निर्णय लिया हुआ है। सरकार से अन्य जो मदद होगी वह भी की जाएगी। लोगों की जनभावना के अनुरूप पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाएगा। शहीद हरि सिंह की शहादत से प्रदेश के लोगों में रोष है। - रामबिलास शर्मा, शिक्षा मंत्री
घटना की कड़ी निंदा कर शहीद परिवार के प्रति संवेदना है। जिस वीरता के साथ भारतीय सैनिक देश के दुश्मनों का सामना कर रहे हैं, उसी भावना के साथ पूरा देश सैनिकों के इस जज्बे को सलाम कर रहा है। - राव नरबीर सिंह, लोक निर्माण मंत्री
इन लोगों ने दी श्रद्धांजलि
लोकनिर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह, जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल, विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास, पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह, राव दान सिंह, पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया, पूर्व मंत्री डॉ. एमएल रंगा, कर्नल एनएस निंबलकार, कर्नल चंदन बजाज, नायब रिसलदार ओमकार सिंह, चौधरी बच्चू सिंह शाहपुर, पूर्व मंत्री जसवंत सिंह, सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान एडवोकेट चरणसिंह साबन, एडीजीपी श्रीकांत जाधव, उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, एसडीएम बावल कुशल कटारिया, जिला सैनिक बोर्ड की सचिव ले. कर्नल सरिता यादव व तहसीलदार मनीष कुमार ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
रेवाड़ी। पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जांबाज का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। गांव राजगढ़ में मंगलवार को जब दस माह के बेटे ने मुखाग्नि दी तो हर कोई रो पड़ा। सेना और पुलिस के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। राजगढ़ और आसपास के गांवों में निजी स्कूल संचालकों ने छुट्टी कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। राजगढ़ से पहले क्षेत्र के गांवों के लोगों ने हजारों की संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। साबन चौक से शहीद के गांव राजगढ़ तक निकाली गई अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा।
गांव राजगढ़ निवासी एवं राष्ट्रीय राइफल पुलवामा में तैनात जांबाज सैनिक हरि सिंह आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव में लाया गया। शहीद के दर्शनों के लिए अंतिम यात्रा में भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को शहीद का पार्थिव शरीर करीब 10 बजे दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित साबन चौक पर पहुंचा। हजारों की संख्या में लोग वहां मौजूद थे। ढोल, नगाड़ों और डीजे के साथ शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। करीब 11 बजे शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। दिन में 11.56 बजे शहीद के 10 माह के बेटे लक्ष्य ने मुखाग्नि दी। इस दृश्य को लेकर हजारों की संख्या में मौजूद लोग बिलख पड़े। ग्रामीणों के ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, हरि सिंह तेरा नाम रहेगा’ और ‘पाकिस्तान तेरा नाम मिटा देंगे’ के नारे लगाए जा रहे थे। सेना की 83 आर्मर्ड रेजीमेंट हिसार और हरियाणा पुलिस के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। हरी सिंह का जन्म 15 अगस्त 1993 को हुआ था। वर्ष-2011 में सेना में भर्ती हुए। वर्तमान में पुलवामा में 55 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। शहीद हरी सिंह के पिता अगडी सिंह भी आर्मी में थे। शहीद हरी सिंह के परिवार में माता पिस्ता देवी, पत्नी राधा बाई और 10 माह का बेटा लक्ष्य है। हरी सिंह तीन बहनों के इकलौते भाई थे। हरी सिंह ने सर्च ऑपरेशन के दौरान वीरता से लड़कर अपने प्राणों की आहुति दी।
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शहीद की मां हुई बेहोश तो पत्नी बोली- बेटे को भी सेना में भेजूंगी
शहीद हरि सिंह का पार्थिव शरीर जब घर लाया गया तो मां पिस्ता देवी बेहोश हो गईं। आसपास बैठीं महिलाएं उनको होश में लाती, लेकिन होश में आते ही मां जोर-जोर भोलू बेटा कहकर दहाड़े मारने लगती। शहीद की पत्नी राधाबाई भी पति के शव पर दहाड़े मारकर रो रहीं थीं। कभी ननद तो कभी सास से लिपटकर रो रहीं थीं। महिलाएं शहीद की पत्नी और परिवार की अन्य महिलाओं को संभाल रहीं थीं। शहीद की बहनें भी भाई के अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचीं थीं। शहीद की पत्नी राधाबाई ने कहा कि वह अपने पति के सपने को पूरा करने के लिए बेटे लक्ष्य को भी देश की सेवा करने सेना में भेजेगी।
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साबन चौक से गांव राजगढ़ तक जगह-जगह लोगों की भीड़ जमा थी। शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव साबन, आसरा का माजरा, भैरामपुर भडंगी, धारण, धारण की ढ़ाणी, नरसिंहपुर गढ़ी, बालावास जाट, टांकड़ी, मोहनपुर, खंडोडा व बीघाना के गांव के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। शहीद के पैतृक गांव राजगढ़ और आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों में निजी स्कूल संचालकों ने मंगलवार को छुट्टी कर दी। सभी विद्यार्थी शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
पचास लाख व आश्रित को नौकरी मिलेगी
जम्मू कश्मीर में हुआ आतंकी हमला बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे लेकर पूरे देश की जनता में भारी रोष है। जनता में सिर्फ एक ही आवाज है कि बदला चाहिए। सरकार भी इस मामले पर बेहद गंभीर है। पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से सेना को आदेश दिए जा चुके हैं। जहां तक बड़ी कार्रवाई का सवाल है तो उस पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। शहीद हरि सिंह की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता है। अब पाकिस्तान को सबक सिखाने का समय आ गया है। प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार शहीद के परिवार को पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक आश्रित को नौकरी देने का प्रावधान है। - राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री
सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है। शहीद के परिजनों को 50 लाख देने का सरकार ने निर्णय लिया हुआ है। सरकार से अन्य जो मदद होगी वह भी की जाएगी। लोगों की जनभावना के अनुरूप पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाएगा। शहीद हरि सिंह की शहादत से प्रदेश के लोगों में रोष है। - रामबिलास शर्मा, शिक्षा मंत्री
घटना की कड़ी निंदा कर शहीद परिवार के प्रति संवेदना है। जिस वीरता के साथ भारतीय सैनिक देश के दुश्मनों का सामना कर रहे हैं, उसी भावना के साथ पूरा देश सैनिकों के इस जज्बे को सलाम कर रहा है। - राव नरबीर सिंह, लोक निर्माण मंत्री
इन लोगों ने दी श्रद्धांजलि
लोकनिर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह, जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल, विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास, पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह, राव दान सिंह, पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया, पूर्व मंत्री डॉ. एमएल रंगा, कर्नल एनएस निंबलकार, कर्नल चंदन बजाज, नायब रिसलदार ओमकार सिंह, चौधरी बच्चू सिंह शाहपुर, पूर्व मंत्री जसवंत सिंह, सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान एडवोकेट चरणसिंह साबन, एडीजीपी श्रीकांत जाधव, उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, एसडीएम बावल कुशल कटारिया, जिला सैनिक बोर्ड की सचिव ले. कर्नल सरिता यादव व तहसीलदार मनीष कुमार ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।