{"_id":"59c0259d4f1c1b1e688b5496","slug":"191505764765-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल में शिक्षकों की कमी, ग्रामीणों ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल में शिक्षकों की कमी, ग्रामीणों ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कोसली।
क्षेत्र के गांव टूमना के हाई स्कूूल में कई दिनों से अध्यापक न होने से सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दम तोड़ रहा है। स्कूल में शिक्षकों की कमी से अभिभावकों और बच्चों में भारी रोष है। इस मुद्दे पर सोमवार को ग्रामीणों ने स्कूल में सरपंच, एसएमसी प्रधान रानी देवी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया। बैठक में मुख्य अध्यापक, एसएमसी प्रधान, सदस्य और ग्रामीण भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके गांव में अध्यापकों का अभाव बना हुआ है, जिसके बारे में शिक्षा विभाग और सत्ता पक्ष तक को अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन उनके गांव में स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही समस्या का हल नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
हाई स्कूल में शिक्षकों का अभाव पिछले एक साल से बना हुआ है। पंचायत समिति नाहड़ के सदस्य ओमप्रकाश का कहना है कि गांव टूमना में स्कूल स्टाफ की कमी लंबे समय से चली आ रही है जिसके बारे में बार-बार शिक्षा विभाग को लिखित रूप में और स्थानीय विधायक को भी अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। यदि स्टाफ पूरा नहीं होता है तो वे बच्चों को लेकर सड़कों पर आने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर सरपंच चांद सिंह, ब्लॉक समिति सदस्य ओमप्रकाश, परमजीत, नरेश, प्रवीण, इंद्रजीत, मनोज, रजनी सहित गांव के गणमान्य लोग मौजूद थे।
मुख्याध्यापक बोले- की जा रही है मेहनत
राजकीय उच्च विद्यालय टूमना के मुख्य अध्यापक ओमप्रकाश का कहना है कि भले ही स्कूल में अध्यापकों की कमी हो लेकिन जो अध्यापक कार्यरत है वह लगन व मेहनत से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि स्कूल का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा है। इसके साथ-साथ खेलों में भी उनका स्कूल हाल ही में ब्लॉक स्तर पर प्रथम रहा है। उन्होंने भी यह बात स्वीकार कि है कि उनके स्कूल में स्टाफ आधे से भी कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोसली।
क्षेत्र के गांव टूमना के हाई स्कूूल में कई दिनों से अध्यापक न होने से सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दम तोड़ रहा है। स्कूल में शिक्षकों की कमी से अभिभावकों और बच्चों में भारी रोष है। इस मुद्दे पर सोमवार को ग्रामीणों ने स्कूल में सरपंच, एसएमसी प्रधान रानी देवी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया। बैठक में मुख्य अध्यापक, एसएमसी प्रधान, सदस्य और ग्रामीण भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके गांव में अध्यापकों का अभाव बना हुआ है, जिसके बारे में शिक्षा विभाग और सत्ता पक्ष तक को अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन उनके गांव में स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही समस्या का हल नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
हाई स्कूल में शिक्षकों का अभाव पिछले एक साल से बना हुआ है। पंचायत समिति नाहड़ के सदस्य ओमप्रकाश का कहना है कि गांव टूमना में स्कूल स्टाफ की कमी लंबे समय से चली आ रही है जिसके बारे में बार-बार शिक्षा विभाग को लिखित रूप में और स्थानीय विधायक को भी अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। यदि स्टाफ पूरा नहीं होता है तो वे बच्चों को लेकर सड़कों पर आने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर सरपंच चांद सिंह, ब्लॉक समिति सदस्य ओमप्रकाश, परमजीत, नरेश, प्रवीण, इंद्रजीत, मनोज, रजनी सहित गांव के गणमान्य लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
मुख्याध्यापक बोले- की जा रही है मेहनत
राजकीय उच्च विद्यालय टूमना के मुख्य अध्यापक ओमप्रकाश का कहना है कि भले ही स्कूल में अध्यापकों की कमी हो लेकिन जो अध्यापक कार्यरत है वह लगन व मेहनत से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि स्कूल का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा है। इसके साथ-साथ खेलों में भी उनका स्कूल हाल ही में ब्लॉक स्तर पर प्रथम रहा है। उन्होंने भी यह बात स्वीकार कि है कि उनके स्कूल में स्टाफ आधे से भी कम है।
विज्ञापन