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रचनाएं
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:55 PM IST
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साहित्यिक पत्रिका के लिए रचनाएं आमंत्रित
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हिंदी साहित्य एवं शोध की प्रमुख साहित्यिक पत्रिका बाबू जी का भारत मित्र का आगामी अंक हरियाणवीं साहित्य पर आधारित होगा। अंक के लिए संस्था ने रचनाधर्मिता पर शोध आलेख आमंत्रित किए हैं। पत्रिका के संपादक एवं वरिष्ठ रचनाकार रघुविंद्र यादव ने बताया कि उक्त अंक के लिए संस्कृति लेखक एवं हरियाणवी रचनाकार सत्यवीर नाहडिय़ा को संपादन का दायित्व सौंपा गया है। इस अंक के लिए रचनाएं 15 अक्तूबर तक बाबूजी का भारतमित्र कार्यालय, नीरपुर (नारनौल) भिजवाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि जिले के गांव गुड़ियानी में जन्मे यशस्वी साहित्यकार एवं मूर्धन्य पत्रकार स्व. बाबू बालमुकुंद गुप्त की बहुआयामी रचनाधर्मिता को चिरस्थायी व प्रेरणापुंज बनाने के लिए बाबू जी का भारत मित्र का आगामी अंक हरियाणवी साहित्य पर केंद्रित किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हिंदी साहित्य एवं शोध की प्रमुख साहित्यिक पत्रिका बाबू जी का भारत मित्र का आगामी अंक हरियाणवीं साहित्य पर आधारित होगा। अंक के लिए संस्था ने रचनाधर्मिता पर शोध आलेख आमंत्रित किए हैं। पत्रिका के संपादक एवं वरिष्ठ रचनाकार रघुविंद्र यादव ने बताया कि उक्त अंक के लिए संस्कृति लेखक एवं हरियाणवी रचनाकार सत्यवीर नाहडिय़ा को संपादन का दायित्व सौंपा गया है। इस अंक के लिए रचनाएं 15 अक्तूबर तक बाबूजी का भारतमित्र कार्यालय, नीरपुर (नारनौल) भिजवाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि जिले के गांव गुड़ियानी में जन्मे यशस्वी साहित्यकार एवं मूर्धन्य पत्रकार स्व. बाबू बालमुकुंद गुप्त की बहुआयामी रचनाधर्मिता को चिरस्थायी व प्रेरणापुंज बनाने के लिए बाबू जी का भारत मित्र का आगामी अंक हरियाणवी साहित्य पर केंद्रित किया गया है।