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बैंक से धोखाधड़ी कर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर हड़पे छह लाख रुपये, मामला दर्ज
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खोल। सिस्टम की लचर व्यवस्था कहें या फिर मिलीभगत। इसी का फायदा उठाते हुए किसान ने बैंक को 6 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत पर किसान व उसकी पत्नी सहित पटवारी व नायब तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कारपोरेशन बैंक के प्रबंधक द्वारा पुलिस में दी गई शिकायत आरोप लगाया है कि 24 जून 2015 को बुडौली निवासी धर्मबीर ने किसान क्रेडिट कार्ड पर धोखाधड़ी से छह लाख रुपये का लोन ले लिया। तीन साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जब किसान ने पैसे जमा नहीं कराए तो बैंक ने नोटिस भेजा। बावजूद इसके लोन की राशि जमा नहीं कराई गई। इसी दौरान बैंक के पास जमीन के रखे कागजात की जांच कराई गई तो पता चला की जमीन धर्मबीर के नाम पर नहीं है। जमीन उसकी पत्नी राजेश देवी के नाम है। इसके बाद बैंक मैनेजर ने सीएम विंडो पर मामले की शिकायत दी, 22 मार्च को खोल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
पटवारी की तस्दीक पर उठे सवाल
किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने से पहले जमीन की पूरी तस्दीक पटवारी को करनी होती है। जमीन कितनी है, किसके नाम है और उसकी भौगोलिक स्थिति क्या है। पटवारी की नो ड्यूज के बाद ही बैंक के पास फर्द पहुंचती है। पुलिस का कहना है कि बैंक के पास जो फर्द पहुंची वह बुड़ौली निवासी धर्मबीर के नाम ही थी। इसके आधार पर ही बैंक ने लोन दिया। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर लोन प्रक्रिया के 15 दिन के दौरान किस तरह से जमीन धर्मबीर के नाम से उसकी पत्नी राजेश देवी के नाम चढ़ गई।
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इसलिए फंसे नायब तहसीलदार
किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने के लिए जमीन को बैंक के पास गिरवी रखा जाता है, एक तरह से जमीन बैंक के नाम करा दी जाती है। बैंक के पास गिरवी रखते समय जमीन किसके नाम है, इसकी जांच तहसील की ओर से की जाती है। लेकिन बतौर मैनेजर ऐसा नहीं हुआ। नायब तहसीलदार उप- तहसील के सर्वेसर्वा थे। मैनेजर का आरोप है कि बिना यहां की मिलीभगत के जमीन ट्रांसफर नहीं हो सकती थी।
पहले भी विजिलेंस के हत्थे चढ़ा था एक पटवारी
डहीना उप-तहसील पहले भी इस तरह की चर्चाओं में रह चुकी है। यहां पर एक पटवारी को विजिलेंस टीम ने अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप लगे थे कि हत्थे चढ़ा पटवारी एक फोटो मशीन संचालक व एक अन्य दलालों के साथ मिलकर अवैध वसूली करवाता था। शिकायत के बाद भी विजिलेंस ने पटवारी को दबोचा था।
डहीना चौकी इंचार्ज एएसआई रमेश कुमार का कहना है कि सीएम विंडो पर मिली शिकायत के आधार पर कारपोरेशन बैंक के मैनेजर विनय की शिकायत पर आरोपी धर्मबीर व उसकी पत्नी सहित पटवारी व नायब तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि पटवारी व नायब तहसीलदार भी साजिश में शामिल थे। जांच की जा रही है।
कारपोरेशन बैंक के प्रबंधक द्वारा पुलिस में दी गई शिकायत आरोप लगाया है कि 24 जून 2015 को बुडौली निवासी धर्मबीर ने किसान क्रेडिट कार्ड पर धोखाधड़ी से छह लाख रुपये का लोन ले लिया। तीन साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जब किसान ने पैसे जमा नहीं कराए तो बैंक ने नोटिस भेजा। बावजूद इसके लोन की राशि जमा नहीं कराई गई। इसी दौरान बैंक के पास जमीन के रखे कागजात की जांच कराई गई तो पता चला की जमीन धर्मबीर के नाम पर नहीं है। जमीन उसकी पत्नी राजेश देवी के नाम है। इसके बाद बैंक मैनेजर ने सीएम विंडो पर मामले की शिकायत दी, 22 मार्च को खोल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
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पटवारी की तस्दीक पर उठे सवाल
किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने से पहले जमीन की पूरी तस्दीक पटवारी को करनी होती है। जमीन कितनी है, किसके नाम है और उसकी भौगोलिक स्थिति क्या है। पटवारी की नो ड्यूज के बाद ही बैंक के पास फर्द पहुंचती है। पुलिस का कहना है कि बैंक के पास जो फर्द पहुंची वह बुड़ौली निवासी धर्मबीर के नाम ही थी। इसके आधार पर ही बैंक ने लोन दिया। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर लोन प्रक्रिया के 15 दिन के दौरान किस तरह से जमीन धर्मबीर के नाम से उसकी पत्नी राजेश देवी के नाम चढ़ गई।
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इसलिए फंसे नायब तहसीलदार
किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने के लिए जमीन को बैंक के पास गिरवी रखा जाता है, एक तरह से जमीन बैंक के नाम करा दी जाती है। बैंक के पास गिरवी रखते समय जमीन किसके नाम है, इसकी जांच तहसील की ओर से की जाती है। लेकिन बतौर मैनेजर ऐसा नहीं हुआ। नायब तहसीलदार उप- तहसील के सर्वेसर्वा थे। मैनेजर का आरोप है कि बिना यहां की मिलीभगत के जमीन ट्रांसफर नहीं हो सकती थी।
पहले भी विजिलेंस के हत्थे चढ़ा था एक पटवारी
डहीना उप-तहसील पहले भी इस तरह की चर्चाओं में रह चुकी है। यहां पर एक पटवारी को विजिलेंस टीम ने अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप लगे थे कि हत्थे चढ़ा पटवारी एक फोटो मशीन संचालक व एक अन्य दलालों के साथ मिलकर अवैध वसूली करवाता था। शिकायत के बाद भी विजिलेंस ने पटवारी को दबोचा था।
डहीना चौकी इंचार्ज एएसआई रमेश कुमार का कहना है कि सीएम विंडो पर मिली शिकायत के आधार पर कारपोरेशन बैंक के मैनेजर विनय की शिकायत पर आरोपी धर्मबीर व उसकी पत्नी सहित पटवारी व नायब तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि पटवारी व नायब तहसीलदार भी साजिश में शामिल थे। जांच की जा रही है।