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युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाने से मौत
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- फोटो : Panipat
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परशुराम कालोनी में एक 22 वर्षीय ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह आठ बजे दरवाजा तोड़कर युवक का शव कमरे से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखवाया गया। वहीं परिजनों के बयान पर 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के भाई ने अपने ममेरे भाई की पत्नी और उसकी बहन पर भाई को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
मूलरूप से यूपी के जिला हरदोई के गांव कुल्ही निवासी आलोक ने बताया कि वह पिछले तीन साल से पानीपत वधावाराम कालोनी में एक किराए के मकान में रहता है। पिछले छह माह पहले उसका छोटा भाई विशाल(22) पानीपत उसके पास आया था। वह एक फैक्टरी में काम करता था। 17 जून को उसके ममेरे भाई की पत्नी और उसकी बहन घरेलू झगड़े की वजह उनके कमरे पर आ गईं थीं। जिनको विशाल ने परशुराम कालोनी में कमरा दिलाया था। कुछ दिनों के बाद विशाल भी उन्हीं के पास रहने लग गया था। सोमवार को सुबह उन्हें उसके फांसी लगाने की सूचना मिली। आलोक का आरोप है कि उनकी वजह से विशाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है। हालांकि किला थाना पुलिस ने आलोक के बयान पर 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
सीतापुर की रहने वाली ममेरे भाई की पत्नी ने बताया कि उसकी तीन साल पहले विशाल के ममेरे भाई प्रमोद के साथ शादी हुई थी, लेकिन घरेलू झगड़े की वजह से पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। वह अपनी मां के पास गई थी, लेकिन मां ने भी उसे रखने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद वह विशाल के पास आई तो उसने उन्हें सहारा दिया था। उसने बताया कि विशाल का पड़ोस में रहने वाली एक युवती से संबंध था, वह खुद लड़की से बातचीत कराती थी। वहीं इसके अलावा विशाल का एक शादीशुदा महिला के साथ भी संबंध था, जिससे वह फोन पर बातचीत करता रहता था। विशाल ने दोनों के नाम अपने हाथ पर भी गुदवा रखे थे।
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ममेरे भाई पत्नी ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे सभी ने एक साथ मिलकर खाना खाया था। जिसके बाद वह छत पर सोने के लिए चले गए थे। विशाल नशे में था, उसने नीचे जाकर सोने की बात कही। उन्होंने ऊपर सोने की जिद्द की, लेकिन वह नहीं माना और नीचे चला गया। वह सोमवार सुबह आठ बजे उठकर कमरे में गई तो विशाल का कमरा बंद था। खिड़की से देखा तो वह फंदे पर लटका हुआ था।
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मूलरूप से यूपी के जिला हरदोई के गांव कुल्ही निवासी आलोक ने बताया कि वह पिछले तीन साल से पानीपत वधावाराम कालोनी में एक किराए के मकान में रहता है। पिछले छह माह पहले उसका छोटा भाई विशाल(22) पानीपत उसके पास आया था। वह एक फैक्टरी में काम करता था। 17 जून को उसके ममेरे भाई की पत्नी और उसकी बहन घरेलू झगड़े की वजह उनके कमरे पर आ गईं थीं। जिनको विशाल ने परशुराम कालोनी में कमरा दिलाया था। कुछ दिनों के बाद विशाल भी उन्हीं के पास रहने लग गया था। सोमवार को सुबह उन्हें उसके फांसी लगाने की सूचना मिली। आलोक का आरोप है कि उनकी वजह से विशाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है। हालांकि किला थाना पुलिस ने आलोक के बयान पर 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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सीतापुर की रहने वाली ममेरे भाई की पत्नी ने बताया कि उसकी तीन साल पहले विशाल के ममेरे भाई प्रमोद के साथ शादी हुई थी, लेकिन घरेलू झगड़े की वजह से पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। वह अपनी मां के पास गई थी, लेकिन मां ने भी उसे रखने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद वह विशाल के पास आई तो उसने उन्हें सहारा दिया था। उसने बताया कि विशाल का पड़ोस में रहने वाली एक युवती से संबंध था, वह खुद लड़की से बातचीत कराती थी। वहीं इसके अलावा विशाल का एक शादीशुदा महिला के साथ भी संबंध था, जिससे वह फोन पर बातचीत करता रहता था। विशाल ने दोनों के नाम अपने हाथ पर भी गुदवा रखे थे।
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ममेरे भाई पत्नी ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे सभी ने एक साथ मिलकर खाना खाया था। जिसके बाद वह छत पर सोने के लिए चले गए थे। विशाल नशे में था, उसने नीचे जाकर सोने की बात कही। उन्होंने ऊपर सोने की जिद्द की, लेकिन वह नहीं माना और नीचे चला गया। वह सोमवार सुबह आठ बजे उठकर कमरे में गई तो विशाल का कमरा बंद था। खिड़की से देखा तो वह फंदे पर लटका हुआ था।