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यमुना का जलस्तर बढ़ा,खतरे के निशान तक पहुंचा
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सनौली। यमुना नदी के पुल को छुता पानी।
- फोटो : Panipat
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पहाड़ों में हो रही बारिश के चलते एक बार फिर यमुना का जल स्तर बढ़ गया है और 2 लाख 95 हजार क्यूसिक तक पहुंच गया है। ये जल स्तर पुल के नीचे 230 के नजदीक 229. 95 पर चेतावनी के निशान पर पहुंच गया हैं। ताजे वाला हेड से यमुना नदी में पानी छोड़ने से बुधवार सुबह को यमुना नदी में पानी का जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ था। यमुना नदी पुल पर बने केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अधिकारियों की मानें तो शुक्रवार की रात पानी बढ़ने की आशंका है।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र, सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर ने टीम के साथ दौरा किया। बाढ़ आपदा प्रबंधन के इंतजाम का जायजा लिया। वीरवार रात से धीरे-धीरे लगातार बढ़ते हुए शुक्रवार शाम तक नदी में 2 लाख 95 हजार क्यूसिक पानी चलना शुरू हो गया। जल स्तर बढ़ने से यमुना किनारे खड़ी 6 हजार एकड़ फसलें डूब चुकी हैं।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी, एसडीओ कर्मबीर सिंह का कहना है कि अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम किया जा रहा है। कटाव पर मिट्टी के कट्टे भर कर लगाए जा रहे हैं। नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र का कहना है कि यमुना नदी का दौरा किया और बाढ़ प्रबंधों का जायजा लिया । फिलहाल पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से बचाव के पुख्ता प्रबंध किए गए है। हर गांव में ठीकरा पहरे लगवाए गए है ।
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इन गांवों में भरा पानी
नदी से सटटे राणामाजरा, पत्थर गढ़, नवादा आर, नवादा पार, गढी बेसिक, जलालपुर, तामशाबाद, सनौली खुर्द, रामड़ा आर, नन्हेडा, रिशपुर, अधमी, जलमाणा, गोयला खुर्द, मिर्जापुर, गोयला कलां, खोजकीपुर आदि दर्जनों गांव की हजारों एकड़ ईख, ज्वार, ढांचा आदि की फसलों में पानी भर गया है ।
ये बोले किसान
किसान सोमपाल, बलवान, राजेश, सुभाष, श्यामलाल, नरेश, महबुब, मनोहर, राजपाल आदि का कहना है कि यमुना नदी में आए पानी से नदी के अंदर खड़ी घीया, पेठा, मिर्च आदि सब्जियों में पानी भर गया है पानी अधिक समय तक बहता रहा तो पानी में खड़ी फसलें बरबाद हो जाएंगी।
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बाढ़ के खतरे को देखते हुए नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र, सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर ने टीम के साथ दौरा किया। बाढ़ आपदा प्रबंधन के इंतजाम का जायजा लिया। वीरवार रात से धीरे-धीरे लगातार बढ़ते हुए शुक्रवार शाम तक नदी में 2 लाख 95 हजार क्यूसिक पानी चलना शुरू हो गया। जल स्तर बढ़ने से यमुना किनारे खड़ी 6 हजार एकड़ फसलें डूब चुकी हैं।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी, एसडीओ कर्मबीर सिंह का कहना है कि अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम किया जा रहा है। कटाव पर मिट्टी के कट्टे भर कर लगाए जा रहे हैं। नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र का कहना है कि यमुना नदी का दौरा किया और बाढ़ प्रबंधों का जायजा लिया । फिलहाल पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से बचाव के पुख्ता प्रबंध किए गए है। हर गांव में ठीकरा पहरे लगवाए गए है ।
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इन गांवों में भरा पानी
नदी से सटटे राणामाजरा, पत्थर गढ़, नवादा आर, नवादा पार, गढी बेसिक, जलालपुर, तामशाबाद, सनौली खुर्द, रामड़ा आर, नन्हेडा, रिशपुर, अधमी, जलमाणा, गोयला खुर्द, मिर्जापुर, गोयला कलां, खोजकीपुर आदि दर्जनों गांव की हजारों एकड़ ईख, ज्वार, ढांचा आदि की फसलों में पानी भर गया है ।
ये बोले किसान
किसान सोमपाल, बलवान, राजेश, सुभाष, श्यामलाल, नरेश, महबुब, मनोहर, राजपाल आदि का कहना है कि यमुना नदी में आए पानी से नदी के अंदर खड़ी घीया, पेठा, मिर्च आदि सब्जियों में पानी भर गया है पानी अधिक समय तक बहता रहा तो पानी में खड़ी फसलें बरबाद हो जाएंगी।