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Panipat News: अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख की ठगी में एक साल कैद
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। डंकी रूट के जरिए युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत ने अहर निवासी सोहन लाल शर्मा को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को एक साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और उसके परिजन अपनी गवाही से मुकर गए, लेकिन बैंक खाते में हुई लेन-देन की ट्रांजेक्शन को अहम साक्ष्य मानते हुए अदालत ने सोहन लाल को दोषी ठहराया।
मामले के अनुसार, शिमला मौलाना निवासी सलिंद्र ने 19 नवंबर 2019 को सदर थाने में शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सोहन लाल शर्मा और बलवान शर्मा ने उसे अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये लिए थे। रकम लेने के बाद उसे डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेज दिया गया। वहां अमेरिकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और बाद में भारत वापस भेज दिया गया।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने सलिंद्र के भाई को कनाडा भेजने का झांसा देकर उससे सात लाख रुपये और ले लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले की जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र पेश किया।
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मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और उसके परिजन अपनी पूर्व शिकायत के समर्थन में गवाही देने से मुकर गए।
इसके बावजूद अदालत ने बैंक खातों में हुई ट्रांजेक्शन को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना और सोहन लाल शर्मा को दोषी करार दिया। वहीं, बलवान शर्मा और प्रदीप को आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
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पानीपत। डंकी रूट के जरिए युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत ने अहर निवासी सोहन लाल शर्मा को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को एक साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और उसके परिजन अपनी गवाही से मुकर गए, लेकिन बैंक खाते में हुई लेन-देन की ट्रांजेक्शन को अहम साक्ष्य मानते हुए अदालत ने सोहन लाल को दोषी ठहराया।
मामले के अनुसार, शिमला मौलाना निवासी सलिंद्र ने 19 नवंबर 2019 को सदर थाने में शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सोहन लाल शर्मा और बलवान शर्मा ने उसे अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये लिए थे। रकम लेने के बाद उसे डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेज दिया गया। वहां अमेरिकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और बाद में भारत वापस भेज दिया गया।
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शिकायत के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने सलिंद्र के भाई को कनाडा भेजने का झांसा देकर उससे सात लाख रुपये और ले लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले की जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र पेश किया।
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मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और उसके परिजन अपनी पूर्व शिकायत के समर्थन में गवाही देने से मुकर गए।
इसके बावजूद अदालत ने बैंक खातों में हुई ट्रांजेक्शन को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना और सोहन लाल शर्मा को दोषी करार दिया। वहीं, बलवान शर्मा और प्रदीप को आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।