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टाइलों का गड़बड़झाला, रिकवरी पर उठ रहे सवाल
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पानीपत। अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। नगर निगम की टाइल वाली सड़कों से पुरानी टाइलों की रिकवरी को लेकर अब नए राज खुलने लगे हैं। पुरानी सड़क को उखाड़कर नई सड़क बनाने के टेंडरों में निगम पुरानी टाइलों की रिकवरी मांगता है लेकिन आज तक कोई भी ठेकेदार इनकी सौ प्रतिशत रिकवरी तो दूर 50 प्रतिशत रिकवरी भी नहीं दिखा पाया है। हर सड़क में से आमतौर पर केवल पांच से 10 प्रतिशत की रिकवरी ही दिखाई जाती है। इसकी खास बात ये है कि ठेकेदार टेंडर लेने के लिए रिकवरी के अलग-अलग रेट तक डाल देते हैं। कोई पुरानी टाइल की दो रुपये रिकवरी दिखाता है तो कोई इसे 35 रुपये तक में खरीदने के लिए तैयार है। इसी वजह से आज तक टाइलों की रिकवरी नहीं हो सकी है।
इसे लेकर जनप्रतिनिधि तक एक दूसरे के आमने सामने आ चुके हैं। जिसे लेकर टाइल गायब करने वाले ठेकेदारों पर एफआईआर तक दर्ज करवाने की बात की जा चुकी हैं। इसकी जांच निगम एसई रमेश कुमार को भी दी गई है लेकिन हैैैरानी की बात ये है कि आज तक निगम के पास पुरानी टाइलों का हिसाब किताब तक नहीं है। निगम एसई का कहना है कि उन्होंने सभी विकास कार्यों से रिकवरी का ब्योरा अधिकारियों से मांग लिया है।
बता देें कि ‘अमर उजाला’ ने टाइलों की रिकवरी के गड़बड़झाले को पहले भी अपने कई अंकों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें रिकवरी के रेट 35 रुपये तक के दिए गए थे। जिसके बाद निगम ने इस पर संज्ञान लिया था और ठेकेदार को भी अपनी गलती माननी पड़ी थी।
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एक स्कवेयर मीटर में लगती हैं 33 टाइल
निगम अधिकारियों ने बताया कि एक स्कवेयर मीटर में 33 टाइल लगती हैं। अगर एक सड़क में एक लाख टाइल लगी हैं और उसे उखाड़ा जाता है तो सड़क की हालात देखकर उसकी रिकवरी प्रतिशत का अनुमान लगाया जाता है। आम तौर पर एक ठीकठाक सड़क से 50 प्रतिशत तक टाइल रिकवर की जा सकती हैं लेकिन निगम के अधिकतर टेंडरों में पांच से 10 प्रतिशत तक की टाइलें रिकवर की जाती रही हैं।
सेक्टर 11-12 की सड़क में दो रुपये की टाइल
निगम अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर 11-12 की सड़क से 1.87 लाख टाइल रिकवरी का एस्टीमेट बनाया गया है। इन टाइलों की दो रुपये प्रति टाइल के हिसाब से रिकवरी कटेगी। जो एजेंसी का बिल बनेगा रिकवर की गई टाइलों को उनके रेट के हिसाब से ठेकेदार की पेमेंट से काट दिया जाएगा।
उच्च स्तरीय करवाएंगे जांच
मामला संज्ञान में है। निगम अधिकारियों से इसकी जांच करवाई जाएगी। अगर जांच संतोषजनक नहीं हुई तो सदन में प्रस्ताव पास करवाने के बाद इसकी जांच चंडीगढ़ के अधिकारियों से करवाई जाएगी। -दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर
सभी सड़कों का मांगा है ब्योरा
निगम अधिकारियों से सभी कामों की रिकवरी डिटेल मांगी गई है। अभी तक एक दो कामों की लिस्ट आई है। सभी कामों की रिकवरी की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -रमेश कुमार, एसई, नगर निगम, पानीपत।
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इसे लेकर जनप्रतिनिधि तक एक दूसरे के आमने सामने आ चुके हैं। जिसे लेकर टाइल गायब करने वाले ठेकेदारों पर एफआईआर तक दर्ज करवाने की बात की जा चुकी हैं। इसकी जांच निगम एसई रमेश कुमार को भी दी गई है लेकिन हैैैरानी की बात ये है कि आज तक निगम के पास पुरानी टाइलों का हिसाब किताब तक नहीं है। निगम एसई का कहना है कि उन्होंने सभी विकास कार्यों से रिकवरी का ब्योरा अधिकारियों से मांग लिया है।
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बता देें कि ‘अमर उजाला’ ने टाइलों की रिकवरी के गड़बड़झाले को पहले भी अपने कई अंकों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें रिकवरी के रेट 35 रुपये तक के दिए गए थे। जिसके बाद निगम ने इस पर संज्ञान लिया था और ठेकेदार को भी अपनी गलती माननी पड़ी थी।
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एक स्कवेयर मीटर में लगती हैं 33 टाइल
निगम अधिकारियों ने बताया कि एक स्कवेयर मीटर में 33 टाइल लगती हैं। अगर एक सड़क में एक लाख टाइल लगी हैं और उसे उखाड़ा जाता है तो सड़क की हालात देखकर उसकी रिकवरी प्रतिशत का अनुमान लगाया जाता है। आम तौर पर एक ठीकठाक सड़क से 50 प्रतिशत तक टाइल रिकवर की जा सकती हैं लेकिन निगम के अधिकतर टेंडरों में पांच से 10 प्रतिशत तक की टाइलें रिकवर की जाती रही हैं।
सेक्टर 11-12 की सड़क में दो रुपये की टाइल
निगम अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर 11-12 की सड़क से 1.87 लाख टाइल रिकवरी का एस्टीमेट बनाया गया है। इन टाइलों की दो रुपये प्रति टाइल के हिसाब से रिकवरी कटेगी। जो एजेंसी का बिल बनेगा रिकवर की गई टाइलों को उनके रेट के हिसाब से ठेकेदार की पेमेंट से काट दिया जाएगा।
उच्च स्तरीय करवाएंगे जांच
मामला संज्ञान में है। निगम अधिकारियों से इसकी जांच करवाई जाएगी। अगर जांच संतोषजनक नहीं हुई तो सदन में प्रस्ताव पास करवाने के बाद इसकी जांच चंडीगढ़ के अधिकारियों से करवाई जाएगी। -दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर
सभी सड़कों का मांगा है ब्योरा
निगम अधिकारियों से सभी कामों की रिकवरी डिटेल मांगी गई है। अभी तक एक दो कामों की लिस्ट आई है। सभी कामों की रिकवरी की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -रमेश कुमार, एसई, नगर निगम, पानीपत।