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डेंगू संग चिकनगुनिया का भी खतरा बढ़ा, दो मरीज मिले पॉजिटिव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 01:24 AM IST
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The risk of chikungunya also increased with dengue, two patients found positive
पानीपत। सिविल अस्पताल के कमरा नंबर-15 के बाहर मरिजों की लगी हुई भारी भीड़। - फोटो : Panipat
पानीपत। जिले में डेंगू के केस तो बढ़ रहीं है, लेकिन अब चिकनगुनिया के केस भी सामने आ रहे हैं। दरअसल, डेंगू और चिकनगुनिया का वायरस देने वाला मच्छर एडीज एजिप्टी ही है, सिर्फ वायरस अलग है। जिले में चिकनगुनिया के दो केस समाने आए हैं। ये युवक फरीदबाद और एक गुरुग्राम के रहने वाले हैं। उन्होंने बुखार आने पर पानीपत सिविल अस्पताल में जांच कराई थी। निजी अस्पताल में इलाज के बाद इन्हें अब डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2016 में जिले में चिकनगुनिया के 220 केस मिले थे। इस साल की तरह ही उस वर्ष भी जिले में बारिश अधिक हुई थी। इस साल अब तक सिविल अस्पताल में 50 लोगों ने चिकनगुनिया की जांच कराई है। इनमें से दो की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। स्वास्थ्य विभाग के सामने डेंगू के साथ चिकनगुनिया भी चुनौती बन सकता है। दोनों में आने वाले बुखार के लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं।
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हालांकि माना जाता है कि डेंगू का वायरस चिकनगुनिया के वायरस से ज्यादा खतरनाक होता है। डेंगू में लगातार गिरते प्लेटलेट्स से मरीज को बेहद कमजोरी महसूस होती है वहीं जबकि चिकनगुनिया से व्यक्ति कई दिनों तक जोड़ों के दर्द से प्रभावित रहता है।
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इसके अलावा चिकनगुनिया में हथेलियों और पांवों के साथ शरीर पर रेशैज हो जाते हैं वहीं डेंगू में चेहरे और चमड़ी पर लाल रेशैज होते हैं। इसके साथ ब्लिडिंग और सांस लेने में भी दिक्कत आ सकती है। चिकनगुनिया में जहां जोड़ों के दर्द का अनुभव हाथ, कलाई, तलवे और पैरों में होता है वहीं डेंगू में इसका अनुभव कंधों और घुटनों में होता है। चिकनगुनिया से होनेवाला जोड़ों का दर्द सालों तक भी रह सकता है।
वायरस का वाहक एक ही मच्छर
डेंगू और चिकनगुनिया की वजह है एडीज इजिप्टी मच्छर। यह साफ पानी में पैदा होता है और दिन में काटता है। चिकनगुनिया से पीड़ित बनाने में एडीज इजिप्टी मच्छर काटने पर टोगाविरिडाई अल्फावायरस का संक्रमण करता है। वहीं डेंगू के पीड़ित में यही मच्छर काटने पर फ्लैविविरिडाई फ्लैविवायरस का संक्रमण करता है। माना जाता है कि यदि कहीं पर हफ्ते भर से ज्यादा समय तक पानी जमा रहता है तो वहां पर यह मच्छर पनप सकता है। जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। इसका लार्वा पैदा होने के बाद मरीज मिलने लगते हैं।
चिकनगुनिया के लक्षण
अचानक तेज बुखार आना
हड्डियों और जोड़ों में तेज दर्द होना
सिर और मांसपेशियों में दर्द महसूस होना
पीठ में तेज दर्द होना।
थकान महसूस होना
शरीर पर दाने होना
आंखें लाल होना
डेंगू, चिकनगुनिया को जागरूकता से मात दें
डेंगू एवं चिकनगुनिया चुनौती है। इससे घबराए नहीं बल्कि जागरूकता से मात दें। चिकनगुनिया के दो मरीज मिले हैं। हम शहर में एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाकर लार्वा खत्म कर रहे हैं। नगर निगम को खाली प्लॉट से पानी निकालना होगा और फॉगिंग करनी होगी। - डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन
डेंगू के 79 और मलेरिया के दो मरीज मिले
2021 में अब तक जिले में डेंगू के 79 केस मिल चुके हैं। इनमें से 52 मरीज ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता व प्रशासन की अनेदखी के कारण डेंगू का खतरा अधिक बढ़ा है। इस साल मलेरिया को कंट्रोल करने में स्वास्थ्य विभाग कामयाब हुआ है। जिले में मलेरिया के दो केस मिले हैं।
डेंगू की हर आठवीं रिपोर्ट पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग हर तीन दिन में 188 सैंपल की जांच कर रहा है। जांच में हर आठवे सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव मिल रही है। 15 अक्तूबर से पहले हर 30 वां सैपल पॉजिटिव मिल रहा था। ये स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुुनौती है।

बचाव के लिए ये करें
मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहने
घर के आसपास सफाई रखें। कहीं पर भी पानी ना जमा होने दें।
ये मच्छर ज्यादातर दिन में काटते हैं। कॉयल जलाकर रख सकते हैं।
रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। पानी की टंकियों के ढक्कन बंद रखें
इतिहास
डेंगू और चिकनगुनिया दोनों वायरल बीमारियां हैं जो एडीज मच्छर के काटने से फैलती हैं। ऐतिहासिक रूप से, चिकनगुनिया की पहचान डेंगू के रूप में की गई थी लेकिन तंजानिया के पास मकोंडे पठार में चिकनगुनिया के प्रकोप के बाद इसे एक अलग बीमारी के रूप में मान्यता दी गई ।
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