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Panipat News: घर से फैक्टरी के लिए निकले कामगार का फंदे पर लटका मिला शव
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पानीपत। सेक्टर 29 के पार्ट-2 में शनिवार सुबह सात बजे एक कामगार का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। शुक्रवार को वह सुबह आठ बजे घर से फैक्टरी जाने के लिए निकला था। इसके बाद वह न फैक्टरी पहुंचा और न ही घर लौटा। सूचना पर पहुंची सेक्टर 29 थाना पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला उरई के गांव पुरोना निवासी चंद्रशेखर ने बताया कि वह पानीपत में सेक्टर 29 पार्ट-2 स्थित पकंज कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। उसका भाई ओमप्रकाश (38) भी इसी कॉलोनी में रहता था और कारपेट की फैक्टरी में काम करता था। चार दिन पहले ओमप्रकाश की उसकी पत्नी से कहासुनी हुई थी। शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे वह घर से फैक्टरी जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह रात तक नहीं लौटा। उन्होंने फैक्टर जाकर पूछताछ की तो पता चला कि ओमप्रकाश फैक्टरी पहुंचा ही नहीं। उन्होंने क्षेत्र में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रात तक उसका सुराग नहीं लगा। शनिवार सुबह करीब सात बजे कुछ लोग उनके घर आए और ओमप्रकाश का शव फंदे पर लटका होने की सूचना दी। जिस सूचना पर वह घर से 200 मीटर दूर एक खाली प्लाट में पहुंचे, जहां पर ओमप्रकाश का शव पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ था।
चार बच्चियों का पिता था ओमप्रकाश
भाई चंद्रशेखर ने बताया कि वह छह बहन भाई हैं। जिनमें दो बहनें और चार भाई है। ओमप्रकाश तीसरे नंबर का था। वह चार बेटियों का पिता था। उसकी मौत के बाद पत्नी इंदु और बच्चियों का रो-रोकर बुरा हाल है। सेक्टर-29 थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
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मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला उरई के गांव पुरोना निवासी चंद्रशेखर ने बताया कि वह पानीपत में सेक्टर 29 पार्ट-2 स्थित पकंज कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। उसका भाई ओमप्रकाश (38) भी इसी कॉलोनी में रहता था और कारपेट की फैक्टरी में काम करता था। चार दिन पहले ओमप्रकाश की उसकी पत्नी से कहासुनी हुई थी। शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे वह घर से फैक्टरी जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह रात तक नहीं लौटा। उन्होंने फैक्टर जाकर पूछताछ की तो पता चला कि ओमप्रकाश फैक्टरी पहुंचा ही नहीं। उन्होंने क्षेत्र में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रात तक उसका सुराग नहीं लगा। शनिवार सुबह करीब सात बजे कुछ लोग उनके घर आए और ओमप्रकाश का शव फंदे पर लटका होने की सूचना दी। जिस सूचना पर वह घर से 200 मीटर दूर एक खाली प्लाट में पहुंचे, जहां पर ओमप्रकाश का शव पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ था।
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चार बच्चियों का पिता था ओमप्रकाश
भाई चंद्रशेखर ने बताया कि वह छह बहन भाई हैं। जिनमें दो बहनें और चार भाई है। ओमप्रकाश तीसरे नंबर का था। वह चार बेटियों का पिता था। उसकी मौत के बाद पत्नी इंदु और बच्चियों का रो-रोकर बुरा हाल है। सेक्टर-29 थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
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