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Panipat News: अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं थी कहकर क्लेम किया खारिज, आयोग ने माना सेवा में कमी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 03:09 AM IST
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The claim was rejected on the grounds that hospitalization was not necessary; the commission admitted deficiency in service.
पानीपत। जिला उपभोक्ता आयोग ने स्वास्थ्य बीमा क्लेम का दावा खारिज करने पर बीमा कंपनी की सेवा में कमी माना है। बीमा कंपनी ने बुखार होने पर मरीज के अस्पताल में भर्ती होने पर 42 हजार रुपये के क्लेम को खारिज कर दिया था। कंपनी ने तर्क दिया था कि बुखार को ओपीडी में मैनेज किया जा सकता था। सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि किस मरीज को भर्ती करना है किस को नहीं यह निर्णय डॉक्टर लेंगे। बीमा कंपनी इसे तय नहीं कर सकती। आयोग ने कंपनी को क्लेम की धनराशि 42 हजार रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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पानीपत के मोहित बंसल ने जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उन्होंने बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी, जिसमें उनके माता-पिता व भाई-बहन को सात लाख रुपये का कवरेज मिला था, इसके लिए उन्होंने 51,494 रुपये प्रीमियम भरा था। नौ नवंबर 2023 को उनके पिता बुखार और जोड़ों में दर्द से पीड़ित हुए तो उन्होंने चिकित्सक को दिखाया। जहां से उन्हें मॉडल टाउन स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह दो 11 नवंबर तक भर्ती रहे, जिसका खर्च करीब 42 हजार रुपये आया। उन्होंने कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने आवेदन को खारिज कर दिया।
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सुनवाई के दौरान जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन डॉ. आरके डोगरा ने दोनों पक्षों के तर्क सुने और रिकॉर्ड का अवलोकन किया। आयोग ने पाया कि अस्पताल में भर्ती होने का फैसला डॉक्टरों का होता है, न कि इंश्योरेंस कंपनी का। कंपनी ने केवल अनुमान और धारणाओं के आधार पर क्लेम खारिज किया, जबकि कोई ठोस सबूत नहीं दिया कि दस्तावेज गलत हैं। कंपनी को 42,000 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए, साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए पांच हजार और मुकदमे में खर्च के लिए 5500 रुपये देने के आदेश दिए हैं।
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