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Panipat News: पीएम श्री स्कूलों के शिक्षक होंगे प्रशिक्षित, सीखेंगे पढ़ाने के रोचक तरीके
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पानीपत। प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने, रोचक ढंग से पढ़ाने और सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है। इसके तहत पीएम श्री स्कूलों के शिक्षकों को अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ रोचक ढंग से पढ़ाने के तरीके सिखाएंगे। शिक्षकों को सीबीएसई की शिक्षण पद्धति के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसमें उन्हें विद्यार्थियों को इनोवेटिव और क्रिएटिव तरीके से शिक्षा कैसे प्रदान की जाए, इसके गुर भी सिखाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पहले चरण में अंग्रेजी, विज्ञान, हिंदी व गणित के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों को यह विशेष प्रशिक्षण बंगलुरू के एक संस्थान में दिया जाएगा। विशेषज्ञों के पास विशेष किट से लेकर किताबें व मॉडल बंगलुरू के संस्थानों में रखे हैं। जिनकी मदद से शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नई शिक्षा नीति पूर्ण रूप से लागू हो जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र से दो माह पहले ही शिक्षा निदेशालय ने पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के पढ़ाने के तौर-तरीकों में बदलाव कर विषय को रूचिकर बनाने के लिए यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को इस लायक बनाना है कि वे निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को टक्कर दे सकें। इसके लिए शिक्षकों को पढ़ाने के रोचक तरीके सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद वह पीएमश्री स्कूलों के अध्यापकों को प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को पत्र जारी कर सभी जिलों के पीएमश्री स्कूलों से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित के शिक्षकों की सूची मांगी है।
जिले में 11 पीएमश्री स्कूल संचालित
जिले में पीएमश्री स्कूलों की संख्या को छह से बढ़ाकर 11 कर दी गई है। इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा स्तर सुधारने और विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थी 21वीं सदी में नई पीढ़ी के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके। इन स्कूलों में नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही इन विद्यालयों में अत्याधुनिक लैब भी स्थापित की जाएंगी।
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विज्ञान से होगी प्रशिक्षण की शुरूआत
शुरुआती चरण में विद्यार्थियों को मुश्किल लगने वाले विषय भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित के शिक्षकों को पढ़ाने के रोचक तरीके सिखाए जाएंगे ताकि इन विषयों को विद्यार्थियों के लिए दिलचस्प बनाया जा सके। सबसे पहले विज्ञान वर्ग के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अन्य विषयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को उनके विषयों में पारंगत बनाना है। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को सीबीएसई के पढ़ाई के तरीकों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जानकारी दी जाएगी। इसमें विद्यार्थियों को रचनात्मक तरीके से पढ़ाने के गुर सिखाए जाएंगे।
वर्जन-
पीएमश्री स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए शिक्षकों को एनआईटी द्वारा बंगलुरू में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक नई तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षित करना सीखेंगे। प्रशिक्षण में शिक्षक को उनके विषय में निपुण बनाने के साथ नई तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक व रोचक तरीके से पढ़ाने के गुर सिखाए जाएंगे।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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उल्लेखनीय है कि पहले चरण में अंग्रेजी, विज्ञान, हिंदी व गणित के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों को यह विशेष प्रशिक्षण बंगलुरू के एक संस्थान में दिया जाएगा। विशेषज्ञों के पास विशेष किट से लेकर किताबें व मॉडल बंगलुरू के संस्थानों में रखे हैं। जिनकी मदद से शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नई शिक्षा नीति पूर्ण रूप से लागू हो जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र से दो माह पहले ही शिक्षा निदेशालय ने पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के पढ़ाने के तौर-तरीकों में बदलाव कर विषय को रूचिकर बनाने के लिए यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को इस लायक बनाना है कि वे निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को टक्कर दे सकें। इसके लिए शिक्षकों को पढ़ाने के रोचक तरीके सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद वह पीएमश्री स्कूलों के अध्यापकों को प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को पत्र जारी कर सभी जिलों के पीएमश्री स्कूलों से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित के शिक्षकों की सूची मांगी है।
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जिले में 11 पीएमश्री स्कूल संचालित
जिले में पीएमश्री स्कूलों की संख्या को छह से बढ़ाकर 11 कर दी गई है। इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा स्तर सुधारने और विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थी 21वीं सदी में नई पीढ़ी के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके। इन स्कूलों में नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही इन विद्यालयों में अत्याधुनिक लैब भी स्थापित की जाएंगी।
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विज्ञान से होगी प्रशिक्षण की शुरूआत
शुरुआती चरण में विद्यार्थियों को मुश्किल लगने वाले विषय भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित के शिक्षकों को पढ़ाने के रोचक तरीके सिखाए जाएंगे ताकि इन विषयों को विद्यार्थियों के लिए दिलचस्प बनाया जा सके। सबसे पहले विज्ञान वर्ग के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अन्य विषयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को उनके विषयों में पारंगत बनाना है। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को सीबीएसई के पढ़ाई के तरीकों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जानकारी दी जाएगी। इसमें विद्यार्थियों को रचनात्मक तरीके से पढ़ाने के गुर सिखाए जाएंगे।
वर्जन-
पीएमश्री स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए शिक्षकों को एनआईटी द्वारा बंगलुरू में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक नई तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षित करना सीखेंगे। प्रशिक्षण में शिक्षक को उनके विषय में निपुण बनाने के साथ नई तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक व रोचक तरीके से पढ़ाने के गुर सिखाए जाएंगे।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।

मेरठ---एसएन फार्म हाउस 100 फुटा रोड मृतको के शवो को कबिस्तान ले जाते लोगस ------नीटू