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Panipat News: सीवर लाइन खाली और गली में भरा गंदा पानी
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पानीपत। बार बार समाधान शिविर में शिकायत देने के बाद भी वार्ड तीन के लोगों की सीवर समस्या का निदान नहीं हो पाया है। एक बार फिर से वार्ड के लोगों ने हस्ताक्षर कर डीसी को फिर से शिकायत देकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
वार्ड नंबर तीन के सुधीर नगर के लोगों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 2004 में मंशाराम हाई स्कूल से लेकर जट्टू चौक तक सीवर लाइन तो बिछाई गई थी लेकिन इसे चालू नहीं किया गया। इस लाइन को बिछाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए फिर भी उनके घरों से निकला पानी सड़कों पर बह रहा है। वह समाधान शिविर में अधिकारियों को चार बार शिकायत दे चुके हैं। इस दौरान कॉलोनी के लोगों से अधिकारियों की बहस तक हो गई। अधिकारियों ने उन्हें तर्क दिया कि नालियों को सीवर लाइन से जोड़ा नहीं जा सकता।
अधिकारी बोले अगर जोड़ा गया तो पॉलिथीन सीवर में फंस कर ब्लॉक हो जाएगी। इस पर कॉलोनी निवासी नरेश वर्मा ने कहा कि ब्लॉक तो तब होगी जब सीवर लाइन चालू हो। ये सीवर लाइन 20 साल से ही बंद पड़ी है। जिसमें आज तक कोई कनेक्शन ही नहीं हुआ। हैरानी की बात ये है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सीवर लाइन तो खाली है और गंदा पानी सड़कों पर है। लोगों की फरियाद सुनने के बाद एडीसी ने संबंधित अधिकारियों से इसके फिर से समाधान करने के आदेश दिए हैं।
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आरटीआई कार्यकर्ता नरेश वर्मा ने भी आरटीआई के माध्यम से 2018 में इस समस्या को उठाया था। इस खुलासे को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जनस्वास्थ्य विभाग ने यहां की जमीन खुदाई कर दफन सीवर लाइन को ढूंढ निकाला लेकिन केवल औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसे फिर से छोड़ दिया गया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीवर लाइन के मैनहोल के ढक्कन ही ऊपर उठाए और कागजों में इसे चालू दिखा दिया। जबकि ये लाइन चालू नहीं हो सकी। अब पिछले चार समाधान शिविर में इसकी शिकायत की जा चुकी है लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा।
शिकायतकर्ता नरेश वर्मा ने कहा कि इससे पहले भी वे तीन बार शिकायत दे चुके हैं लेकिन अधिकारी अपने घोटाले को छिपाने के लिए उनकी शिकायत दबा देते हैं। इसलिए अबकी बार पूरे मोहल्ले के लोगों ने शिकायत पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इसके बाद भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में नगर निगम के एक्सईएन राजेश कौशिक ने बताया कि सुधीर नगर के लोगों की सीवर से संबंधित शिकायत मिली है। इस समस्या का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
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वार्ड नंबर तीन के सुधीर नगर के लोगों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 2004 में मंशाराम हाई स्कूल से लेकर जट्टू चौक तक सीवर लाइन तो बिछाई गई थी लेकिन इसे चालू नहीं किया गया। इस लाइन को बिछाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए फिर भी उनके घरों से निकला पानी सड़कों पर बह रहा है। वह समाधान शिविर में अधिकारियों को चार बार शिकायत दे चुके हैं। इस दौरान कॉलोनी के लोगों से अधिकारियों की बहस तक हो गई। अधिकारियों ने उन्हें तर्क दिया कि नालियों को सीवर लाइन से जोड़ा नहीं जा सकता।
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अधिकारी बोले अगर जोड़ा गया तो पॉलिथीन सीवर में फंस कर ब्लॉक हो जाएगी। इस पर कॉलोनी निवासी नरेश वर्मा ने कहा कि ब्लॉक तो तब होगी जब सीवर लाइन चालू हो। ये सीवर लाइन 20 साल से ही बंद पड़ी है। जिसमें आज तक कोई कनेक्शन ही नहीं हुआ। हैरानी की बात ये है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सीवर लाइन तो खाली है और गंदा पानी सड़कों पर है। लोगों की फरियाद सुनने के बाद एडीसी ने संबंधित अधिकारियों से इसके फिर से समाधान करने के आदेश दिए हैं।
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आरटीआई कार्यकर्ता नरेश वर्मा ने भी आरटीआई के माध्यम से 2018 में इस समस्या को उठाया था। इस खुलासे को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जनस्वास्थ्य विभाग ने यहां की जमीन खुदाई कर दफन सीवर लाइन को ढूंढ निकाला लेकिन केवल औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसे फिर से छोड़ दिया गया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीवर लाइन के मैनहोल के ढक्कन ही ऊपर उठाए और कागजों में इसे चालू दिखा दिया। जबकि ये लाइन चालू नहीं हो सकी। अब पिछले चार समाधान शिविर में इसकी शिकायत की जा चुकी है लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा।
शिकायतकर्ता नरेश वर्मा ने कहा कि इससे पहले भी वे तीन बार शिकायत दे चुके हैं लेकिन अधिकारी अपने घोटाले को छिपाने के लिए उनकी शिकायत दबा देते हैं। इसलिए अबकी बार पूरे मोहल्ले के लोगों ने शिकायत पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इसके बाद भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में नगर निगम के एक्सईएन राजेश कौशिक ने बताया कि सुधीर नगर के लोगों की सीवर से संबंधित शिकायत मिली है। इस समस्या का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।