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सीसीटीवी कैमरे चेक करने गए परिजन और थाना प्रभारी, 20 मिनट बाद खुला गेट, अस्पताल में दिनभर चला हंगामा, गिरफ्तारी की मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 12:03 AM IST
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Relatives and station in-charge went to check CCTV cameras, gate opened after 20 minutes, commotion went on throughout the day in the hospital, demand for arrest
एसडीवीएम स्कूल के लैब अटेंडेंट अंकित गुप्ता (34) का शनिवार को दो डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया, लेकिन एसडीवीएम स्कूल मैनेजमेंट के चेयरमैन और प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजनों ने शव उठाने से इंकार कर दिया। सिविल अस्पताल में शवगृह के बाहर दिनभर हंगामा रहा और परिजन शव को लिए बगैर ही घर चले गए। रविवार को परिजन आगामी फैसला लेंगे। मृतक अंकित गुप्ता के जीजा रविंद्र जैन ने कहा कि अंकित की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या है। मैनेजमेंट सीसीवीटी फुटेज नहीं दिखा रहे है, जिस वजह से उनका शक और गहरा हो रहा है। जिसके बाद वह चांदनीबाग थाना प्रभारी मंजीत, सेक्टर 11-12 चौकी प्रभारी जयबीर के साथ एसडीवीएम सीनियर विंग में सीसीटीवी फुटेज चेक करने पहुंचे, लेकिन चौकीदार ने गेट नहीं खोला। करीब 20 मिनट तक स्कूल के बाहर इंतजार करना पड़ा। बाद में गेट खुला और फुटेज चेक की। दूसरी ओर सामान्य अस्पताल में दिनभर अंकित की बहन मनीषा गुप्ता और भाई अमित गुप्ता समेत अन्य लोगों ने शव गृह के बाहर धरना दिया। स्कूल मैनेजमेंट के चेयरमैन और प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग की।
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जीजा रविंद्र जैन ने बताया कि उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की, लेकिन किसी भी कैमरे की फुटेज में अंकित नहीं दिखा। सीसीटीवी कैमरों का मुंह लिफ्ट की बजाए सीढ़ियों की तरफ था। सुबह 10 से दोपहर साढ़े 3 बजे तक फुटेज में 2:50 बजे चीखने की आवाज आई। भगदड़ मची, लेकिन अंकित किसी भी कैमरे में नहीं दिखा। परिजनों का आरोप है कि लिफ्ट के अंदर लगे कैमरे डमी हैं, उनमें कुछ भी रिकार्ड नहीं होता है।
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परिजनों ने यह दी शिकायत, दर्ज हुआ केस
मृतक अंकित के भाई अमित गुप्ता ने चांदनीबाग थाना पुलिस को शिकायत दे बताया कि अंकित 10 साल से एसडीवीएम स्कूल सीनियर विंग में लैब असिस्टेंट के रूप में कार्यरत है। शुक्रवार को वह सुबह ड्यूटी पर गया था। दोपहर 3:50 बजे एसडीवीएम स्कूल जूनियर विंग से रेणुका सिंगला ने कॉल कर अंकित के लिफ्ट में फंसने की सूचना दी। वह मौके पर पहुंचे तो स्कूल चेयरमैन और प्रिंसिपल मौके पर थे, लेकिन कुछ ही देर में चले गए। लिफ्ट पहले से खराब थी। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से भाई मौत हो हुई है।
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कोशिश नहीं की वरना जिले में ही मिल जाता लिफ्ट मैकेनिक
बहन मनीषा गुप्ता ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने भाई को बचाने की कोशिश नहीं की। भाई पांच घंटे तक लिफ्ट में लटका रहा। कोशिश की होती तो शहर में मिल जाता लिफ्ट मैकेनिक। दमकल कर्मी10 मिनट में पहुंचे, लेकिन मैकेनिक को आने में तीन घंटे लग गए।
रीड की हड्डी टूटी, किडनी फटने और लिवर में चोट लगने से हुई मौत
पोस्टमार्टम करने वाले सामान्य अस्पताल के डॉ. पवन कुमार और डॉ. दिनेश गौतम की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार अंकित रीड की हड्डी टूटी मिली। दोनों किडनी फट चुकी थीं। लिवर पर चोट मिली।
अस्पताल में स्कूल की तरफ से पहुंचा अकाउंटेंट, धक्के मारकर भगाया
अस्पताल में स्कूल प्रबंधन की तरफ से एक अकाउंटेंट पहुंचा। जिसने परिजनों को कहा कि अस्पताल में 40 रुपये की जो पर्ची कटती है, उसका खर्चा स्कूल प्रबंधन देगा। इतना कहते ही परिजन भड़क गए और से धक्के मारकर भगा दिया।

परिजनों की शिकायत पर स्कूल मैनेजमेंट पर धारा 304-ए के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है, जांच में जो दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मंजीत सिंह, चांदनीबाग थाना प्रभारी
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