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Panipat News: धान के सीजन में बारिश ने बढ़ाई चिंता
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समालखा अनाज मंडी में बारिश में भीगा धान। संवाद
- फोटो : samvad
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। वीरवार तड़के करीब चार बजे हुई मध्यम से तेज बारिश ने धान कटाई के सीजन में किसानों की चिंता बढ़ा दी। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई, जिससे धान की कटाई का काम प्रभावित हुआ।
वहीं, मंडियों में फसल लेकर पहुंचे किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। खुले में पड़ी धान की ढेरियां भीगने से किसानों को फसल की गुणवत्ता खराब होने की चिंता सता रही है।
जिले में सबसे अधिक 30 एमएम बारिश मतलौडा में दर्ज की गई। पानीपत में 17, इसराना में सात और समालखा में एक एमएम बारिश हुई, जबकि बापौली में बारिश दर्ज नहीं की गई। कृषि विज्ञान केंद्र, उझा के समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि वीरवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
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बारिश से कटाई रुकी : कवी के किसान रामेश्वर ने बताया कि धान कटाई का काम शुरू ही किया था कि बारिश हो गई। कटाई रुक गई है। खेत में फसल गिरने या दाना काला पड़ने से नुकसान हो सकता है। बिहौली के किसान सतबीर ने बताया कि धान बेचने के लिए मंडी पहुंचे पर बारिश होने से फसल ढकने के लिए तिरपाल का इंतजाम करना मुश्किल हो गया।
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पानीपत। वीरवार तड़के करीब चार बजे हुई मध्यम से तेज बारिश ने धान कटाई के सीजन में किसानों की चिंता बढ़ा दी। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई, जिससे धान की कटाई का काम प्रभावित हुआ।
वहीं, मंडियों में फसल लेकर पहुंचे किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। खुले में पड़ी धान की ढेरियां भीगने से किसानों को फसल की गुणवत्ता खराब होने की चिंता सता रही है।
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जिले में सबसे अधिक 30 एमएम बारिश मतलौडा में दर्ज की गई। पानीपत में 17, इसराना में सात और समालखा में एक एमएम बारिश हुई, जबकि बापौली में बारिश दर्ज नहीं की गई। कृषि विज्ञान केंद्र, उझा के समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि वीरवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
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बारिश से कटाई रुकी : कवी के किसान रामेश्वर ने बताया कि धान कटाई का काम शुरू ही किया था कि बारिश हो गई। कटाई रुक गई है। खेत में फसल गिरने या दाना काला पड़ने से नुकसान हो सकता है। बिहौली के किसान सतबीर ने बताया कि धान बेचने के लिए मंडी पहुंचे पर बारिश होने से फसल ढकने के लिए तिरपाल का इंतजाम करना मुश्किल हो गया।