{"_id":"58a0a8474f1c1b5833d843db","slug":"panipat-esrana-huda-sector","type":"story","status":"publish","title_hn":"इसराना में बनेंगे हुडा के नए सेक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इसराना में बनेंगे हुडा के नए सेक्टर
panipat beuro
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसराना में भी हुडा के नए सेक्टर बनेंगे। जल्द ही इसराना खंड प्रदेश का हुडा सेक्टर वाला पहला गांव बनने वाला है। जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से गांव में चार नए सेक्टर काटे जाएंगे। नवंबर 2016 को पानीपत के डीटीपी विभाग की तरफ से सेक्टरों का मास्टर प्लान पास करवाने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया था। जिसे मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही इसराना में हुडा के सेक्टर होंगे।
जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा पानीपत शहर में 25 नए सेक्टर बनाने के साथ ही इसराना में चार नए सेक्टर काटने का प्लान बनाया था। इसमें इसराना ब्लॉक में जनसंख्या और एरिया को आधार माना गया था। डीटीपी के प्रस्ताव को गत दिनों रोहतक मंडल स्तर पर मंजूरी मिल गई थी। इसको पिछले दिनों ही चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया गया था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब इन सभी सेक्टरों को 2025 तक पूरी तरह से विकसित कर दिया जाएगा।
इसराना को मिलेगा नया रूप
हुडा सेक्टर कटने के बाद इसराना खंड को नया रूप मिलेगा। ऐसा होने से खंड में रोजगार के अवसर भी बढ़ जाएंगे। खंड की सड़क, सीवरेज, पानी और अन्य सभी सुविधाओं को पहले से बेहतर बना दिया जाएगा। अब इसके बाद जिले के बाकी खंडों में भी हुडा के सेक्टर काटे पर भी जिला नगर योजनाकार विभाग विचार विमर्श कर सकता है।
विज्ञापन
निजी कंपनियों को भी सौंपे जा सकते हैं सेक्टर
जिला नगर योजनाकार विभाग सेक्टरों को विकसित करने के लिए इसराना और पानीपत की प्राइवेट कंपनियों को लाइसेंस दे सकता है। इस पर अब तक विभाग के अधिकारियों ने अपना नजरिया साफ नहीं किया है। अधिकारियों ने बताया कि अगर कंपनियों को सेक्टरों के विकसित करने काम सौंप दिया जाता है। तो जो लाइसेंस सबसे पहले डीटीपी विभाग 100 एकड़ जमीन पर एक लाइसेंस देता था, अब वही लाइसेंस 25 एकड़ की जमीन पर दिया जाएगा।
ऐसे पास हुआ नए सेक्टरों का प्लान
डीपीटी अरविंद्र ढुल ने बताया कि सबसे पहले पानीपत में सर्वे कराया गया। उसके बाद नए सेक्टरों की रूपरेखा तैयार की गई। जिस पर करीब 15 दिन का अध्ययन किया गया। अध्ययन करने के बाद नए सेक्टरों का खाका रोहतक एसटीपी कार्यालय भेजा गया। वहां से पंचकूला सीसीपी कार्यालय, फिर चंडीगढ़ डीजीटीसीपी कार्यालय में कई चरणों में पास होता हुआ। अंतिम चरण में मुख्यमंत्री के पास गया जहां पर सेक्टरों से मोहर लग गई है।
विज्ञापन
जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा पानीपत शहर में 25 नए सेक्टर बनाने के साथ ही इसराना में चार नए सेक्टर काटने का प्लान बनाया था। इसमें इसराना ब्लॉक में जनसंख्या और एरिया को आधार माना गया था। डीटीपी के प्रस्ताव को गत दिनों रोहतक मंडल स्तर पर मंजूरी मिल गई थी। इसको पिछले दिनों ही चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया गया था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब इन सभी सेक्टरों को 2025 तक पूरी तरह से विकसित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसराना को मिलेगा नया रूप
हुडा सेक्टर कटने के बाद इसराना खंड को नया रूप मिलेगा। ऐसा होने से खंड में रोजगार के अवसर भी बढ़ जाएंगे। खंड की सड़क, सीवरेज, पानी और अन्य सभी सुविधाओं को पहले से बेहतर बना दिया जाएगा। अब इसके बाद जिले के बाकी खंडों में भी हुडा के सेक्टर काटे पर भी जिला नगर योजनाकार विभाग विचार विमर्श कर सकता है।
विज्ञापन
निजी कंपनियों को भी सौंपे जा सकते हैं सेक्टर
जिला नगर योजनाकार विभाग सेक्टरों को विकसित करने के लिए इसराना और पानीपत की प्राइवेट कंपनियों को लाइसेंस दे सकता है। इस पर अब तक विभाग के अधिकारियों ने अपना नजरिया साफ नहीं किया है। अधिकारियों ने बताया कि अगर कंपनियों को सेक्टरों के विकसित करने काम सौंप दिया जाता है। तो जो लाइसेंस सबसे पहले डीटीपी विभाग 100 एकड़ जमीन पर एक लाइसेंस देता था, अब वही लाइसेंस 25 एकड़ की जमीन पर दिया जाएगा।
ऐसे पास हुआ नए सेक्टरों का प्लान
डीपीटी अरविंद्र ढुल ने बताया कि सबसे पहले पानीपत में सर्वे कराया गया। उसके बाद नए सेक्टरों की रूपरेखा तैयार की गई। जिस पर करीब 15 दिन का अध्ययन किया गया। अध्ययन करने के बाद नए सेक्टरों का खाका रोहतक एसटीपी कार्यालय भेजा गया। वहां से पंचकूला सीसीपी कार्यालय, फिर चंडीगढ़ डीजीटीसीपी कार्यालय में कई चरणों में पास होता हुआ। अंतिम चरण में मुख्यमंत्री के पास गया जहां पर सेक्टरों से मोहर लग गई है।