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आखिरी दिन 500 के नोटों पर जोर, करोड़ों जमा कराए

Thu, 15 Dec 2016 11:58 PM IST
amar ujala beuro panipat
amar ujala beuro panipat Updated Thu, 15 Dec 2016 11:58 PM IST
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panipat, bank 500 ke note per jor
d - फोटो : amar ujala
 नोटबंदी का 37वां दिन वीरवार को 500 का नोट बाजार में चलने का आखिरी दिन रहा। इस कारण जिले के हर बैंक और उनकी शाखाओं में ये नोट जमा कराने के लिए मारामारी रही। जिले में पहली बार नोट जमा कराने के लिए लोग आपस में भिड़ गए। एजेंसी संचालकों और दूसरे लोगों ने 500 की पुरानी करेंसी जमा कराई। इन सब मामलों में गड़बड़ी की गंध भी महसूस होने लगी है।  
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वीरवार को किसी ने भी न तो पैसे निकालने के लिए बैंक अधिकारियों से बहस की और न ही पैसे निकालने के लिए बहस हुई। इसकी वजह रही 500 का नोट। वीरवार की रात से 500 के नोट निर्धारित स्थानों पर भी चलना बंद हो गए। इसलिए दिन भर लोग अपने पास मौजूद 500 के नोट जमा कराने के लिए मशक्कत करते रहे। इस दौरान कई जगह लोग आपस में भिड़ भी गए। जीटी रोड स्थित एसबीआई में वीरवार को पैसे जमा पहले करवाने के चक्कर में लोगों में झगड़ा हो गया। बैंक में तैनात गार्ड ने दोनों पक्षों को शांत किया।
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गैस एजेंसी और दूसरे प्रतिष्ठानों का रहा आखिरी दिन
गैस एजेंसी, सरकारी अस्पतालों और अन्य प्रतिष्ठानों पर वीरवार को 500 के नोट लिए गए। लेकिन, पानीपत रेलवे स्टेशन पर वीरवार को 500 का नोट नहीं चल सका। अधिकारियों ने बताया कि 500 का नोट लेना 11 दिसंबर से ही बंद कर दिया गया था। गैस एजेंसियों पर पुरानी करेंसी के 500 के नोट को लेकर बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि एजेंसी संचालक सिलेंडर की डिलीवरी के वक्त किसी भी उपभोक्ता से पुरानी करेंसी में 500 और एक हजार का नोट नहीं ले रहे। वे उपभोक्ताओं को छोटे नोट या नई करेंसी के नोट देने की कहते हैं। उपभोक्ता मजबूरी में उन्हें छोट नोट दे देता है। कुछ जानकारों का कहना है कि एजेंसी संचालकों ने बैंकों और दूसरी जगह 500 और एक हजार के नोट जमा कराए हैं। वीरवार को भी अधिकतर जगह से 500 रुपये के नोट जमा कराए गए।
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बैंकों, एटीएम के बाहर भीड़ नहीं हो रही कम
नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम पर कैश को लेकर मारामारी थम नहीं रही। वीरवार को भी बैंकों के बाहर सुबह ही लोगों की लाइन लग गई। शहर के अधिकतर एटीएम बंद रहने से लोगों को मुश्किल हुई। बैंक अधिकारियों ने कई जगह मोबाइल एटीएम भेजा। रामलाल चौक पर वीरवार शाम को मोबाइल एटीएम आते ही लोगों की लंबी लाइन लग गई। यहां पर भी लोगों को कुछ ही घंटे कैश मिल पाया।


जाटल रोड निवासी सोनिया कौशिक ने बताया कि बैंक अधिकारी अपने जान पहचान वाले लोगों को पैसे दे रहे हैं। इस कारण आमजन परेशान है। लोगों को घंटों लाइनों में लगने के बाद भी कैश नहीं मिल पा रहा।


जाटल रोड निवासी महासिंह ने बताया कि सरकार ने जो किया अच्छा किया। बस अब वे सरकार के अच्छे दिनों के वादे का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को परेशानी हो रही है। उसकी कोई परवाह नहीं है।


सैनी कॉलोनी निवासी संतोष ने बताया कि वह दो दिन से कैश लेने के लिए आ रही हैं, लेकिन मिल नहीं रहा। उन्हें रीढ़ की हड्डी समस्या है। इसलिए ज्यादा देर खड़ी नहीं रह सकतीं। दवाई के लिए मजबूरी में लाइन में लगी हूं।



आजाद नगर निवासी रामपाल ने बताया कि सरकार ने यह कदम गलत है। नोटबंदी से लोग दर-दर के भिखारी बन गए है। लोगों के अधिकतर काम मांग-मांग कर चल रहे है। लोगों को अधिक परेशानी का सामना पड़ रहा है।


जिले में अधिकतर एटीएम चले हैं। सभी एटीएम को ठीक करवा दिया गया है। अब एटीएम अगर बंद रहे तो सिर्फ कैश के कारण ही रहेंगे।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
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