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Panipat News: दुनियां देखने से पहले ही गर्भस्थ की ले रहे जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2024 07:23 AM IST
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One newborn and nine fetuses were thrown away in eight months, not a single case traced
पानीपत। घर में बच्चों की किलकारी गूंजने के बाद जहां घरों में खुशियां छा जाती हैं, वहीं कुछ संवेदनहीन लोग नन्हीं जान को दुनियां में आने से पहले ही मार डालते हैं। जिले में हर माह औसतन एक भ्रूण नालों व कूड़े के ढेर में मिलता है। अगस्त के आखिरी सप्ताह में एक दिन के नवजात का शव भी नहर में मिला था। पिछले आठ माह में जिले में नौ भ्रूण व एक नवजात का शव मिल चुका है। पुलिस ने इन सभी मामलों में अज्ञात पर केस तो दर्ज किया लेकिन किसी भी मामले के आरोपी को नहीं पकड़ पाई। इन नौ भ्रूण में से पांच भ्रूण लड़के के व तीन भ्रूण लड़की के थे। एक भ्रूण लगभग तीन माह का था, इसलिए उसका लिंग विकसित नहीं हो पाया था।
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2022 व 2023 में भ्रूण फेंकने के लगभग 20 केस मिले थे। इन केसों को भी पुलिस आज तक ट्रेस नहीं कर पाई है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ताओं के पास जिले की हर गर्भवती का रिकॉर्ड होता है। भ्रूण मिलने के मामले सामने आने पर पुलिस इनको गंभीरता से नहीं लेती। घटनास्थल के आसपास की आशा कार्यकर्ताओं से इस संबंध में पूछताछ नहीं की जाती। आशा कार्यकर्ता भी अपने क्षेत्र की ऐसी गर्भवतियों की जानकारी पुलिस व अपने उच्चाधिकारियों के साथ साझा नहीं करतीं। मामले में शिकायतकर्ताओं की जांच और केस का फॉलोअप नहीं लिया जाता, इसलिए पुलिस थानों में यह मामले फाइलों में बंद हो जाते हैं।
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पहचान छुपाने के लिए हो रहे ऐसे कुकृत्य
महिलाओं व नवजातों के लिए काम करने वाली नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्षा सविता आर्य का कहना है कि पिछले तीन साल में भ्रूण फेंकने के 25-30 मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों से ऐसा प्रतीत हुआ है कि महिलाएं अपनी पहचान छुपाने के लिए ऐसे कुकृत्य करती हैं। पुलिस भी इन मामलों में गंभीरता नहीं दिखाती। 2016 से अब तक ऐसे दो ही केस ट्रेस हुए हैं। एक केस उन्होंने खुद ट्रेस कर आरोपी महिला को पुलिस को सौंपा था। 2015 से अब तक नवजातों को लावारिश छोड़ने व भ्रूण फेंकने के 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। यह सभी अनट्रेस ही हैं।
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हाल में आए ऐसे मामले-

- फरवरी में सेक्टर 29 में मिला भ्रूण।
- पांच मार्च को जाटल रोड पर पालीवाल की कोठी के पास नाली में मिला भ्रूण।
- 18 मार्च को जिला नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के डस्टबिन में मिला भ्रूण।
- 13 मार्च को खन्ना रोड पर मिला भ्रूण।
- 21 मार्च को उरलाना गांव में नाली में मिला भ्रूण।
- जुलाई में मतलौडा में मिला भ्रूण।
- मंगलवार को विकास नगर में मिला भ्रूण।


वर्जन-
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने कहा कि पुलिस सभी मामलों में गंभीरता दिखाती है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाती है। सभी अनट्रेस केसों का अध्ययन भी होता है। संबंधित पुलिस थाना प्रभारियों से इनके केस के बारे में जानकारी ली जाती है।
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