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वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में निशा-राधिका ने जीते कांस्य
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निशा दहिया।
- फोटो : Panipat
पानीपत। सर्बिया के बेलग्रेड में हुई अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में निशा कादियान व राधिका ने कांस्य पदक जीता है। एक दिन में पानीपत की दो बेटियों ने जिले को गौरवान्वित कर दिया। जीत के बाद दोनों ने कहा कि पानीपत वाले बिना मेडल वापस नहीं जाते।
निशा ने दर्द से उभरने के बाद यह सफलता हासिल की है। लातविया की एल्मा जीडलर को शानदार तकनीक से 10-0 से हराया। निशा इस प्रतियोगिता के लिए तीन माह से उदयपुर में अभ्यास कर रही थीं। शनिवार को कांस्य पदक जीतकर अपनी मेहनत सफल की।
निशा ने बताया कि उनको कंधे दर्द के साथ वजन कम करने का दबाव था। मौसम ठंडा होने के कारण वजन कम करना उनके लिए चुनौती थी। उन्होंने 3 से 4 किलोग्राम वजन भी कम किया है। जब उसने खेल की शुरुआत की थी तो गांव वाले उनके पिता को हमेशा ताना देते थे। पदक जीतने के बाद जब निशा ने अपने पिता रमेश को फोन किया और सफलता के बारे में बताया तो वह बेटी की कामयाबी पर गदगद हो गए। संवाद
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राधिका ने इटली की खिलाड़ी को चित किया
स्लिप डिस्क से पीड़ित राधिका ने कमर दर्द की चिंता को छोड़कर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीता है। फाइनल में इटली की खिलाड़ी ओरोरा केंपगना को चित करके उसने कांस्य पदक जीता। वह चार साल से स्लिप डिस्क के दर्द से परेशान हैं, लेकिन हर मैच में दवा लगाकर प्रतिद्वंद्वी से भिड़ती हैं। वह बोलीं, दवा लगाकर वह दर्द भूल जाती हैं। वह कई सालों से जींद साई स्टेडियम में अभ्यास कर रही थीं।
बिना मेडल के वापस नहीं आते पानीपत के खिलाड़ी
नेशनल चैंपियनशिप में राधिका और निशा ने स्वर्ण पदक जीते थे और अब अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद दोनों ‘अमर उजाला’ से बोलीं कि पानीपत के खिलाड़ी बिना मेडल के वापस नहीं आते हैं। वे बोलीं- पानीपत के खिलाड़ियों की खासियत है कि वह इंटरनेशनल चैंपियनशिप में जाते हैं तो बिना पदक के वापस नहीं आते। चाहे ओलंपिक हो या वर्ल्ड चैंपियनशिप।
दोनों बेटियां आज लौटेंगी भारत
बेलग्रेड में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने के बाद निशा और राधिका आज भारत वापस आएंगी। दिल्ली में स्वागत किए जाने के बाद उनका पानीपत में स्वागत किया जाएगा। राधिका और निशा ने बताया कि घर आने के बाद ही वह नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप की तैयारी में जुट जाएंगी।
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निशा ने दर्द से उभरने के बाद यह सफलता हासिल की है। लातविया की एल्मा जीडलर को शानदार तकनीक से 10-0 से हराया। निशा इस प्रतियोगिता के लिए तीन माह से उदयपुर में अभ्यास कर रही थीं। शनिवार को कांस्य पदक जीतकर अपनी मेहनत सफल की।
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निशा ने बताया कि उनको कंधे दर्द के साथ वजन कम करने का दबाव था। मौसम ठंडा होने के कारण वजन कम करना उनके लिए चुनौती थी। उन्होंने 3 से 4 किलोग्राम वजन भी कम किया है। जब उसने खेल की शुरुआत की थी तो गांव वाले उनके पिता को हमेशा ताना देते थे। पदक जीतने के बाद जब निशा ने अपने पिता रमेश को फोन किया और सफलता के बारे में बताया तो वह बेटी की कामयाबी पर गदगद हो गए। संवाद
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राधिका ने इटली की खिलाड़ी को चित किया
स्लिप डिस्क से पीड़ित राधिका ने कमर दर्द की चिंता को छोड़कर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीता है। फाइनल में इटली की खिलाड़ी ओरोरा केंपगना को चित करके उसने कांस्य पदक जीता। वह चार साल से स्लिप डिस्क के दर्द से परेशान हैं, लेकिन हर मैच में दवा लगाकर प्रतिद्वंद्वी से भिड़ती हैं। वह बोलीं, दवा लगाकर वह दर्द भूल जाती हैं। वह कई सालों से जींद साई स्टेडियम में अभ्यास कर रही थीं।
बिना मेडल के वापस नहीं आते पानीपत के खिलाड़ी
नेशनल चैंपियनशिप में राधिका और निशा ने स्वर्ण पदक जीते थे और अब अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद दोनों ‘अमर उजाला’ से बोलीं कि पानीपत के खिलाड़ी बिना मेडल के वापस नहीं आते हैं। वे बोलीं- पानीपत के खिलाड़ियों की खासियत है कि वह इंटरनेशनल चैंपियनशिप में जाते हैं तो बिना पदक के वापस नहीं आते। चाहे ओलंपिक हो या वर्ल्ड चैंपियनशिप।
दोनों बेटियां आज लौटेंगी भारत
बेलग्रेड में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने के बाद निशा और राधिका आज भारत वापस आएंगी। दिल्ली में स्वागत किए जाने के बाद उनका पानीपत में स्वागत किया जाएगा। राधिका और निशा ने बताया कि घर आने के बाद ही वह नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप की तैयारी में जुट जाएंगी।

राधिका।- फोटो : Panipat