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परिवारों पर टूटा पहाड़, हादसे पर उठाए सवाल
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पानीपत। दिल्ली पैरलल नहर से बाहर निकाली गई कार ।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। गांव बुडशाम के पास दिल्ली पैरलल नहर में कार गिरने से तीन नौजवानों की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे के बाद उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरी ओर परिजनों ने हादसे पर सवाल भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कार सीधी नहर में गिरी तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त कैसे हो गई। परिजनों का कहना था कि महज सात मिनट में सब कैसे हुआ, यह जांच का विषय है।
हादसे में जान गंवाने वाले चंडीगढ़ स्थित मनीमाजरा निवासी 20 वर्षीय दुशाल सैनी तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। परिवार में कमाने वाला भी वही था। हादसे में उसकी मौत की खबर के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। उनके सामने घर चलाने का संकट भी खड़ा हो गया है। पानीपत पहुंचे परिजनों ने बताया कि दुशाल ने तीन माह पहले ही पानीपत रिफाइनरी में सेवाएं दे रही आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी ज्वाइन की थी।
उधर, जींद के गांव सिंघाना निवासी 24 वर्षीय विनीत की अप्रैल में शादी थी। वह भी परिवार में कमाने वाला अकेला था। परिवार में शादी की तैयारियां चल रहीं थीं। कई वर्षों के बाद परिवार में शादी होने जा रही थी लेकिन हादसे में विनीत की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
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दूसरी ओर हिसार स्थित गांव दाना खुर्द निवासी 24 वर्ष पवन दो भाइयों में छोटा था। उसने नौ माह पहले पानीपत में ड्यूटी ज्वॉइन की थी। रिफाइनरी में नौकरी मिलने से पूरा परिवार खुश था। परिवार ने इस हादसे में अपना छोटा बेटा खो दिया।
परिजनों ने हादसे पर उठाए सवाल, महज सात मिनट में सब कैसे हुआ
दूसरी ओर परिजनों ने हादसे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कार सीधी नहर में गिरी तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त कैसे हो गई। बुधवार की रात 8:39 बजे पर दुशाल ने राजीव कॉलोनी निवासी मौसी के बेटे विशाल से बात की थी। दुशाल ने बताया था कि वह घर पहुंचने वाले हैं और 8:46 बजे अमित ने अपने पिता को कॉल कर हादसे की जानकारी दी। महज सात मिनट में कार नहर में गिरी, अमित कार का शीशा तोड़कर तैरकर नहर से बाहर भी निकल आया, लोगों को इकट्ठा भी कर दिया और अपने पिता को कॉल कर जानकारी भी दे दी। ऐसे में परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। इसके साथ ही परिजनों ने अस्पताल के बजाय पूरी कार्रवाई समालखा थाने में क्योंकि और शव शुक्रवार की दोपहर ढाई बजे पार्क अस्पताल के शवगृह में रखे रहे।
ऐसे हुआ हादसा
विनीत, दुशाल, पवन व समालखा निवासी अमित बुधवार सुबह अपने दोस्त की शादी में दिल्ली गए थे। वे साढ़े आठ बजे समालखा पहुंच गए थे। बुड़शाम गांव के पास अचानक कार चला रहे अमित ने स्टेरिंग से नियंत्रण खो दिया। वैगनार गाड़ी नहर में जा गिरी। अमित तैरना जानता था। कार नहर में गिरने के बाद अमित खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकला और तैरकर बाहर आ गया। शोर मचाने पर यहां लोग एकत्रित हो गए। लोगों व पुलिस ने एक घंटे में कार को नहर से बाहर निकाल लिया। तब तक तीनों विनित, दुशाल व पवन की मौत हो चुकी थी। ये तीनों कार से बाहर नहीं आ पाए।
पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटनास्थल का भी जायजा लिया जा रहा है। घायल अमित से भी पुलिस ने पूछताछ की है। शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए गए हैं। - नरेंद्र सिंह, एसएचओ समालखा थाना पुलिस
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हादसे में जान गंवाने वाले चंडीगढ़ स्थित मनीमाजरा निवासी 20 वर्षीय दुशाल सैनी तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। परिवार में कमाने वाला भी वही था। हादसे में उसकी मौत की खबर के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। उनके सामने घर चलाने का संकट भी खड़ा हो गया है। पानीपत पहुंचे परिजनों ने बताया कि दुशाल ने तीन माह पहले ही पानीपत रिफाइनरी में सेवाएं दे रही आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी ज्वाइन की थी।
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उधर, जींद के गांव सिंघाना निवासी 24 वर्षीय विनीत की अप्रैल में शादी थी। वह भी परिवार में कमाने वाला अकेला था। परिवार में शादी की तैयारियां चल रहीं थीं। कई वर्षों के बाद परिवार में शादी होने जा रही थी लेकिन हादसे में विनीत की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
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दूसरी ओर हिसार स्थित गांव दाना खुर्द निवासी 24 वर्ष पवन दो भाइयों में छोटा था। उसने नौ माह पहले पानीपत में ड्यूटी ज्वॉइन की थी। रिफाइनरी में नौकरी मिलने से पूरा परिवार खुश था। परिवार ने इस हादसे में अपना छोटा बेटा खो दिया।
परिजनों ने हादसे पर उठाए सवाल, महज सात मिनट में सब कैसे हुआ
दूसरी ओर परिजनों ने हादसे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कार सीधी नहर में गिरी तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त कैसे हो गई। बुधवार की रात 8:39 बजे पर दुशाल ने राजीव कॉलोनी निवासी मौसी के बेटे विशाल से बात की थी। दुशाल ने बताया था कि वह घर पहुंचने वाले हैं और 8:46 बजे अमित ने अपने पिता को कॉल कर हादसे की जानकारी दी। महज सात मिनट में कार नहर में गिरी, अमित कार का शीशा तोड़कर तैरकर नहर से बाहर भी निकल आया, लोगों को इकट्ठा भी कर दिया और अपने पिता को कॉल कर जानकारी भी दे दी। ऐसे में परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। इसके साथ ही परिजनों ने अस्पताल के बजाय पूरी कार्रवाई समालखा थाने में क्योंकि और शव शुक्रवार की दोपहर ढाई बजे पार्क अस्पताल के शवगृह में रखे रहे।
ऐसे हुआ हादसा
विनीत, दुशाल, पवन व समालखा निवासी अमित बुधवार सुबह अपने दोस्त की शादी में दिल्ली गए थे। वे साढ़े आठ बजे समालखा पहुंच गए थे। बुड़शाम गांव के पास अचानक कार चला रहे अमित ने स्टेरिंग से नियंत्रण खो दिया। वैगनार गाड़ी नहर में जा गिरी। अमित तैरना जानता था। कार नहर में गिरने के बाद अमित खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकला और तैरकर बाहर आ गया। शोर मचाने पर यहां लोग एकत्रित हो गए। लोगों व पुलिस ने एक घंटे में कार को नहर से बाहर निकाल लिया। तब तक तीनों विनित, दुशाल व पवन की मौत हो चुकी थी। ये तीनों कार से बाहर नहीं आ पाए।
पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटनास्थल का भी जायजा लिया जा रहा है। घायल अमित से भी पुलिस ने पूछताछ की है। शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए गए हैं। - नरेंद्र सिंह, एसएचओ समालखा थाना पुलिस