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मतलौडा: डेरे में सो रहे साधु की पीट पीटकर की हत्या
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मतलौडा। गांव शेरा स्थित डेरे में सो रहे साधु की हमलावर ने लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर साला पारिवारिक विवाद में परिवार त्यागकर साधु बने जीजा को पीटने के लिए था, लेकिन कुटिया के अंदर चारपाई पर लेटे दूसरे साधु पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसा दीं। उधर, कुछ लोगों का कहना है कि जीजा के साथ झगड़े के दौरान बीच में आने पर साधु की हत्या कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साधु को सिविल अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों उसे मृत घोषित करते हुए शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत के ज्याणी गांव के रामपाल कुछ वर्ष पहले अपने परिवार को त्यागकर साधु बन गए। उसने अपना नाम बदलकर रामपालनाथ कर लिया और गांव शेरा में बाबा मुकेशनाथ के डेरे पर रहने लगा। उसके तीन बच्चे हैं और मतलौडा के गांव खंडरा में उसकी ससुराल है। पत्नी और बच्चों को छोड़ने से उसके ससुराल वाले नाराज चल रहे थे। डेरा प्रमुख शक्तिनगर निवासी मुकेशनाथ ने बताया कि रविवार सुबह साढ़े पांच बजे रामपाल का साला गांव खंडरा निवासी महेंद्र ठेके पर पहुंचा। इस दौरान वह धर्मगढ़ स्थित अपने दूसरे डेरे पर गए थे और गांव शेरा के डेरे पर सेवानाथ (65) और रामपालनाथ थे। महेंद्र ने आते ही रामपालनाथ के साथ मारपीट की। इतने में सेवानाथ बीच में आ गया और उसने झगड़ा शांत कराया। महेंद्र जान से मारने की धमकी देकर मौके से चला गया, लेकिन सुबह करीब साढ़े सात बजे फिर लौटा। उसने आते ही कुटिया में चारपाई पर सो रहे सेवानाथ पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी।
कुछ लोगों का कहना है कि महेंद्र ने रामपालनाथ के धोखे में सेवानाथ पर हमला किया, जबकि कुछ का कहना है कि जीजा के साथ झगड़े में बीचबचाव करने पर हत्या की है। हालांकि पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया। सेवानाथ डेरे पर करीब डेढ़ महीने से रह रहा था।
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जीजा को मारने आया था आरोपी : एसएचओ
आरोपी अपने साधु जीजा को मारने आया था, लेकिन दूसरा साधु मारा गया। दूसरे साधु ने अपने साथी को बचाने का प्रयास भी किया था। आरोपी पर केस दर्ज कर उसकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
- सुनील कुमार, थाना प्रभारी, मतलौडा
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सोनीपत के ज्याणी गांव के रामपाल कुछ वर्ष पहले अपने परिवार को त्यागकर साधु बन गए। उसने अपना नाम बदलकर रामपालनाथ कर लिया और गांव शेरा में बाबा मुकेशनाथ के डेरे पर रहने लगा। उसके तीन बच्चे हैं और मतलौडा के गांव खंडरा में उसकी ससुराल है। पत्नी और बच्चों को छोड़ने से उसके ससुराल वाले नाराज चल रहे थे। डेरा प्रमुख शक्तिनगर निवासी मुकेशनाथ ने बताया कि रविवार सुबह साढ़े पांच बजे रामपाल का साला गांव खंडरा निवासी महेंद्र ठेके पर पहुंचा। इस दौरान वह धर्मगढ़ स्थित अपने दूसरे डेरे पर गए थे और गांव शेरा के डेरे पर सेवानाथ (65) और रामपालनाथ थे। महेंद्र ने आते ही रामपालनाथ के साथ मारपीट की। इतने में सेवानाथ बीच में आ गया और उसने झगड़ा शांत कराया। महेंद्र जान से मारने की धमकी देकर मौके से चला गया, लेकिन सुबह करीब साढ़े सात बजे फिर लौटा। उसने आते ही कुटिया में चारपाई पर सो रहे सेवानाथ पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी।
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कुछ लोगों का कहना है कि महेंद्र ने रामपालनाथ के धोखे में सेवानाथ पर हमला किया, जबकि कुछ का कहना है कि जीजा के साथ झगड़े में बीचबचाव करने पर हत्या की है। हालांकि पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया। सेवानाथ डेरे पर करीब डेढ़ महीने से रह रहा था।
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जीजा को मारने आया था आरोपी : एसएचओ
आरोपी अपने साधु जीजा को मारने आया था, लेकिन दूसरा साधु मारा गया। दूसरे साधु ने अपने साथी को बचाने का प्रयास भी किया था। आरोपी पर केस दर्ज कर उसकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
- सुनील कुमार, थाना प्रभारी, मतलौडा