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Panipat News: पारंपरिक हुनर के साथ आधुनिक तकनीक अपनाएं
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई-विकास कार्यालय, करनाल की ओर से बुधवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में मौजूद कारीगरों को पारंपरिक हुनर के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में ब्रांडिंग, पैकेजिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की जानकारी दी गई। इसमें जिले के 85 पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई-विकास कार्यालय के सहायक निदेशक रमेश राजा ने किया और प्रतिभागियों का स्वागत किया। सहायक निदेशक मुकेश वर्मा ने अवसरों और कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी।
एमएसएमई कार्यालय की यंग प्रोफेशनल आरती कानिया ने व्यावसायिक गतिविधियों में एआई के उपयोग और इसकी संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीक की मदद से प्रचार-प्रसार और कार्यकुशलता को बढ़ाया जा सकता है। राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), कुरुक्षेत्र की डॉ. श्रुति तोमर ने उत्पाद की पहचान मजबूत करने के लिए आकर्षक और टिकाऊ पैकेजिंग के महत्व को समझाया।
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डिजिटल द्रोणाचार्य, सोनीपत से आईं गौरी कपूर और आकाश शर्मा ने डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से ऑनलाइन बाजार तक पहुंच बनाने के तरीके बताए। जिला उद्योग केंद्र के आईईओ मयूर ने राज्य सरकार की नीतियों की जानकारी दी। अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) जितेंद्र सिंह ने वित्तीय प्रबंधन और आसान ऋण प्रक्रिया के बारे में बताया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता करमचंद ने उत्पाद डिजाइनिंग और निर्यात के अवसरों पर कारीगरों का मार्गदर्शन किया।
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पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में ब्रांडिंग, पैकेजिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की जानकारी दी गई। इसमें जिले के 85 पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई-विकास कार्यालय के सहायक निदेशक रमेश राजा ने किया और प्रतिभागियों का स्वागत किया। सहायक निदेशक मुकेश वर्मा ने अवसरों और कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी।
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एमएसएमई कार्यालय की यंग प्रोफेशनल आरती कानिया ने व्यावसायिक गतिविधियों में एआई के उपयोग और इसकी संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीक की मदद से प्रचार-प्रसार और कार्यकुशलता को बढ़ाया जा सकता है। राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), कुरुक्षेत्र की डॉ. श्रुति तोमर ने उत्पाद की पहचान मजबूत करने के लिए आकर्षक और टिकाऊ पैकेजिंग के महत्व को समझाया।
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डिजिटल द्रोणाचार्य, सोनीपत से आईं गौरी कपूर और आकाश शर्मा ने डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से ऑनलाइन बाजार तक पहुंच बनाने के तरीके बताए। जिला उद्योग केंद्र के आईईओ मयूर ने राज्य सरकार की नीतियों की जानकारी दी। अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) जितेंद्र सिंह ने वित्तीय प्रबंधन और आसान ऋण प्रक्रिया के बारे में बताया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता करमचंद ने उत्पाद डिजाइनिंग और निर्यात के अवसरों पर कारीगरों का मार्गदर्शन किया।