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Panipat News: भगवान गणपति को होगी भावपूर्ण विदाई, भक्त कर रहे विसर्जन की तैयारी
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पानीपत। देश, प्रदेश सहित जिले में इन दिनों गणेश उत्सव हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। मंदिरों में गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। भीम गोड़ा मंदिर, कांशी गिरी मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, गीता मंदिर, श्री अवध धाम मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर समेत शहर के प्रमुख मंदिरों में नित्य प्रति गणपति बप्पा की पूजा-आराधना व मंगल-आरती की जा रही है। वहीं, मंदिरों में गणेश उत्सव की धूम है। गणेश उत्सव के ये दस दिन बेहद खास होते हैं। इस दौरान लोग भगवान को खुश करने का पूरा प्रयास करते हैं। गणेश जी की पूजा अर्चना करने से उनकी विशेष कृपा बरसती है और हर मनोकामना पूरी होती है।
गणेश महोत्सव के छठे दिन वीरवार को भी श्रद्धालुओं ने गणेश पूजन कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। गणेश चतुर्थी पर गणपति के आगमन के बाद अब श्रद्धालु नियमों का पालन कर गणपति विसर्जन की तैयारी में लगे हैं। अधिकांश लोग गणेश चतुर्थी के दसवें दिन गणपति बप्पा का विसर्जन करते हैं। यह सबसे पारंपरिक तरीका माना जाता है। इस बार अनंत चतुर्दशी 17 सितंबर को है। अनेक श्रद्धालुओं ने अपने घर में बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर उनका स्वागत किया है। वहीं, अनंत चतुर्दशी से पहले भी बप्पा को विदाई दे सकते हैं।
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महिलाएं व बच्चे भी पूजा में लेते हैं हिस्सा : पांचाल
गांव भालसी वासी रोहताश पांचाल ने बताया कि वे पिछले करीब 15 सालों से गणेश महोत्सव मना रहे हैं। गणेश महोत्सव के दौरान उनके घर में जहां महिलाएं कई तरह के भजन गाती हैं तो वहीं छोटे-छोटे बच्चे भी गणपति बप्पा की पूजा अर्चना में हिस्सा लेकर नए संस्कारों को सीखने का प्रयास कर रहे हैं।
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पूजा करने से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा : भीम
गांव लोहारी वासी भीम सिंह का कहना है कि वे पिछले करीब 30 सालों से अपने घर में गणेश महोत्सव मना रही है। गणेश महोत्सव के दौरान पूजा अर्चना करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे अनुभव होता है कि जैसे गणपति बप्पा आसपास ही हैं। जब से गणपति बप्पा की पूजा 10 दिनों तक लगातार करने लगे तो काम भी बनने लगे है।
महसूस हो रही गणपति की कृपा : मलिक
गांव पाथरी वासी सुनील मलिक ने बताया कि जब से गणपति महोत्सव की शुरुआत घर में की गई तो घर में सुख शांति बनी हुई हैं। भगवान गणपति की कृपा हमेशा महसूस होती रहती हैं। ऐसा लगता है जैसे गणपति बप्पा हमेशा सहायता करने के लिए साथ रहते हैं। महोत्सव में 10 दिनों तक भजन गाए जाते हैं और इसके पश्चात मोदक भी बांटे जाते हैं।
गणपति की लीला निराली : जागलान
गांव नौल्था वासी बलबीर जागलान ने बताया कि गणपति बप्पा की लीला ही निराली है। जो भक्त श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की आराधना करता है, उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। हर शुभ कार्य की शुरूआत में गणपति पूजन का विधान भी है। वे करीब 35 वर्षों से नित्य भगवान गणेश की पूजा करते आ रहे हैं।
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गणेश महोत्सव के छठे दिन वीरवार को भी श्रद्धालुओं ने गणेश पूजन कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। गणेश चतुर्थी पर गणपति के आगमन के बाद अब श्रद्धालु नियमों का पालन कर गणपति विसर्जन की तैयारी में लगे हैं। अधिकांश लोग गणेश चतुर्थी के दसवें दिन गणपति बप्पा का विसर्जन करते हैं। यह सबसे पारंपरिक तरीका माना जाता है। इस बार अनंत चतुर्दशी 17 सितंबर को है। अनेक श्रद्धालुओं ने अपने घर में बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर उनका स्वागत किया है। वहीं, अनंत चतुर्दशी से पहले भी बप्पा को विदाई दे सकते हैं।
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महिलाएं व बच्चे भी पूजा में लेते हैं हिस्सा : पांचाल
गांव भालसी वासी रोहताश पांचाल ने बताया कि वे पिछले करीब 15 सालों से गणेश महोत्सव मना रहे हैं। गणेश महोत्सव के दौरान उनके घर में जहां महिलाएं कई तरह के भजन गाती हैं तो वहीं छोटे-छोटे बच्चे भी गणपति बप्पा की पूजा अर्चना में हिस्सा लेकर नए संस्कारों को सीखने का प्रयास कर रहे हैं।
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पूजा करने से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा : भीम
गांव लोहारी वासी भीम सिंह का कहना है कि वे पिछले करीब 30 सालों से अपने घर में गणेश महोत्सव मना रही है। गणेश महोत्सव के दौरान पूजा अर्चना करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे अनुभव होता है कि जैसे गणपति बप्पा आसपास ही हैं। जब से गणपति बप्पा की पूजा 10 दिनों तक लगातार करने लगे तो काम भी बनने लगे है।
महसूस हो रही गणपति की कृपा : मलिक
गांव पाथरी वासी सुनील मलिक ने बताया कि जब से गणपति महोत्सव की शुरुआत घर में की गई तो घर में सुख शांति बनी हुई हैं। भगवान गणपति की कृपा हमेशा महसूस होती रहती हैं। ऐसा लगता है जैसे गणपति बप्पा हमेशा सहायता करने के लिए साथ रहते हैं। महोत्सव में 10 दिनों तक भजन गाए जाते हैं और इसके पश्चात मोदक भी बांटे जाते हैं।
गणपति की लीला निराली : जागलान
गांव नौल्था वासी बलबीर जागलान ने बताया कि गणपति बप्पा की लीला ही निराली है। जो भक्त श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की आराधना करता है, उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। हर शुभ कार्य की शुरूआत में गणपति पूजन का विधान भी है। वे करीब 35 वर्षों से नित्य भगवान गणेश की पूजा करते आ रहे हैं।