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पानीपत के लिंगानुपात में हुआ सुधार, छह माह में 32 अंकों के सुधार के साथ 932 पर पहुंचा
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2017 में लिंगानुपात में पहले स्थान पर व 2018 में टॉन टेन से बाहर होकर 17 वें स्थान पर खिसकने वाले पानीपत ने 2019 की छमाही तक अपनी स्थिति में बेहतर सुधार किया है। जून 2019 तक शहर का लिंगानुपात दिसंबर 2018 से 32 अंक बढ़कर 932 हो गया है। इसको लेकर पानीपत का स्वास्थ्य विभाग खासा उत्साहित है। बताया जा रहा है कि भिवानी, महेंद्रगढ़, जींद व फतेहाबाद ही पानीपत से आगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक प्रदेश की जिले स्तर पर लिंगानुपात की लिस्ट जारी नहीं की है।
पानीपत 2018 में पहले से 17 वे स्थान पर पहुंच गया था। इसको लेकर पानीपत प्रशासन को सरकार ने फटकार भी लगाई थी। 2017 में पानीपत का लिंगानुपात 945 था, जबकि 2018 दिसंबर तक ये घटकर 900 रह गया था। अब ये बढ़कर 932 हो गया है, जोकि स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात है। 22 जनवरी 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी ने पानीपत जिले से ही बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। उस वक्त पानीपत का लिंगानुपात 892 था। 2016 में ये 912, 2017 में 945 व 2018 में घटकर 900 रह गया था। 2017 में प्रदेश में पहले स्थान पर आया और जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सम्मानित भी किया गया।
डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत डॉ. मुनीष गोयल ने बताया कि लिंगानुपात बढ़ाने के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। पहले से लिंगानुपात में सुधार भी हुआ है। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। अब लिंगानुपात 932 है।
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पानीपत 2018 में पहले से 17 वे स्थान पर पहुंच गया था। इसको लेकर पानीपत प्रशासन को सरकार ने फटकार भी लगाई थी। 2017 में पानीपत का लिंगानुपात 945 था, जबकि 2018 दिसंबर तक ये घटकर 900 रह गया था। अब ये बढ़कर 932 हो गया है, जोकि स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात है। 22 जनवरी 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी ने पानीपत जिले से ही बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। उस वक्त पानीपत का लिंगानुपात 892 था। 2016 में ये 912, 2017 में 945 व 2018 में घटकर 900 रह गया था। 2017 में प्रदेश में पहले स्थान पर आया और जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सम्मानित भी किया गया।
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डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत डॉ. मुनीष गोयल ने बताया कि लिंगानुपात बढ़ाने के लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। पहले से लिंगानुपात में सुधार भी हुआ है। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। अब लिंगानुपात 932 है।
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