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आयकर रिटर्न दाखिल को महज तीन दिन, जीएसटी वार्षिक रिटर्न को तीन महीने बढ़े
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आयकर विभाग की ओर से कर निर्धारण वर्ष 2019-20 का रिटर्न दाखिल करने की तिथि एक महीने के लिए बढ़ाई गई थी, जिसके समाप्त होने में महज तीन दिन ही शेष बचे हैं। आपने अभी तक भी अपना रिटर्न नहीं भरा है तो आपके पास यह आखिरी मौका है। आयकर विभाग ने इस तिथि को आगे भी बढ़ाए जाने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में अगर आपने 31 अगस्त की रात 12 बजे तक अपना आयकर रिटर्न नहीं भरा तो जुर्माना भरना पड़ेगा।
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की पानीपत शाखा के सचिव योगेश गोयल ने बताया कि पहले अंतिम तिथि 31 जुुलाई थी, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए इस तिथि को एक महीने के लिए बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया था। इस अंतिम तिथि के समाप्त होने में महज तीन दिन ही शेष हैं। अगर इन तीन दिन के दौरान रिटर्न फाइल नहीं किया जाता है तो कर दाता को जुर्माना भुगतना पड़ेगा। अब अगर करदाता एक सितंबर से 31 दिसंबर रिटर्न फाइल करेगा तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा और इस तिथि पर भी चूक जाने पर कर निर्धारण वर्ष 2019-20 का रिटर्न भरने का वक्त 31 मार्च तक ही रहेगा, लेकिन जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये देनी पड़ेगी। इस तिथि तक भी जुर्माने के साथ रिटर्न दाखिल नहीं करने पर कर निर्धारण वर्ष 2019-20 का रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकेगा और करदाता आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ जाएगा।
- वार्षिक जीएसटी रिटर्न और ऑडिट की तिथि अब 30 नवंबर, व्यापारियों और उद्यमियों को राहत
वार्षिक जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के साथ ही इसके ऑडिट की तिथि को जीएसटी विभाग की ओर से बढ़ा दिया है। जिससे व्यापारियों और उद्यमियों ने राहत की सांस ली हैं। अभी तक इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त थी, जिसे तीन महीने आगे बढ़ाकर अब 30 नवंबर कर दिया गया है। असल में उद्यमियों और व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने में विभाग की वेबसाइट पर तकनीति दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिस पवर यह तिथि बढ़ाई गई है। चार्टर्ड अकाउंटेंट योगेश गोयल ने बताया कि अब 30 नवंबर तक जीएसटी का वार्षिक रिटर्न दाखिल करने के साथ ही ऑडिट हो सकेगा।
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इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की पानीपत शाखा के सचिव योगेश गोयल ने बताया कि पहले अंतिम तिथि 31 जुुलाई थी, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए इस तिथि को एक महीने के लिए बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया था। इस अंतिम तिथि के समाप्त होने में महज तीन दिन ही शेष हैं। अगर इन तीन दिन के दौरान रिटर्न फाइल नहीं किया जाता है तो कर दाता को जुर्माना भुगतना पड़ेगा। अब अगर करदाता एक सितंबर से 31 दिसंबर रिटर्न फाइल करेगा तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा और इस तिथि पर भी चूक जाने पर कर निर्धारण वर्ष 2019-20 का रिटर्न भरने का वक्त 31 मार्च तक ही रहेगा, लेकिन जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये देनी पड़ेगी। इस तिथि तक भी जुर्माने के साथ रिटर्न दाखिल नहीं करने पर कर निर्धारण वर्ष 2019-20 का रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकेगा और करदाता आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ जाएगा।
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- वार्षिक जीएसटी रिटर्न और ऑडिट की तिथि अब 30 नवंबर, व्यापारियों और उद्यमियों को राहत
वार्षिक जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के साथ ही इसके ऑडिट की तिथि को जीएसटी विभाग की ओर से बढ़ा दिया है। जिससे व्यापारियों और उद्यमियों ने राहत की सांस ली हैं। अभी तक इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त थी, जिसे तीन महीने आगे बढ़ाकर अब 30 नवंबर कर दिया गया है। असल में उद्यमियों और व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने में विभाग की वेबसाइट पर तकनीति दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिस पवर यह तिथि बढ़ाई गई है। चार्टर्ड अकाउंटेंट योगेश गोयल ने बताया कि अब 30 नवंबर तक जीएसटी का वार्षिक रिटर्न दाखिल करने के साथ ही ऑडिट हो सकेगा।
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