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Panipat News: सरकार ने नहीं किया भुगतान, अब निजी अस्पतालों का इलाज से इंकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2024 01:54 AM IST
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Government did not pay, now private hospitals refuse treatment
पानीपत। औद्योगिक नगरी में चिरायु योजना के पात्र लाखों लोगों को स्वास्थ्य की चिंता बढ़ गई है। 15 अगस्त 2023 को 1500 रुपये वार्षिक अंशदान के साथ 1.34 लाख लोगों को योजना का पात्र बनाया गया था। जबकि इससे पहले चार लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बने हैं। अब निजी अस्पतालों ने सरकार की ओर से बकाया भुगतान नहीं होने पर 15 मार्च के बाद इन पात्रों को योजना के तहत इलाज देने से इंकार कर दिया है।
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दरअसल, सरकार की ओर से पिछले चार माह से निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे निजी अस्पतालों के संचालक नाराज हैं और अब योजना के तहत मरीजों के इलाज से हाथ खड़े कर दिए हैं। योजना के तहत जिले के 54 अस्पतालों का 25 करोड़ रुपये सरकार की ओर बकाया है। प्रदेश में 575 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं। डॉक्टरों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 15 मार्च तक बकाया पैसों का भुगतान नहीं हुआ तो वो आयुष्मान योजना के तहत बने पात्रों का इलाज बंद कर देंगे। यही नहीं आयुष्मान योजना के तहत 15 अगस्त 2023 से पहले जिले में 472078 लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं। इन पात्रों का भी योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज बंद कर दिया जाएगा।
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अब तक 46 हजार लोगों को मिला लाभ-

चिरायु आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 46 हजार लोगों को अब तक इलाज मिला है। सरकार ने इन लोगों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को 79 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस योजना के तहत 500 से अधिक ह्दय रोगियों को इलाज मिला है। जिले के 54 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं।
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आयुष्मान मित्राें काे आज भी मानदेय पांच हजार-
आयुष्मान याेजना में ताे हर साल विस्तार हाेता आ रहा है लेकिन इस याेजना में कड़ी का काम करने वाले आयुष्मान मित्र का आज तक मानदेय नहीं बढ़ा है। आयुष्मान मित्र नया आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर मरीज के इलाज का पैसा क्लेम कराने तक का कार्य करता है। इसके बावजूद सरकार ने आज तक उनका मानदेय नहीं बढ़ाया है। पानीपत में पांच आयुष्मान मित्र सहित प्रदेश में करीबन 200 आयुष्मान मित्र हैं। ये आज भी पांच हजार रुपये में काम कर रहे हैं। इसके लिए वाे कई बार पंचकूला मुख्यालय में अधिकारियाें से लेकर मंत्रियाें काे अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं।



गोल्डन कार्ड बनाने वाले टॉप 10 जिले-

जिला कार्ड



हिसार 918962



करनाल 754597



यमुनानगर 646252



जींद 639702



सिरसा 627504



पानीपत 612206



भिवानी 610830



सोनीपत 573345



कैथल 539467



कुरुक्षेत्र 495886



15 मार्च के बाद आयुष्मान योजना के तहत बने पात्रों को भी नहीं मिलेगा इलाज : डॉ. अनिल

सरकार पर निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपये बकाया है। इसके लिए सरकार से कई बार मांग की जा चुकी है पर अब तक बकाया भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में आईएमए की प्रदेश बॉडी के निर्देशों पर चिरायु योजना के पात्रों का इलाज बंद करने का फैसला लिया गया है। अब 15 मार्च के बाद आयुष्मान योजना के पात्रों का इलाज भी बंद कर दिया जाएगा।

डॉ. अनिल मितल, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन


ये योजना पात्रों के लिए वरदान : सिविल सर्जन

जिले में गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र भी चिरायु योजना के पैनल पर आ चुके हैं। जिले में अब तक 612206 पात्रों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। अब तक लगभग 79 करोड़ रुपये का पात्र इलाज ले चुके हैं। ये योजना पात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।


डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन पानीपत।
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