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Panipat News: वर्किंग वुमन और लेबर हॉस्टल समेत चार बड़े प्रोजेक्ट से बदलेगी शहर की सूरत
Tue, 28 Apr 2026 03:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 28 Apr 2026 03:04 AM IST
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पानीपत। वर्किंग वुमन हॉस्टल, लेबर हॉस्टल, वृद्धा आश्रम और अनाथ आश्रम से शहर की सूरत बदलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चारों प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। ये चारों प्रोजेक्ट कच्चा कैंप स्थित आईटीआई में बनाए जाएंगे। पहले इनको पुराना औद्योगिक क्षेत्र स्थित पुरानी कोर्ट में बनाने का प्रस्ताव था।
एचएसआईआईडी ने इनके लिए जमीन देने से मना कर दिया था। ऐसे में जमीन तलाश कर नए सिरे से योजना बनाई गई। चारों में से वुमन हॉस्टल और लेबर हॉस्टल से बड़े वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। शहर में करीब 37 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं। करीब साढ़े तीन लाख श्रमिक हैं। इनको बाहर लेबर कॉलोनी या फिर फैक्टरी के क्वार्टर में रहना पड़ता है। वहीं महिला कर्मियों को बाहर पीजी में रहना पड़ता है। इसके लिए उनको काफी खर्च उठाना पड़ता है। इनके लिए महिला हॉस्टल और लेबर हॉस्टल बनाने की दिशा में काम शुरू किया था।
पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने बताया कि वर्किंग वुमन हॉस्टल महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। देर रात तक औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान होगा। लेबर हॉस्टल श्रमिकों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगा। वृद्धाश्रम वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त आश्रय रहेगा। अनाथ आश्रम में जरूरतमंद लड़कियों और लड़कों के लिए बनाया जाएगा। चारों प्रोजेक्ट कच्चा कैंप की आईटीआई में बनाए जाएंगे। चारों हॉस्टल सर्व सुविधा युक्त होंगे। उन्होंने इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
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- श्रमिकाें के लिए होनी चाहिए सुविधा
सीटू के वरिष्ठ सदस्य सुनील दत्त ने बताया कि औद्योगिक नगरी में श्रमिकों की सुविधाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं था। अब लेबर हॉस्टल बनने से दूसरे प्रदेश व जिलों से आए श्रमिकों को एक ठिकाना मिलेगा। वर्किंग वुमन हॉस्टल से बाहर की कामकाजी महिलाओं को आश्रय मिलेगा।
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एचएसआईआईडी ने इनके लिए जमीन देने से मना कर दिया था। ऐसे में जमीन तलाश कर नए सिरे से योजना बनाई गई। चारों में से वुमन हॉस्टल और लेबर हॉस्टल से बड़े वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। शहर में करीब 37 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं। करीब साढ़े तीन लाख श्रमिक हैं। इनको बाहर लेबर कॉलोनी या फिर फैक्टरी के क्वार्टर में रहना पड़ता है। वहीं महिला कर्मियों को बाहर पीजी में रहना पड़ता है। इसके लिए उनको काफी खर्च उठाना पड़ता है। इनके लिए महिला हॉस्टल और लेबर हॉस्टल बनाने की दिशा में काम शुरू किया था।
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पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने बताया कि वर्किंग वुमन हॉस्टल महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। देर रात तक औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान होगा। लेबर हॉस्टल श्रमिकों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगा। वृद्धाश्रम वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त आश्रय रहेगा। अनाथ आश्रम में जरूरतमंद लड़कियों और लड़कों के लिए बनाया जाएगा। चारों प्रोजेक्ट कच्चा कैंप की आईटीआई में बनाए जाएंगे। चारों हॉस्टल सर्व सुविधा युक्त होंगे। उन्होंने इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
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- श्रमिकाें के लिए होनी चाहिए सुविधा
सीटू के वरिष्ठ सदस्य सुनील दत्त ने बताया कि औद्योगिक नगरी में श्रमिकों की सुविधाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं था। अब लेबर हॉस्टल बनने से दूसरे प्रदेश व जिलों से आए श्रमिकों को एक ठिकाना मिलेगा। वर्किंग वुमन हॉस्टल से बाहर की कामकाजी महिलाओं को आश्रय मिलेगा।