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Panipat News: पूर्व चेयरपर्सन ने उठाए सवाल, चेयरपर्सन रहीं चुप, पति देते रहे जवाब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2024 02:11 AM IST
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Former chairperson raised questions, chairperson remained silent, husband kept giving answers
पानीपत। जिला परिषद की चेयरपर्सन बदलने के बाद करीब साढ़े पांच महीने बाद हुई बैठक में प्रस्ताव और विकास कार्यों पर खूब सवाल उठे और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए गए। पूर्व चेयरपर्सन ज्योति शर्मा ने स्ट्रीट लाइटों के प्रस्ताव पर सवाल उठाए, वहीं वार्ड-15 की पार्षद के प्रतिनिधि ने विकास कार्यों में अनदेखी बरतने के आरोप लगाए। एजेंडों पर डेढ़ घंटे चली बैठक में चेयरपर्सन काजल देशवाल केवल पार्षदों और अन्य की बातों को सुनती रहीं। वे एक बार भी नहीं बोलीं। चेयरपर्सन के पति संदीप देशवाल ने नीचे अलग से मेज और कुर्सी लगवाकर सदन को संभाला। यहां पार्षदों के सवालों के जवाब उन्होंने ही दिए। वार्ड-15 की पार्षद पति और चेयरपर्सन के पति के बीच इस दौरान नोक-झोंक तक हो गई।
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जिला सचिवालय के द्वितीय तल स्थित सभागार में दोपहर बाद दो बजे बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जिला परिषद की चेयरमैन काजल देशवाल और संचालन जिला परिषद के सीईओ नरेंद्र पाल मलिक ने किया। इसमें 11 सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा की गई। एजेंडों की ज्यादातर मांगों पर सभी पार्षदों ने सहमति प्रकट की। शुरुआत में बैठक शांतिपूर्वक चली। कुछ देर बाद चेयरपर्सन, अधिकारियों व पार्षदों में किसी बात पर विवाद शुरू हो गया। लगभग डेढ़ घंटा चली बैठक में चेयरपर्सन काजल एक बार भी नहीं बोलीं।उनके पति संदीप उनकी ओर से पार्षदों के सवालों का जवाब देते रहे। संदीप बार बार पत्नी चेयरपर्सन को उनके पास जाकर सलाह देते रहे। बैठक में वार्ड-15 की पार्षद के प्रतिनिधि जसबीर कादियान के साथ चेयरपर्सन पति संदीप की बहस भी हुई। जसबीर कादियान का आरोप था कि उनके विकास कार्य नहीं करवाए जा रहे हैं।
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इस मौके पर डीडीपीओ मनीष, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता प्रदीप, जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता अमरेंद्र, डिप्टी सीईओ कंचन, कृषि विभाग के एसडीओ देवेंद्र कुहाड़, बीडीपीओ इसराना विवेक, बीडीपीओ समालखा नितिन, बीडीपीओ सनौली शक्ति सिंह, डीपीओ मुनतीज आलम व मनरेगा अधिकारी रणसिंह मान मौजूद रहे।
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अधिकारियों के न पहुंचने का उठा मुद्दा

बैठक में कई विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। इस पर पार्षदों ने कड़ा एतराज जताया और नोटिस जारी करने की मांग की। पार्षद अपने और सरपंचों के बीच चल रहे विवादों पर बोलते रहे। पार्षदों का आरोप था कि सरपंच उनके प्रस्ताव को पास नहीं करवा रहे हैं। वह मनरेगा के तहत एक रास्ते का भी निर्माण नहीं करवा सकते। वह लोगों के काम नहीं करवा पा रहे हैं। इसलिए वह लोगों के बीच जाने से भी हिचक रहे हैं।


बैठक में जिला पार्षदों ने जिले में एक हजार सोलर लाइट लगवाने का प्रस्ताव पास किया। इस पर पूर्व चेयरपर्सन ज्योति शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रस्ताव के बारे में उनसे चर्चा नहीं की गई है। उन्हें बताया जाए कि किस वार्ड में कितनी लाइट लगेंगी। क्या चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन के वार्ड में ज्यादा लाइट लगेंगी। किस आधार पर यहां एक हजार लाइट लगाई जा रही है।



कूड़ा उठाने के लिए 35 ई-रिक्शा खरीदने के प्रस्ताव पर भी पार्षद प्रतिनिधि जसवीर कादियान ने एतराज जताया। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा कूड़ा उठाने के लिए नाकाफी हैं। इसलिए सभी वार्डों के लिए एक-एक ट्रैक्टर मंजूर किया जाए। इस पर पार्षदों ने सहमति जताई। जसबीर कादियान ने आरोप लगाए कि उनके प्रस्ताव पर काम नहीं किया जाता। ऐसे में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। जिला परिषद स्कूल कार्यों में पैसा लगाकर पैसे बर्बाद कर रही है । जबकि स्कूलों में पैसे लगाने का काम शिक्षा विभाग का होता है। इस पर चेयरपर्सन के पति संदीप भड़क गए। उन्होंने कहा कि वह बच्चों के भले के लिए ऐसा कर रहे हैं।

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वाइस चेयरमैन बोले : उगाही करने वाले पार्षद पर होगी कार्रवाई



बैठक में प्रदूषण नियंत्रण, खनन नियंत्रण और स्कूल हेल्थ पर प्रस्ताव पास किया जाना था। इस प्रस्ताव के लिए एक कमेटी का गठन करने पर सहमति बनी। वाइस चेयरमैन आर्य सुरेश मलिक ने कहा कि ऐसा न हो कि जो कमेटी बनाई जाए, उसी के सदस्य भ्रष्टाचार में शामिल हो जाएं। कमेटी में ईमानदार और उगाही न करने वाले पार्षदों को शामिल किया जाए। अगर कोई पार्षद उगाही करते मिलेगा तो उस पर कार्रवाई होगी।


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जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता से उलझे पार्षद



बैठक में वाइस चेयरमैन और पार्षद जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता अमरेंद्र के साथ उलझ गए। उन्होंने आरोप लगाए कि एक्सईएन की टेबल से उनके काम नहीं हो रहे हैं। वह पार्षदों के फोन का जवाब तक नहीं देते हैं। जो भी काम लंबित है वह एक्सईएन बैठक में बताए कि काम क्या नहीं हो रहे हैं। इस पर एक्सईएन चुप्पी साध गए।

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यह प्रस्ताव किए गए पास



- राज्य वित्त आयोग गारंटी की प्रगति ।



-15 वित्त आयोग ग्रांट की प्रगति।


- वर्ष 2025 26 की जेडपीडीपी में करवाए जाने वाले विकास कार्यों का प्लान।


- 15 वे वित्त आयोग ग्रांट के अंतर्गत 1000 सोलर स्ट्रीट लाइट लगेंगी।



- 15 वे वित्त आयोग ग्रांट के अंतर्गत टाइड ग्रांट से कूड़ा उठाने के लिए 35 ई रिक्शा या ट्रैक्टर खरीदे जाएंगे।



- प्रदूषण नियंत्रण खनन नियंत्रण और स्कूल हेल्थ के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा।



- मनरेगा योजना के तहत पास पार्षदों की मांगों की प्रगति के लिए और पार्षदों की मांगों को प्राथमिकता दी जाएगी।


- प्रधान जिला परिषद पानीपत नई सरकारी गाड़ी खरीदी जाएगी।


- बस क्यू शैल्टर लगवाने का प्रस्ताव।



- परिवार पहचान पत्र की समस्या के निवारण के लिए।
- अन्य प्रस्ताव।
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