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Panipat News: दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राज्य स्तरीय खिलाड़ी को सुधार का मौका

Tue, 22 Sep 2026 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Tue, 22 Sep 2026 02:26 AM IST
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State-level athlete accused of attempted rape given a chance at rehabilitation.
माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, पानीपत ने दुष्कर्म के प्रयास के मामले में आरोपी नाबालिग को छह माह के प्रोबेशन पर भेजकर सुधार का अवसर दिया है। आरोपी करीब छह माह न्यायिक हिरासत में रह चुका है। बोर्ड ने उसकी कम उम्र, पढ़ाई और राज्य स्तरीय खेल उपलब्धि को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया।
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साथ ही पीड़िता को जिला विधिक
सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से तीन लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान किया है। मामला सेक्टर 13-17 थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने 24 अक्तूबर 2025 को पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि पड़ोस में रहने वाला नाबालिग उनकी बेटी को यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसके पिता उसे बुला रहे हैं।
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आरोप है कि इसके बाद सुनसान स्थान पर उसने बेटी के साथ दुष्कर्म
का प्रयास किया। विरोध के दौरान बेटी को चोट भी लगी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक युवक ने आरोपी को डांटकर वहां से भगा दिया। घर पहुंचने पर बेटी ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया था।
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छह माह तक प्रोबेशन अधिकारी रखेंगे नजर : बोर्ड ने आरोपी को सख्त हिदायत के साथ छह माह के प्रोबेशन पर भेजा है। इस अवधि में प्रोबेशन अधिकारी उसके आचरण, गतिविधियों और चाल-चलन पर नजर रखेंगे।
आदेश के अनुसार, यदि वह इस दौरान किसी आपराधिक या असामाजिक गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो प्रोबेशन रद्द कर उसे वापस बुलाया जा सकता है। वहीं, छह माह की अवधि में आचरण संतोषजनक रहने पर प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर मामले का निपटारा किया जाएगा।
पीड़िता के बयान को बनाया मुख्य आधार
सुनवाई के दौरान घटना के समय मौके पर पहुंचे युवक को गवाह बनाया गया था, लेकिन वह गवाही देने नहीं पहुंचा। इसके बाद बोर्ड ने पीड़िता के बयानों को मुख्य आधार मानते हुए अदालत ने यह आदेश दिया।

पढ़ाई और खेल कॅरिअर को ध्यान में रखकर फैसला
प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा, सदस्य आशिमा कौशिक और अशोक कुमार की पीठ ने पाया कि आरोपी नौवीं कक्षा का छात्र है और राज्य स्तर पर खेल चुका है। बोर्ड ने आदेश में कहा कि खिलाड़ी राज्य और देश का नाम रोशन करने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं। आरोपी की कम उम्र, पढ़ाई और खेल कॅरिअर को ध्यान में रखते हुए उसे सुधार का अवसर देना उचित होगा।
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