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Panipat News: कामर्शियल सहायक पर लगाया पांच हजार का जुर्माना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2024 06:36 AM IST
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Five thousand rupees fine imposed on commercial assistant
पानीपत। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में कार्यरत कमर्शियल सहायक (सीए) पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने यह जुर्माना अधिसूचित सेवा निर्धारित समय सीमा में न देने और काम में ढिलाई बरतने के कारण लगाया है।
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प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता सत्या देवी जिंदल ने बिंलिग और खराब मीटर से संबंधित शिकायत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम पानीपत में भेजी थी। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई 2023 से लेकर 22 जनवरी 2024 के बीच उपभोक्ता का मीटर खराब था। इस अवधि के दौरान उसे एवी बेसिस (लगभग 2272 यूनिट) पर बिल दिया गया। जबकि उपभोक्ता का खराब मीटर 21 जनवरी 2024 को स्मार्ट मीटर से बदल दिया गया था।
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इसके अलावा 09 फरवरी 2024 को उपभोक्ता को एक बिल प्राप्त हुआ जिसमें पहले जारी किए गए औसत बिल के बदले 16,487.87 रुपये का बिल बनाकर भेजा गया। इसी बिल के आधार पर उपभोक्ता ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा, आयोग के हस्तक्षेप के बाद सीए ने माना कि एवी आधार पर उपभोक्ता से 2272 यूनिट का शुल्क लिया जा रहा था। जो उसकी औसत खपत को देखते हुए अधिक था। जबकि उसका ये बिल 290 यूनिट होना चाहिए था। इसके आधार पर, उपभोक्ता के बिल को पीवाईएम के आधार पर दुरुस्त करके 7,245 रुपये का औसत बिल बनाकर उपभोक्ता को भेजा गया।
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चूंकि आयोग उपरोक्त प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं था। इसलिए आगे की जांच के लिए आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता के समक्ष सुनवाई निर्धारित की गई थी। जांच के बाद निगम ने उपभोक्ता के 7,245 रुपये वाले बिल दुरुस्त करके दोबारा औसत बिल 5,350 रुपये का बिजली बिल बनाया गया।




आयोग ने जांच में पाया कि इस मामले में विभिन्न स्तर पर ढिलाई बरती गई। उपभोक्ता को कई परेशानी का सामना करना पडा। इस संबंध में आयोग ने अधीक्षक अभियंता को निर्देश दिए कि वे सीए सेवा राम के वेतन में से आठ हजार रुपये की कटौती की जाए। जिसमें पांच हजार रुपये राज्य खजाने में जमा करवाकर रसीद सहित आयोग को सूचित किया जाए। इसके अलावा शिकायतकर्ता सत्या देवी जिंदल के बैंक खाते में तीन हजार रुपये बतौर मुआवजा जमा करवाया जाए।
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