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Panipat News: किसानों को स्वामीनाथन रिपोर्ट व एमएसपी की दरकार
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पानीपत। पिछले पांच सालों से किसान एमएसपी की गारंटी को लेकर आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान 750 किसानों की मौत भी हुई। सरकार ने एमएसपी गारंटी का आश्वासन तो दिया लेकिन इसका नोटिफिकेश जारी नहीं हुआ। किसान हर बार स्वामीनाथन रिपोर्ट को मुद्दा बनाते हैं लेकिन सरकार द्वारा इसको पूरा नहीं किया जाता। हर वर्ग की समय समय पर आय बढ़ती है लेकिन किसान की उम्मीद के अनुसार आय नहीं बढ़ती। इसको लेकर किसानों में अक्सर रोष रहता है। किसान कर्ज से भी परेशान हैं। सनौली क्षेत्र में पिछले साल आई बाढ़ में 850 एकड़ में खड़ी फसल तबाह हो गई थी। अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला। किसान पिछले कुछ सालों से हताश ही नजर आया। इस चुनाव में भी किसान राजनैतिक पार्टियों का सबसे बड़ा मुद्दा है।
फोटो कॉटस-
किसानों का कोई नहीं सोचता भला
किसान जोगेंद्र सिंह नैन ने बताया कि सालों से किसान अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है लेकिन किसानों का भला कोई नहीं सोचता। किसान आर्थिक तंगी में जीवन व्यतीत करता है। किसानों पर सिर्फ राजनीति की जाती है।
फोटो कॉटस-
एमएसपी की गारंटी के लिए वर्षों से कर रहे आंदोलन
- बलवीर जागलान ने बताया कि पूरे देश का पेट किसान भरता है लेकिन सरकारों ने किसानों को लेकर कोई कल्याणकारी नीतियां नहीं बनाई। किसान स्वामीनाथन रिपोर्ट व एमएसपी की गारंटी के लिए वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार पर जूं नहीं रेंगी। सरकार को निश्चित तौर पर किसानों का भला सोचना चाहिए।
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फोटो कॉटस-
किसान को सिर्फ वोटबैंक मानती हैं पार्टियां
- किसान भीम रोजड़ा ने बताया कि को राजनीतिक पार्टियां किसानों को सिर्फ वोटबैंक मानती हैं। असल में किसान के बारे में नहीं सोचा जाता। किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाता है। कर्ज में डूब जाता है। किसान की आय दोगुनी करने का प्रलोभन दिया जाता है लेकिन यह झूठ साबित होता है। किसान बहुत परेशान है।
फोटो कॉटस-
शिकायत के बाद हक से वंचित
किसान गणपत नैन ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा रोजगार कृषि क्षेत्र ही देता है लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए कल्याणकारी नीतियां नहीं होती। दिन रात खेत में काम करके भी किसान अपने परिवार का गुजारा नहीं कर पाता। लाखों शिकायतों के बाद भी किसान अपने हक से वंचित रहता है।
फोटो कॉटस-
किसानों की हमेशा होती है उपेक्षा
- बिट्टू कारल ने कहा कि 750 किसानों की आंदोलन में मौत हुई। एमएसपी गारंटी कानून के झूठे आश्वासन दिए गए। महंगाई आसमान छू रही है। किसान की आय नहीं बढ़ी। पूरा देश किसान पर आश्रित है लेकिन किसान की हमेशा ही उपेक्षा हुई है।
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किसानों का कोई नहीं सोचता भला
किसान जोगेंद्र सिंह नैन ने बताया कि सालों से किसान अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है लेकिन किसानों का भला कोई नहीं सोचता। किसान आर्थिक तंगी में जीवन व्यतीत करता है। किसानों पर सिर्फ राजनीति की जाती है।
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एमएसपी की गारंटी के लिए वर्षों से कर रहे आंदोलन
- बलवीर जागलान ने बताया कि पूरे देश का पेट किसान भरता है लेकिन सरकारों ने किसानों को लेकर कोई कल्याणकारी नीतियां नहीं बनाई। किसान स्वामीनाथन रिपोर्ट व एमएसपी की गारंटी के लिए वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार पर जूं नहीं रेंगी। सरकार को निश्चित तौर पर किसानों का भला सोचना चाहिए।
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किसान को सिर्फ वोटबैंक मानती हैं पार्टियां
- किसान भीम रोजड़ा ने बताया कि को राजनीतिक पार्टियां किसानों को सिर्फ वोटबैंक मानती हैं। असल में किसान के बारे में नहीं सोचा जाता। किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाता है। कर्ज में डूब जाता है। किसान की आय दोगुनी करने का प्रलोभन दिया जाता है लेकिन यह झूठ साबित होता है। किसान बहुत परेशान है।
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शिकायत के बाद हक से वंचित
किसान गणपत नैन ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा रोजगार कृषि क्षेत्र ही देता है लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए कल्याणकारी नीतियां नहीं होती। दिन रात खेत में काम करके भी किसान अपने परिवार का गुजारा नहीं कर पाता। लाखों शिकायतों के बाद भी किसान अपने हक से वंचित रहता है।
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किसानों की हमेशा होती है उपेक्षा
- बिट्टू कारल ने कहा कि 750 किसानों की आंदोलन में मौत हुई। एमएसपी गारंटी कानून के झूठे आश्वासन दिए गए। महंगाई आसमान छू रही है। किसान की आय नहीं बढ़ी। पूरा देश किसान पर आश्रित है लेकिन किसान की हमेशा ही उपेक्षा हुई है।